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बसई में उप स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल
Updated Thu, 17 May 2018 12:28 AM IST
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शिक्षामंत्री की घोषणा के बाद भी नहीं हुआ अस्पताल का जीर्णोद्धार
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़ (आकोदा)। दो वर्ष पहले शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा के घोषणा करने के बाद भी गांव बसई का उपस्वास्थ्य केंद्र 50 बेड का नहीं बन पाया हैै। 50 बेड का अस्पताल बनना तो दूर यह उप स्वास्थ्य खुद ही बीमार हो गया है। चालीस हजार लोगों के लिए बने इस उप स्वास्थ्य केंद्र का भवन जर्जर हो गया है। वहीं, दवाइयां और एंबुलेंस सुविधाएं भी नहीं उपलब्ध हैं जिसकी वजह से ग्रामीणों को 15 किलोमीटर दूर महेंद्रगढ़ जाकर इलाज करवाना पड़ रहा है।
गांव के सरपंच हरिओम ने बताया कि 23 जनवरी 2016 को शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा विवेकानंद जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बसई में 50 बेड का अस्पताल बनाए जाने की घोषणा की थी। घोषणा को दो वर्ष का समय बीत चुका है किंतु अभी तक इस पर कोई कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई। इतना ही नहीं इस संबंध में इस वर्ष विवेकानंद जयंती पर ग्रामीणों ने उनसे मिलकर उक्त घोषणा के बारे में भी अवगत करवाया था। उसके तीन महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष अगस्त सितंबर माह में तेज बारिश हुई तो छत से पानी टपकने लगा था और अस्पताल में पानी भर गया था। इसके अलावा भवन की दीवारें भी कमजोर हो चुकी हैं। कभी भी यह भवन गिर सकता है। पंचायत ने पिछले वर्ष अस्पताल में पानी भर जाने के बाद इसे हरिजन चौपाल में शिफ्ट कर दिया था। पंचायत की ओर से लोक निर्माण विभाग से भवन की जांच करवाने का प्रस्ताव भी स्वास्थ्य विभाग को भेजा हुआ है किंतु अभी तक भवन को जांचने के टीम नहीं पहुंची। गांव बसई का उपस्वास्थ्य केंद्र खुडाना, बास, बसई एवं आकोदा चार गांवों के बीच एक ही है। इन चारों गांवों की जनसंख्या लगभग 40000 है। अस्पताल में प्रतिदिन 50 ओपीडी आ रही है। गांवों की जनसंख्या को देखते हुए अस्पताल गवारा साबित हो रहा है।
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नहीं है एंबुलेंस : ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल में एंबुलेंस की सुविधा नहीं है। अगर मरीज को महेंद्रगढ़ जांच के लिए ले जाना पड़े तो किराये पर गाड़ी करके लेकर जाना पड़ता है। कई बार तो गाड़ियां समय पर मिल ही नहीं पाती, उस समय बहुत परेशानी उठानी पड़ती है। इसके अलावा उप स्वास्थ्य केंद्र पर दवाइयों की कमी भी रहती है। कई बार तो सामान्य दवाएं दवाएं भी नहीं मिल पाती।
हम जल्द ही लोक निर्माण विभाग से इसका इंसपेक्शन करवा कर आगे की कार्रवाई शुरू करवा देंगे। एंबुलेंस की कमी को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।
-इंद्रजीत धनखड़, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, महेंद्रगढ़
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़ (आकोदा)। दो वर्ष पहले शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा के घोषणा करने के बाद भी गांव बसई का उपस्वास्थ्य केंद्र 50 बेड का नहीं बन पाया हैै। 50 बेड का अस्पताल बनना तो दूर यह उप स्वास्थ्य खुद ही बीमार हो गया है। चालीस हजार लोगों के लिए बने इस उप स्वास्थ्य केंद्र का भवन जर्जर हो गया है। वहीं, दवाइयां और एंबुलेंस सुविधाएं भी नहीं उपलब्ध हैं जिसकी वजह से ग्रामीणों को 15 किलोमीटर दूर महेंद्रगढ़ जाकर इलाज करवाना पड़ रहा है।
गांव के सरपंच हरिओम ने बताया कि 23 जनवरी 2016 को शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा विवेकानंद जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बसई में 50 बेड का अस्पताल बनाए जाने की घोषणा की थी। घोषणा को दो वर्ष का समय बीत चुका है किंतु अभी तक इस पर कोई कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई। इतना ही नहीं इस संबंध में इस वर्ष विवेकानंद जयंती पर ग्रामीणों ने उनसे मिलकर उक्त घोषणा के बारे में भी अवगत करवाया था। उसके तीन महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष अगस्त सितंबर माह में तेज बारिश हुई तो छत से पानी टपकने लगा था और अस्पताल में पानी भर गया था। इसके अलावा भवन की दीवारें भी कमजोर हो चुकी हैं। कभी भी यह भवन गिर सकता है। पंचायत ने पिछले वर्ष अस्पताल में पानी भर जाने के बाद इसे हरिजन चौपाल में शिफ्ट कर दिया था। पंचायत की ओर से लोक निर्माण विभाग से भवन की जांच करवाने का प्रस्ताव भी स्वास्थ्य विभाग को भेजा हुआ है किंतु अभी तक भवन को जांचने के टीम नहीं पहुंची। गांव बसई का उपस्वास्थ्य केंद्र खुडाना, बास, बसई एवं आकोदा चार गांवों के बीच एक ही है। इन चारों गांवों की जनसंख्या लगभग 40000 है। अस्पताल में प्रतिदिन 50 ओपीडी आ रही है। गांवों की जनसंख्या को देखते हुए अस्पताल गवारा साबित हो रहा है।
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नहीं है एंबुलेंस : ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल में एंबुलेंस की सुविधा नहीं है। अगर मरीज को महेंद्रगढ़ जांच के लिए ले जाना पड़े तो किराये पर गाड़ी करके लेकर जाना पड़ता है। कई बार तो गाड़ियां समय पर मिल ही नहीं पाती, उस समय बहुत परेशानी उठानी पड़ती है। इसके अलावा उप स्वास्थ्य केंद्र पर दवाइयों की कमी भी रहती है। कई बार तो सामान्य दवाएं दवाएं भी नहीं मिल पाती।
हम जल्द ही लोक निर्माण विभाग से इसका इंसपेक्शन करवा कर आगे की कार्रवाई शुरू करवा देंगे। एंबुलेंस की कमी को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।
-इंद्रजीत धनखड़, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, महेंद्रगढ़