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राजा दशरथ के स्वर्ग प्रस्थान का किया वर्णन
Updated Thu, 14 Sep 2017 11:08 PM IST
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राजा दशरथ के स्वर्ग प्रस्थान का किया वर्णन
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। कल्लूमल की बगीची में चल रही राम कथा के पांचवें दिन वीरवार को कथा वाचक ने राजा दशरथ का स्वर्ग प्रस्थान का वर्णन किया। कथा वाचक ने बताया कि भरत भगवान राम से मिलने के लिए गुरु वशिष्ठ और राजा जनक अपनी तीनों माताओं और चतुरंगनी सेना के साथ चित्रकुट के लिए प्रस्थान किया। रास्ते में निषाद राज से भेंट होने पर भइया राम का पता पूछते है। निषाद राज बताते हैं कि राम सीता और लक्ष्मण सहित चित्रकूट पर है। इस अवसर पर भरत चले चित्रकुट भइया राम को मनाने भजन के माध्यम से संत रामशरण रामायणी ने बड़ा सुंदर वर्णन किया। पाठ में सियाराम पंसारी, रामनिवास, रमेश, सुरेश, घनश्याम गर्ग, रवींद्र बंसल, ओमप्रकाश, संजू बंसल, श्यामलता, रामदुलारी, अनीता, गीता, अमर सर्राफ आदि मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। कल्लूमल की बगीची में चल रही राम कथा के पांचवें दिन वीरवार को कथा वाचक ने राजा दशरथ का स्वर्ग प्रस्थान का वर्णन किया। कथा वाचक ने बताया कि भरत भगवान राम से मिलने के लिए गुरु वशिष्ठ और राजा जनक अपनी तीनों माताओं और चतुरंगनी सेना के साथ चित्रकुट के लिए प्रस्थान किया। रास्ते में निषाद राज से भेंट होने पर भइया राम का पता पूछते है। निषाद राज बताते हैं कि राम सीता और लक्ष्मण सहित चित्रकूट पर है। इस अवसर पर भरत चले चित्रकुट भइया राम को मनाने भजन के माध्यम से संत रामशरण रामायणी ने बड़ा सुंदर वर्णन किया। पाठ में सियाराम पंसारी, रामनिवास, रमेश, सुरेश, घनश्याम गर्ग, रवींद्र बंसल, ओमप्रकाश, संजू बंसल, श्यामलता, रामदुलारी, अनीता, गीता, अमर सर्राफ आदि मौजूद थे।