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2200 छात्राओं को कॉलेज पहुंचने के लिए रोजाना करनी पड़ती है जद्दोजहद

Thu, 31 Jan 2019 12:59 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 31 Jan 2019 12:59 AM IST
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2200 छात्राओं को कॉलेज पहुंचने के लिए रोजाना करनी पड़ती है जद्दोजहद
अमर उजाला ब्यूरो
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नारनौल। शहर के राजकीय पीजी कॉलेज और गर्ल्स कॉलेज की करीब 2200 छात्राएं रोजाना पैदल या ऑटो की सवारी लेकर कॉलेज पहुंच रही हैं। छात्राओं का कहना है कि बस स्टैंड तक रोडवेज की सेवा मिल जाती है, लेकिन इसके बाद उन्हें पैदल या ऑटो से कॉलेज पहुंचना पड़ता है।
शहर में राजकीय पीजी कॉलेज और गर्ल्स पीजी कॉलेज होने से अटेली, निजामपुर और नांगल चौधरी से काफी संख्या में छात्राएं पढ़ने के लिए आती हैं। ऐसे में उन्हें रोजाना करीब 25 से 30 किलोमीटर बस का सफर करना पड़ता है। प्रदेश सरकार ने छात्राओं को रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दे रही है। यदि कॉलेज तक बस सुविधा मिल जाए तो हर रोज की परेशानियों से निजात मिल जाएगी।
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मिली जानकारी के अनुसार राजकीय पीजी कॉलेज में 500 से अधिक छात्राओं के बस पास बने हुए हैं। जबकि, गर्ल्स पीजी कॉलेज में 1600-1800 छात्राओं के बस पास बने हुए हैं। ऐसे में करीब 2200 छात्राएं रोजाना नारनौल बस स्टैंड पर पहुंचती है। इसके बाद तीन से चार किलोमीटर तक पैदल चलकर या ऑटो में कॉलेज पहुंचती हैं। बीच में लड़कियां हूटिंग या छेड़छाड़ का भी शिकार होती हैं।
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रिंग रोड की तरह शुरू की जानी चाहिए बस सेवा : संदीप
हरियाणा व्यापार मंडल के जिला महासचिव संदीप नूनीवाल ने बताया कि शहर में सिटी बस सेवा की जरुरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। उन्होंने बताया कि बस स्टैंड, महाबीर चौक, सुभाष चौक, पीजी कॉलेज से नागरिक अस्पताल, गर्ल्स पीजी कॉलेज, महता चौक, स्टेडियम होते हुए निजामपुर रोड से हीरो होंडा चौक, लघु सचिवालय से वापस बस स्टैंड तक चल सकती है। उन्होंने कहा कि रोडवेज को ट्रायल के रूप में रिंग रोड पर बस सेवा शुरू करनी चाहिए। इससे पूरे शहर के लोगों को लाभ मिलेगा।

छात्राओं ने बातचीत

सैकड़ों की संख्या में छात्राएं गांवों से कॉलेज आती है। सार्वजनिक परिवहन सेवा न होने से उन्हें रोजाना बस स्टैंड से कॉलेज में पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ती है। छात्राओं की सहूलियतों को देखते हुए सिटी बस सेवा या गर्ल्स के लिए बस स्टैंड से कॉलेज तक बस शुरू करनी चाहिए। इसे लेकर जीएम से भी बातचीत की जाएगी। - दीक्षा डाबरा, अध्यक्ष, गर्ल्स पीजी कॉलेज।

पैदल कई बार छात्राओं को ईवटीजिंग का भी शिकार होना पड़ता है। बस स्टैंड से गर्ल्स कॉलेज की दूसरी करीब चार किलोमीटर है। ऐसे में छात्राओं को घर से लेकर कॉलेज तक परेशानी से जूझना पड़ता है। कॉलेज तक बस सेवा शुरू की जानी चाहिए। इससे ऑटो चालकों पर अंकुश लगेगा।
- पल्लवी, गर्ल्स पीजी कॉलेज।

बस सेवा कॉलेज तक शुरू होने से दोनों कॉलेजों की सैकड़ों छात्राओं को लाभ मिलेगा। सरकार ने रोडवेज का बस पास तो दिया हुआ है। कई बार छात्राएं समय पर कॉलेज नहीं पहुंच पाती। बेहतर होगा कि कॉलेज तक बस सेवा दी जाए। इस बारे में अध्यक्ष व सीआर रोडवेज के जीएम से बात करेंगे।
- दिव्या, सचिव, गर्ल्स पीजी कॉलेज।

बस स्टैंड से कॉलेज के बीच सिटी बस सेवा शुरू कर दी जाए तो छात्राओं के लिए अच्छा होगा। रूट पर ऑटो भी कम है और ओवर लोड होने के बाद ही चलते हैं। रेवाड़ी रोड पर बसें कम होने से सुबह बस के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है। इसके बाद कॉलेज जल्द पहुंचने की टेंशन रहती है।
- आरती छात्रा, अटेली।

शहर में पैदल चलने के लिए फुटपाथ तक नहीं है। लड़कियों को सड़क पर ही चलना पड़ता है और कई बाद हादसे का शिकार भी हो जाती है। बस सेवा शुरू हो जाए तो समस्या से छुटकारा मिल जाए। - प्रीति वर्मा छात्रा, भूषण कलां गांव


गांव ही नहीं शहर की छात्राओं को भी परेशानी होती है। स्कूलों में तो तीन किलोमीटर दूर से आनी वाली छात्राओं को सरकार साइकिल देती है। नारनौल शहर में न तो बस सेवा है और न सड़क पर फुटपाथ ही है। जान को जोखिम में डालकर सड़क पर चलना पड़ता है।
- अन्नू, छात्रा, पीजी कॉलेज।
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