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दो सगे भाइयों को उम्रकैद
सोनीपत/ब्यूरो।
Updated Sun, 27 Oct 2013 09:54 PM IST
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हरियाणा में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद गोयल की अदालत ने मामूली कहासुनी के चलते पड़ोसी की हत्या करने के मामले मे फैसला सुनाया। उन्होंने दो सगे भाइयों पर हत्या का आरोप साबित होने पर दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। हत्यारोपियों पर 36 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया ।
जिला पानीपत के गांव मुंडलाना निवासी रानी ने 12 अगस्त 2011 को सदर थाना गोहाना पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि कुछ दिन पहले उसके पड़ोसियों का रामकुमार के परिवार के साथ झगड़ा हो गया था। इसमें उसने व उसके पति जगदीश ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को छुड़वा दिया था।
इससे रामकुमार पक्ष के लोग उनसे रंजिश रखने लगे। इस रंजिश के कारण 12 अगस्त को रामकुमार, उसके भाई ओमप्रकाश तथा परिवार के अन्य सदस्यों ने उसे व उसके पति जगदीश को लाठी-डंडों से हमला करके घायल कर दिया था। उसे व उसके पति को गंभीर हालत में पीजीआई रोहतक में भर्ती करवाया गया था।
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जहां उपचार के दौरान उसके पति की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में रानी की शिकायत पर हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद गोयल की अदालत ने ओमप्रकाश व रामकुमार को दोषी करार दिया।
अदालत ने हत्या के मामले में दोनों आरोपियों को उम्रकैद व 25 हजार रुपये जुर्माना, आईपीसी की धारा 323 में एक वर्ष की कैद एक हजार रुपए जुर्माना, धारा 452 में एक वर्ष की कैद व पांच हजार रुपए जुर्माना, धारा 506 में एक वर्ष कैद व पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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जिला पानीपत के गांव मुंडलाना निवासी रानी ने 12 अगस्त 2011 को सदर थाना गोहाना पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि कुछ दिन पहले उसके पड़ोसियों का रामकुमार के परिवार के साथ झगड़ा हो गया था। इसमें उसने व उसके पति जगदीश ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को छुड़वा दिया था।
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इससे रामकुमार पक्ष के लोग उनसे रंजिश रखने लगे। इस रंजिश के कारण 12 अगस्त को रामकुमार, उसके भाई ओमप्रकाश तथा परिवार के अन्य सदस्यों ने उसे व उसके पति जगदीश को लाठी-डंडों से हमला करके घायल कर दिया था। उसे व उसके पति को गंभीर हालत में पीजीआई रोहतक में भर्ती करवाया गया था।
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जहां उपचार के दौरान उसके पति की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में रानी की शिकायत पर हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद गोयल की अदालत ने ओमप्रकाश व रामकुमार को दोषी करार दिया।
अदालत ने हत्या के मामले में दोनों आरोपियों को उम्रकैद व 25 हजार रुपये जुर्माना, आईपीसी की धारा 323 में एक वर्ष की कैद एक हजार रुपए जुर्माना, धारा 452 में एक वर्ष की कैद व पांच हजार रुपए जुर्माना, धारा 506 में एक वर्ष कैद व पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।