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गीता और रामायण जैसे महान ग्रंथों से आत्मसात करवाकर युवा पीढ़ी को बनाया जा सकता है संस्कारवान : भाग्यश्री

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Dec 2023 01:52 AM IST
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Young generation can be made cultured by assimilating great texts like Geeta and Ramayana: Bhagyashree
कुरुक्षेत्र। पुरुषोत्तम पुरा बाग में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में आयोजित बरबरीक नाटिका का मंचन
कुरुक्षेत्र। प्रख्यात फिल्म अभिनेत्री भाग्यश्री ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी को संस्कारवान बनाना बेहद जरूरी है और इसके लिए पवित्र ग्रंथ गीता और रामायण जैसे महान ग्रंथों से आत्मसात करवाना होगा। आधुनिक दौर में जहां युवा पीढ़ी पर पाश्चात्य: संस्कृति का प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में आज पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को आमजन तक पहुंचाने का कर्तव्य निभाने का प्रयास प्रत्येक मानव को करना चाहिए। वे भी पवित्र गीता स्थली पर पहुंचकर इस तरह के आयोजन का हिस्सा बनी है। उन्हें पहले श्रीराम की नगरी अयोध्या में परफॉर्मेंस देने का अवसर मिला तो अब श्रीकृष्ण की कर्म स्थली कुरुक्षेत्र में यह मौका मिला है, जो बड़े सौभाग्य की ही बात है।
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अभिनेत्री भाग्यश्री बुधवार को अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पहुंची थी, जहां उन्होंने महाभारत के पात्र बर्बरीक के नाटक का मंचन किया, जिसके जरिए उन्होंने गीता के मर्म से जुड़ने का संदेश दिया। उनकी यह प्रस्तुति देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ उमड़ी रही। इससे पहले उन्होंने यहां एक होटल में बातचीत करते हुए बताया कि अयोध्या के बाद कुरुक्षेत्र में बर्बरीक पर नाटक करने का मौका मिला है। उनका मानना है कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा उन पर बनी हुई है। कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पहली बार पहुंची है। इस पावन धरा के बारे में बखूबी जानती है। इसलिए इस धरा पर आने के लिए महाभारत के अहम पात्र बर्बरीक को लेकर नाटक तैयार किया है। इस नाटक में डांस, ड्रामा और म्यूजिक को शामिल किया गया है। इस डांस, ड्रामा और म्यूजिक के माध्यम से गीता के संदेश सहजता से आमजन तक पहुंचाए जा सकते हैं।
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आधुनिक वाद्य यंत्रों, म्यूजिक का प्रयोग कर आमजन तक पहुंचाएंगी गीता का संदेश
फिल्म अभिनेत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव कुरुक्षेत्र ही नहीं देश के हर शहर में मनाया जाना चाहिए। वे भी आने वाले समय में अलग-अलग शहरों और देशों में पवित्र ग्रंथ गीता के संदेशों को आधुनिक वाद्य यंत्रों, म्यूजिक का प्रयोग करके आमजन तक पहुंचाने का प्रयास करेंगी। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को प्राचीन संस्कृति के साथ जोड़ने के लिए तथ्यों और साहित्यों को एंटरटेनमेंट के साथ जोड़ना जरूरी है। इसलिए बर्बरीक पर आधारित नाटक में डांस, म्यूजिक और ड्रामा को एक साथ जोड़ने का अनोखा प्रयास किया गया है। यह प्रयास निश्चित ही युवा पीढ़ी को एक नई प्रेरणा देने का काम करेगा।
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मैने प्यार किया.. फिल्म के बाद अपने परिवार से हुआ प्यार
भाग्य श्री ने कहा कि मैंने प्यार किया... फिल्म और दूरदर्शन पर अमोल पालेकर के साथ किए धारावाहिक कच्ची धूप के बाद उन्हें अपने परिवार से प्यार हो गया, इसलिए परिवार को ज्यादा तवज्जो देने के लिए फिल्मी दुनिया से ज्यादा लगाव नहीं रखा। उन्होंने अपना पूरा जीवन अनुशासन में जीने का प्रयास किया और हर बार अपने माता-पिता और पति की बात को हमेशा अहमियत दी। उन्होंने एक प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि एक फिल्म की शूटिंग चल रही है। फिल्म अभिनेत्री ने कहा कि आने वाली युवा पीढ़ी को पवित्र ग्रंथ गीता से जोड़ने के लिए गीता महोत्सव जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना जरूरी है। इसके साथ ही युवा पीढ़ी को अच्छी शिक्षा, संस्कार देने के साथ-साथ प्राचीन संस्कृति से रूबरू करवाने के लिए अमर चित्र कथा जैसे धारावाहिकों को तैयार किया जाना चाहिए।
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