फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Youth showed talent in competitions, Kurukshetra

युवाओं ने प्रतियोगिताओं में दिखाई प्रतिभा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Feb 2022 01:38 AM IST
विज्ञापन
Youth showed talent in competitions, Kurukshetra
प्रदर्शनी का अवलोकन करते केयू के वीसी प्रो. सोमनाथ सचदेवा व अन्य। संवाद - फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग ने मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य में भाषण, चित्रकला एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताएं आयोजित कराईं। प्रतियोगिताों में 70 प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
भाषण प्रतियोगिता में यशिका ने प्रथम, अंकुश ने दूसरा, साक्षी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। शुभम और अजय ने सांत्वना पुरस्कार हासिल किया। चित्रकला एवं पोस्टर मेकिंग में मोहित जांगडा ने पहला, बलराम ने दूसरा, विपिन कुमार ने तीसरा स्थान पाया। कर्तव्य व गौरव कश्यप ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने प्रथम पुरस्कार हासिल करने के वाले विजेताओं को 3100 रुपये, द्वितीय स्थान हासिल करने वाले को 2100, तृतीय स्थान हासिल करने वाले को 1100 रुपये इनामी राशि व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।
विज्ञापन

इस अवसर पर कुलपति प्रो. सचदेवा ने कहा मातृ भाषाओं के संरक्षण से ही देश का विकास संभव है। किसी भी देश की उन्नति वहां की संस्कृति पर निर्भर करती हैष संस्कृति को सहेजने का कार्य मातृभाषा से ही किया जा सकता है। जिस प्रकार बच्चे की प्रथम गुरु मां होती है और बच्चा उसे अधिक प्यार करता है। उसी प्रकार हमें भी अपनी मातृभाषा से लगाव होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि विश्व में सात हजार भाषाओं में से 25 प्रतिशत भाषाएं भारत में बोली जाती हैं। हम हिंदी के प्रति आज भी उतने सजग नहीं है, जितना हमें होना चाहिए। हिंदी को आज भी राष्ट्रभाषा का दर्जा प्राप्त नहीं है। हमें अपनी मातृभाषा पर गर्व होना चाहिए तथा बोलने में किसी भी प्रकार का संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने पहल करते हुए प्रोफेशनल लॉ कोर्स को हिंदी में भी पढ़ाने का निर्णय लिया है। उन्होंने प्रतिभागियों चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा ने कहा कि आज हम विदेशी भाषा सीखने पर जोर देते हैं तथा अपनी मातृभाषा में बोलने में शर्म महसूस करते हैं। उच्च शिक्षा में 10 से 15 प्रतिशत लोग ही जा पाते हैं, जिसका मुख्य कारण मातृभाषा के स्वरूप को न अपनाना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि प्रतिभागी इस मंच से अपनी मातृभाषा को समृद्ध एवं प्रचार-प्रसार करने का संकल्प लेकर जाएं।

सुबह के सत्र में कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अनिल वशिष्ठ ने कहा भारत सांस्कृतिक, भौगोलिक एवं राजनीतिक दृष्टि से बहुविविधता वाला देश है, जहां सबसे अधिक भाषाओं को संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। भाषण प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में वरिष्ठ साहित्यकार मंगलराम आत्रेय, डॉ. सीडीएस कौशल तथा श्याम कुमार गुप्ता उपस्थित रहे। युवा सांस्कृतिक एवं कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने कहा कि हमें अपनी जड़ों को मातृभाषा से जोड़ने की जरूरत है। संचालन डॉ. आबिद अली ने किया। इस अवसर पर उपनिदेशक डॉ. गुरचरण, प्रो.अनिल वोहरा, प्रो. सुनील ढींगड़ा, प्रो. शुचि स्मिता, प्रो. रामविरंजन, डॉ. परमेश, डॉ. दीपक राय, डॉ. पवन कुमार, डॉ. राकेश बाणी, डॉ. विवेक चावला, डॉ. आनंद, डॉ. जितेंद्र खटकड़, डॉ. रामचंद्र, आरएस पठानिया सहित अन्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed