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छह करोड़ की लागत से बने हुड्डा पार्क में अंधेरे का साम्राज्य,फव्वारे खराब, झूले टूटे
Updated Tue, 18 Dec 2018 01:33 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। छह वर्ष पूर्व पांच करोड़ रुपये की लागत से बने चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा पार्क की हालत रख-रखाव के कारण खस्ता हो रही है। पार्क को मेनटेन करने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उसके बाद भी पार्क की हालत खस्ता बनी हुई है। पार्क के फव्वारे, पानी की मोटर, जनरेटर, झूले टूटे हुए हैं। इससे पार्क के सुंदरीकरण को ग्रहण लगा हुआ है। लाइट नहीं होने के कारण पार्क में भ्रमण करने वाले गिर कर चोटिल हो चुके है।
इसके अलावा पार्क में सुबह-शाम घूमने आने वाले लगभग एक हजार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शहर का एकमात्र चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा पार्क छह वर्ष पूर्व बनाया गया था। इस पार्क का उद्घाटन तात्कालिक सीएम चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 20 मई 2012 को किया था। पार्क को दस एकड़ भूमि में विदेशी घास एवं पौधों के साथ विकसित किया गया था। पार्क में बच्चों के लिए झूले भी लगाए गए थे। लोगों का कहना है कि पार्क में और झूले लगा दिए जाएं तो बच्चों के लिए अच्छा। महिलाओं के लिए सुरक्षा भी होनी बहुत जरूरी है। पांच आदमियों की कमेटी बनाकर उसे मेंटीनेंस का काम दिया जाए। दो महीने से लाइटें खराब पड़ी हुई हैं। जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दो वर्ष से नहीं चले फव्वारे
रणबीर सिंह हुड्डा पार्क की सुंदरता को बढ़ाने के लिए एक बड़ा फव्वारा सेट लगाया गया है। पार्क बनने के बाद यह फव्वारा सेट बहुत कम चला है। पिछले दो वर्षों से फव्वारा एवं उसकी मोटर खराब पड़ी है। पार्क के गेट के पास छोटा फव्वारा लगा है। उसकी भी मोटर खराब पड़ी है।
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जेनरेटर खराब, झूले टूटे
इस समय पार्क का जेनरेटर भी खराब पड़ा है। रात को बिजली जाने से पार्क में चारों ओर अंधेरा छा जाता है। पार्क के झूले भी टूटे हुए हैं जिस पर गिरकर बच्चे चोटिल हो जाते हैं। अभी केंद्र सरकार की स्कीम के तहत एक नया झूला पार्क में लगाया गया है।
सुबह घूमने के लिए हुड्डा पार्क में आते हैं, लाइट नहीं जलने के कारण अंधेरे में ही घूमना पड़ रहा है। अगर लाइट जलने लग जाए तो घूमने के लिए किसी को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा
- पूर्व जिला प्रमुख, रामसिंह यादव
हुडडा पार्क में पानी की व्यवस्था नहीं है। पानी के अभाव में घास सूखती जा रही हैं। हुड्डा पार्क की दीवार के पीछे बस स्टैंड पड़ता वह से पेशाब की बदबू आती रहती है। लाइट नहीं जलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- पूर्व चेयरमैन पंचायत समिति सूरत सिंह
पार्क के शौचालय की सफाई नहीं होने के कारण वहां से गुजरने पर बदबू आने लगती है। फव्वारे खराब पड़े हुए है। पार्क में तीन फव्वारे है जो कि तीनों ही फव्वारे खराब पड़े हुए है। अगर फव्वारों की चालू हो जाए तो पार्क में रौनक आ जाएगी।
- सुरेंद्र सिंह
झूले टूटे हुए हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती होनी चाहिए। दो महीने से लाइटें खराब पड़ी हुई है। मजबूरी में अंधेरे में घूमना पड़ रहा है। जेनरेटर भी खराब पड़ा हुआ है। उन्होंने प्रशासन से लाइटें ठीक करवाने की मांगी की है।
- जगदीश, सेवानिवृत्त पटवारी।
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महेंद्रगढ़। छह वर्ष पूर्व पांच करोड़ रुपये की लागत से बने चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा पार्क की हालत रख-रखाव के कारण खस्ता हो रही है। पार्क को मेनटेन करने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उसके बाद भी पार्क की हालत खस्ता बनी हुई है। पार्क के फव्वारे, पानी की मोटर, जनरेटर, झूले टूटे हुए हैं। इससे पार्क के सुंदरीकरण को ग्रहण लगा हुआ है। लाइट नहीं होने के कारण पार्क में भ्रमण करने वाले गिर कर चोटिल हो चुके है।
इसके अलावा पार्क में सुबह-शाम घूमने आने वाले लगभग एक हजार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शहर का एकमात्र चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा पार्क छह वर्ष पूर्व बनाया गया था। इस पार्क का उद्घाटन तात्कालिक सीएम चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 20 मई 2012 को किया था। पार्क को दस एकड़ भूमि में विदेशी घास एवं पौधों के साथ विकसित किया गया था। पार्क में बच्चों के लिए झूले भी लगाए गए थे। लोगों का कहना है कि पार्क में और झूले लगा दिए जाएं तो बच्चों के लिए अच्छा। महिलाओं के लिए सुरक्षा भी होनी बहुत जरूरी है। पांच आदमियों की कमेटी बनाकर उसे मेंटीनेंस का काम दिया जाए। दो महीने से लाइटें खराब पड़ी हुई हैं। जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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दो वर्ष से नहीं चले फव्वारे
रणबीर सिंह हुड्डा पार्क की सुंदरता को बढ़ाने के लिए एक बड़ा फव्वारा सेट लगाया गया है। पार्क बनने के बाद यह फव्वारा सेट बहुत कम चला है। पिछले दो वर्षों से फव्वारा एवं उसकी मोटर खराब पड़ी है। पार्क के गेट के पास छोटा फव्वारा लगा है। उसकी भी मोटर खराब पड़ी है।
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जेनरेटर खराब, झूले टूटे
इस समय पार्क का जेनरेटर भी खराब पड़ा है। रात को बिजली जाने से पार्क में चारों ओर अंधेरा छा जाता है। पार्क के झूले भी टूटे हुए हैं जिस पर गिरकर बच्चे चोटिल हो जाते हैं। अभी केंद्र सरकार की स्कीम के तहत एक नया झूला पार्क में लगाया गया है।
सुबह घूमने के लिए हुड्डा पार्क में आते हैं, लाइट नहीं जलने के कारण अंधेरे में ही घूमना पड़ रहा है। अगर लाइट जलने लग जाए तो घूमने के लिए किसी को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा
- पूर्व जिला प्रमुख, रामसिंह यादव
हुडडा पार्क में पानी की व्यवस्था नहीं है। पानी के अभाव में घास सूखती जा रही हैं। हुड्डा पार्क की दीवार के पीछे बस स्टैंड पड़ता वह से पेशाब की बदबू आती रहती है। लाइट नहीं जलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- पूर्व चेयरमैन पंचायत समिति सूरत सिंह
पार्क के शौचालय की सफाई नहीं होने के कारण वहां से गुजरने पर बदबू आने लगती है। फव्वारे खराब पड़े हुए है। पार्क में तीन फव्वारे है जो कि तीनों ही फव्वारे खराब पड़े हुए है। अगर फव्वारों की चालू हो जाए तो पार्क में रौनक आ जाएगी।
- सुरेंद्र सिंह
झूले टूटे हुए हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती होनी चाहिए। दो महीने से लाइटें खराब पड़ी हुई है। मजबूरी में अंधेरे में घूमना पड़ रहा है। जेनरेटर भी खराब पड़ा हुआ है। उन्होंने प्रशासन से लाइटें ठीक करवाने की मांगी की है।
- जगदीश, सेवानिवृत्त पटवारी।