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Kurukshetra News: उद्यमिता के क्षेत्र में पहचान बनाने वाली महिलाओं को मिला सम्मान
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कुरुक्षेत्र। स्वदेशी जागरण मंच द्वारा अहिल्या बाई होल्कर को समर्पित गीता ज्ञान संस्थान के सभागार में उद्यमी महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। संयोजिका डॉ. अर्चना शर्मा और डॉ. सीमा ने बताया कि उद्यमिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाली महिलाओं में ज्योति, सत्या, ललिता, मीना सिंह, अन्नू, डॉ. सोनिया चिकारा, प्रो. सुषमा, गुरदीप कौर, नीलम रानी, परमजीत, सरबजीत, सीता सोनिया, रजनी, रीना, सुषमा, राधिका, रेशमा देवी, रुचिका, अलका, दिव्या, मोनिका हांडा को सम्मानित किया गया।
मुख्यातिथि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा रहे। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की में महिलाओं का अहम योगदान है। देशी व स्वदेशी वस्तुओं का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए ताकि भारत की आर्थिक व्यवस्था को मजबूती से आगे बढ़ाया जा सके।
स्वदेशी जागरण मंच की प्रांत सह संयोजक डॉ. सुनीता भरतवाल ने स्वदेशी जागरण मंच में महिला उत्थान का व्रत पेश किया। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को गति प्रदान करने के लिए आने वाली समस्या का समाधान हमें मिलकर करना चाहिए। विकसित राष्ट्र की पहचान बढ़ाने के लिए भारतीयता को बढ़ावा देना होगा। स्वावलंबी भारत अभियान के प्रांत सह संगठन कुलदीप सिंह ने कहा कि हमें अपनी वीरांगनाओं से ही संस्कार व प्रेरणा मिलती है। डाॅ. ऋषि गोयल ने कहा कि लोक माता अहिल्या बाई ने राजनीतिक, सामाजिक और आध्यात्मिकता का नेतृत्व किया और उनके शासनकाल में देश को नई दिशा मिली जो आज भी हमारी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है।
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कुलपति की धर्मपत्नी डॉ. ममता सचदेवा ने कहा कि महिलाओं का सम्मान करना हमारी संस्कृति की पहचान है। इस पहचान को आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं को अधिक से अधिक उद्यमिता के साथ उठना चाहिए। इस मौके पर डॉ. अमिता शर्मा, प्रो. रमेश ढांडा, डॉ. अजय जांगड़ा, डॉ. आशीष अनेजा, हरिकेश पपोसा, गगनदीप हांडा, ताराचंद, कवल सचदेवा, सूरजभान सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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मुख्यातिथि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा रहे। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की में महिलाओं का अहम योगदान है। देशी व स्वदेशी वस्तुओं का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए ताकि भारत की आर्थिक व्यवस्था को मजबूती से आगे बढ़ाया जा सके।
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स्वदेशी जागरण मंच की प्रांत सह संयोजक डॉ. सुनीता भरतवाल ने स्वदेशी जागरण मंच में महिला उत्थान का व्रत पेश किया। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को गति प्रदान करने के लिए आने वाली समस्या का समाधान हमें मिलकर करना चाहिए। विकसित राष्ट्र की पहचान बढ़ाने के लिए भारतीयता को बढ़ावा देना होगा। स्वावलंबी भारत अभियान के प्रांत सह संगठन कुलदीप सिंह ने कहा कि हमें अपनी वीरांगनाओं से ही संस्कार व प्रेरणा मिलती है। डाॅ. ऋषि गोयल ने कहा कि लोक माता अहिल्या बाई ने राजनीतिक, सामाजिक और आध्यात्मिकता का नेतृत्व किया और उनके शासनकाल में देश को नई दिशा मिली जो आज भी हमारी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है।
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कुलपति की धर्मपत्नी डॉ. ममता सचदेवा ने कहा कि महिलाओं का सम्मान करना हमारी संस्कृति की पहचान है। इस पहचान को आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं को अधिक से अधिक उद्यमिता के साथ उठना चाहिए। इस मौके पर डॉ. अमिता शर्मा, प्रो. रमेश ढांडा, डॉ. अजय जांगड़ा, डॉ. आशीष अनेजा, हरिकेश पपोसा, गगनदीप हांडा, ताराचंद, कवल सचदेवा, सूरजभान सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।