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स्थायी दुकानदारों ने नहीं हटाए टीनशैड, बूथ संचालकों को पक्की दुकानों में मिली शरण वापस लौटी टीम
Updated Tue, 24 Oct 2017 11:30 PM IST
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बूथ ओर रेहड़ी वालों को खदेड़ा, नहीं हटाए टीनशेड
अतिक्रमण हटाओ अभियान से बौखलाए दुकानदारों ने जताया आक्रोश, आमजन को मिली राहत
फोटो नंबर 16 से 20
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। शहर की सुंदरता व सुरक्षा को लेकर मंगलवार को नगर पालिका ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस दौरान 100 से अधिक अस्थायी बूथ और रेहड़ी खदेड़ी गई, लेकिन वहां पर स्थित स्थायी दुकानदारों ने तत्काल टीनशेड हटाने से इकार कर दिया। टीम में ड्यूटी मजिस्ट्रेट नहीं होने के कारण पुलिस बल प्रयोग संभव नहीं हुआ। इस कारण टीम को अल्टीमेटम देकर बैरंग लौटना पड़ा।
विभाग की ओर से सड़क निर्माण के दौरान खाली जमीन छोड़ी गई थी, ताकि पैदल यात्रियों को पगडंडी की सुविधा मिल सके। इससे आगे मालिकों की जमीन पर है, जिसमें करीब दुकान व मकान निर्माण हो चुका। स्थायी दुकानों पर आमजन कपड़े, सब्जी, परचून आदि सामान खरीदते हैं। आमदनी बढ़ाने के मकसद से स्थायी दुकानदारों ने पीडब्लूडी की जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया। अस्थायी बस स्टैंड से कृष्णावती नदी तक करीब 450 रेहड़ी व अस्थायी दुकानें हैं। दुकानदार सड़क के किनारे तक रेहड़ी लगाकर सामान बेचते हैं। पगडंडी की जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण यात्री सड़क पर चलने को मजबूर हैं। खरीददारी के दौरान दोपहिया वाहन सड़क पर खड़े होते हैं। इससे कस्बे में यातायात की समस्या बढ़ गई। पिछले दो साल में करीब 15 दुर्घटनाएं घटित हो चुकी हैं। इससे चिंतित दुकानदार जवाहर सैनी ने अतिक्रमण हटाने के लिए सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई। इस पर संज्ञान लेकर लेते हुए उपायुक्त ने नपा प्रशासन को तत्परता पूर्वक कार्रवाई के निर्देश दिए। बीडीपीओ नांगल चौधरी बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौजूद रहने के लिखित आदेश दिए। दोपहर करीब 12 बजे अवैध दुकाने हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। टीम को देखकर रेहड़ी संचालक इधर-उधर भाग निकले। 2-3 बूथ संचालकों का सामान जब्त किया गया। इससे डरे अन्य संचालकों ने सामान समेटना शुरू कर दिया। थाना मोड़ तक रोड की एक साइड क्लीयर करवा दी गई। इससे आगे स्थायी दुकानदारों ने टीन शेड लगाकर अतिक्रमण कर रखा है। उन्होंने विभिन्न तर्क देकर तत्काल टीन हटाने से इनकार कर दिया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नहीं होने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई करना संभव नहीं हुआ। इसलिए जल्द हटाने का अल्टीमेटम देकर अधिकारी लौट आए।
पीडब्लूडी की जमीन का वसूल रहे किराया
कस्बे वासियों ने बताया कि पीडब्लूडी की जगह पर स्थित दुकानदारों से प्रत्येक महीने 5-25 हजार तक किराया वसूली हो रही है। जबकि स्थायी दुकानों का किराया 4-5 हजार से अधिक नहीं होता। निजी स्वार्थों के चलते व्यापारी इस समस्या को बढ़ावा दे रहे हैं। इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।
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दोबारा अतिक्रमण पर मुकदमा दर्ज करे पुलिस
अशोक कुमार, मुकेश, बिक्रम सिंह व होशियार आदि ने बताया कि अतिक्रमण के चलते कस्बे में गंदगी व पानी निकासी की समस्या बढ़ गई। इससे लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। नपा को सख्ती पूर्वक अतिक्रमण हटवाना होगा। दोबारा अतिक्रमण करने की स्थिति में पुलिस में केस दर्ज कराएं।
आमजन की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
अतिक्रमण हटा रही टीम के इंचार्ज जेई राजेश कौशिक ने बताया कि अतिक्रमण से सड़क दुर्घटना व जाम की समस्या बढ़ गई। सीएम विंडो की शिकायत पर प्रमुख सड़क मार्गों से अस्थायी अतिक्रमण हटवा दिया। टीनशेड हटवाने के लिए जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
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अतिक्रमण हटाओ अभियान से बौखलाए दुकानदारों ने जताया आक्रोश, आमजन को मिली राहत
फोटो नंबर 16 से 20
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। शहर की सुंदरता व सुरक्षा को लेकर मंगलवार को नगर पालिका ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस दौरान 100 से अधिक अस्थायी बूथ और रेहड़ी खदेड़ी गई, लेकिन वहां पर स्थित स्थायी दुकानदारों ने तत्काल टीनशेड हटाने से इकार कर दिया। टीम में ड्यूटी मजिस्ट्रेट नहीं होने के कारण पुलिस बल प्रयोग संभव नहीं हुआ। इस कारण टीम को अल्टीमेटम देकर बैरंग लौटना पड़ा।
विभाग की ओर से सड़क निर्माण के दौरान खाली जमीन छोड़ी गई थी, ताकि पैदल यात्रियों को पगडंडी की सुविधा मिल सके। इससे आगे मालिकों की जमीन पर है, जिसमें करीब दुकान व मकान निर्माण हो चुका। स्थायी दुकानों पर आमजन कपड़े, सब्जी, परचून आदि सामान खरीदते हैं। आमदनी बढ़ाने के मकसद से स्थायी दुकानदारों ने पीडब्लूडी की जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया। अस्थायी बस स्टैंड से कृष्णावती नदी तक करीब 450 रेहड़ी व अस्थायी दुकानें हैं। दुकानदार सड़क के किनारे तक रेहड़ी लगाकर सामान बेचते हैं। पगडंडी की जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण यात्री सड़क पर चलने को मजबूर हैं। खरीददारी के दौरान दोपहिया वाहन सड़क पर खड़े होते हैं। इससे कस्बे में यातायात की समस्या बढ़ गई। पिछले दो साल में करीब 15 दुर्घटनाएं घटित हो चुकी हैं। इससे चिंतित दुकानदार जवाहर सैनी ने अतिक्रमण हटाने के लिए सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई। इस पर संज्ञान लेकर लेते हुए उपायुक्त ने नपा प्रशासन को तत्परता पूर्वक कार्रवाई के निर्देश दिए। बीडीपीओ नांगल चौधरी बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौजूद रहने के लिखित आदेश दिए। दोपहर करीब 12 बजे अवैध दुकाने हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। टीम को देखकर रेहड़ी संचालक इधर-उधर भाग निकले। 2-3 बूथ संचालकों का सामान जब्त किया गया। इससे डरे अन्य संचालकों ने सामान समेटना शुरू कर दिया। थाना मोड़ तक रोड की एक साइड क्लीयर करवा दी गई। इससे आगे स्थायी दुकानदारों ने टीन शेड लगाकर अतिक्रमण कर रखा है। उन्होंने विभिन्न तर्क देकर तत्काल टीन हटाने से इनकार कर दिया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नहीं होने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई करना संभव नहीं हुआ। इसलिए जल्द हटाने का अल्टीमेटम देकर अधिकारी लौट आए।
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पीडब्लूडी की जमीन का वसूल रहे किराया
कस्बे वासियों ने बताया कि पीडब्लूडी की जगह पर स्थित दुकानदारों से प्रत्येक महीने 5-25 हजार तक किराया वसूली हो रही है। जबकि स्थायी दुकानों का किराया 4-5 हजार से अधिक नहीं होता। निजी स्वार्थों के चलते व्यापारी इस समस्या को बढ़ावा दे रहे हैं। इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।
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दोबारा अतिक्रमण पर मुकदमा दर्ज करे पुलिस
अशोक कुमार, मुकेश, बिक्रम सिंह व होशियार आदि ने बताया कि अतिक्रमण के चलते कस्बे में गंदगी व पानी निकासी की समस्या बढ़ गई। इससे लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। नपा को सख्ती पूर्वक अतिक्रमण हटवाना होगा। दोबारा अतिक्रमण करने की स्थिति में पुलिस में केस दर्ज कराएं।
आमजन की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
अतिक्रमण हटा रही टीम के इंचार्ज जेई राजेश कौशिक ने बताया कि अतिक्रमण से सड़क दुर्घटना व जाम की समस्या बढ़ गई। सीएम विंडो की शिकायत पर प्रमुख सड़क मार्गों से अस्थायी अतिक्रमण हटवा दिया। टीनशेड हटवाने के लिए जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।