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सरसों खरीद नही हुई तो किसानों ने लगा दिया जाम
Updated Sat, 05 May 2018 12:29 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
सरसों की खरीद नहीं होने से कई गांव के किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए शुक्रवार को सुबह करीब दस बजे नांगल चौधरी मार्ग स्थित अनाज मंडी के गेट पर लगातार दूसरे दिन भी जाम लगाया।
सरसों बेचने आए गांव डोहर खुर्द, अमरपुर जोरासी और शहर के पास का बेचिराग लुत्फपुर के किसानों का कहना था कि सरसों खरीद में उनके गांव का दिन था। इसके तहत उनकी सरसों पहले तो मंगवा ली गई और सरसों मंडी में आने के बाद प्रशासन ने उनकी सरसों खरीदने से इंकार कर दिया। इसी बात को लेकर वीरवार शाम को जाम लगा दिया था, जिस समय अधिकारियों के आश्वासन पर उन्होंने जाम खोला। मगर अब शुक्रवार तक खरीद नहीं हुई तो उन्होंने दोबारा जाम लगाया।
किसानों का कहना है कि अधिकारियों का तर्क है कि सरपंचों को सरसों की खरीद न होने की सूचना दे दी गई थी जबकि उन्हें सरपंचों के माध्यम से कोई सूचना नहीं मिली और वे लोग अपनी सरसों मंडी में लेकर आए गए थे। मंडी में जब वे अपनी सरसों बेचने के लिए मार्केट कमेटी तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के पास गए तो उन्होंने सरसों खरीदने से इंकार कर दिया। इस पर सरसों लेकर आए किसानों ने जाम लगा जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और लगभग एक घंटे के लिए जाम लगाए रखा।
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हैफेड ने शुरू की सरसों की खरीद
किसानों की मांग को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने आदेश जारी किया कि शुक्रवार को ही पहले तो गांव डोहर खुर्द, अमरपुर जोरासी और लुत्फपुर के किसानों की सरसों खरीदी जाएगी और बाद में अन्य 6 गांवों के किसानों की सरसों खरीदी जाएगी। इसके बाद करीब 12 बजे सरसों की खरीद का काम शुरू हो पाया।
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नारनौल।
सरसों की खरीद नहीं होने से कई गांव के किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए शुक्रवार को सुबह करीब दस बजे नांगल चौधरी मार्ग स्थित अनाज मंडी के गेट पर लगातार दूसरे दिन भी जाम लगाया।
सरसों बेचने आए गांव डोहर खुर्द, अमरपुर जोरासी और शहर के पास का बेचिराग लुत्फपुर के किसानों का कहना था कि सरसों खरीद में उनके गांव का दिन था। इसके तहत उनकी सरसों पहले तो मंगवा ली गई और सरसों मंडी में आने के बाद प्रशासन ने उनकी सरसों खरीदने से इंकार कर दिया। इसी बात को लेकर वीरवार शाम को जाम लगा दिया था, जिस समय अधिकारियों के आश्वासन पर उन्होंने जाम खोला। मगर अब शुक्रवार तक खरीद नहीं हुई तो उन्होंने दोबारा जाम लगाया।
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किसानों का कहना है कि अधिकारियों का तर्क है कि सरपंचों को सरसों की खरीद न होने की सूचना दे दी गई थी जबकि उन्हें सरपंचों के माध्यम से कोई सूचना नहीं मिली और वे लोग अपनी सरसों मंडी में लेकर आए गए थे। मंडी में जब वे अपनी सरसों बेचने के लिए मार्केट कमेटी तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के पास गए तो उन्होंने सरसों खरीदने से इंकार कर दिया। इस पर सरसों लेकर आए किसानों ने जाम लगा जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और लगभग एक घंटे के लिए जाम लगाए रखा।
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हैफेड ने शुरू की सरसों की खरीद
किसानों की मांग को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने आदेश जारी किया कि शुक्रवार को ही पहले तो गांव डोहर खुर्द, अमरपुर जोरासी और लुत्फपुर के किसानों की सरसों खरीदी जाएगी और बाद में अन्य 6 गांवों के किसानों की सरसों खरीदी जाएगी। इसके बाद करीब 12 बजे सरसों की खरीद का काम शुरू हो पाया।