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सरसों बचने आये किसानों ने फर्द न मिलने पर जताया विरोध
Updated Sat, 31 Mar 2018 01:43 AM IST
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सरसों बेचने आये किसानों ने फर्द न मिलने पर जताया रोष
मंडी अटेली। सरकारी बोली पर सरसों बेचने के लिए लगाए गए फर्द की शर्त किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई। पूरे दिन फर्द के लिए तहसील में चक्कर लगाने के बाद भी किसानों को फर्द नहीं मिल पाई। इससे परेशान होकर किसानों ने शुक्रवार को तहसील कार्यालय के सामने खड़े होकर रोष जताया।
किसानों का कहना है कि उनके गांव का आज व कल सरसों बेचने का समय था। इसके लिए वे फर्द लेने तहसील कार्यालय में पहुंचे लेकिन कभी कंप्यूटर खराब होने की बात कहीं गई तो कभी कुछ देर ठहरने की बात कहीं गई और पांच बजते ही आफिस के ताला लगाकर अधिकारी चले गए। इससे उनकी सरसों बिक्री होने से वंचित रह गई। किसानों ने बताया कि जब इस संबंध में नायब तहसीलदार महेंद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें फर्द की जरूरत नहीं है केवल गिरदावरी की जरूरत है। गिरदावरी की नकल देने के लिए हमारा पटवारी अनाज मंडी में ही बैठा है। वहीं खरीद अधिकारी फर्द न होने की स्थिति में सरसों की खरीद न करने की बात कह रहे है। साथ में पुरानी फर्द की बजाए नई फर्द लाने के साथ ही सरसों खरीदने की बात कहते है। किसानों ने मांग की है कि जिस गांव का सरसों खरीद होने का दिन हो उससे पहले ही किसानों को फर्द दिलाई जाए ताकि वो अपनी सरसों को बेच सके।
इस संबंध में खरीद अधिकारी हैफेड़ प्रबंधक संतलाल का कहना है कि नियमानुसार फर्द नई चाहिए। इसके अलावा पटवारी से हस्ताक्षर और गिरदावरी की रिपोर्ट भी जरूरी है। कागजात पूरे होने पर ही सरसों की खरीद की जाएगी।
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मंडी अटेली। सरकारी बोली पर सरसों बेचने के लिए लगाए गए फर्द की शर्त किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई। पूरे दिन फर्द के लिए तहसील में चक्कर लगाने के बाद भी किसानों को फर्द नहीं मिल पाई। इससे परेशान होकर किसानों ने शुक्रवार को तहसील कार्यालय के सामने खड़े होकर रोष जताया।
किसानों का कहना है कि उनके गांव का आज व कल सरसों बेचने का समय था। इसके लिए वे फर्द लेने तहसील कार्यालय में पहुंचे लेकिन कभी कंप्यूटर खराब होने की बात कहीं गई तो कभी कुछ देर ठहरने की बात कहीं गई और पांच बजते ही आफिस के ताला लगाकर अधिकारी चले गए। इससे उनकी सरसों बिक्री होने से वंचित रह गई। किसानों ने बताया कि जब इस संबंध में नायब तहसीलदार महेंद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें फर्द की जरूरत नहीं है केवल गिरदावरी की जरूरत है। गिरदावरी की नकल देने के लिए हमारा पटवारी अनाज मंडी में ही बैठा है। वहीं खरीद अधिकारी फर्द न होने की स्थिति में सरसों की खरीद न करने की बात कह रहे है। साथ में पुरानी फर्द की बजाए नई फर्द लाने के साथ ही सरसों खरीदने की बात कहते है। किसानों ने मांग की है कि जिस गांव का सरसों खरीद होने का दिन हो उससे पहले ही किसानों को फर्द दिलाई जाए ताकि वो अपनी सरसों को बेच सके।
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इस संबंध में खरीद अधिकारी हैफेड़ प्रबंधक संतलाल का कहना है कि नियमानुसार फर्द नई चाहिए। इसके अलावा पटवारी से हस्ताक्षर और गिरदावरी की रिपोर्ट भी जरूरी है। कागजात पूरे होने पर ही सरसों की खरीद की जाएगी।
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