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बस चालक की समझदारी से बचा हादसा
अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 24 May 2014 11:54 PM IST
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा रोडवेज के बस चालक की समझदारी से शनिवार को एक बड़ा हादसा होने से बच गया। यदि चालक ऐतिहात नहीं बरतता तो फिर बस में सवार यात्रियों और अन्य राहगीर बड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो सकते थे, लेकिन सौभाग्यवश ऐसा हुआ नहीं।
हुआ यूं कि शनिवार को हरियाणा रोडवेज में चालक स्वर्ण सिंह बस नंबर एचआर-65-3582 लेकर पिपली से लेकर थर्ड गेट की ओर चला।
रास्ते में सवारियां छोड़ते हुए वह जैसे ही कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी सेकंड गेट के निकट पहुंचा तो अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और मुंह से खून निकलने लगा, लेकिन इससे पहले कि कोई हादसा होता, चालक ने समझदारी से काम लेते हुए बस को रोक लिया।
इसके बाद चालक बेहोश हो गया। इसके बाद कंडक्टर ने एक छात्र जयबीर (एमएससी कर रहा) की मद्द से स्वर्ण सिंह को चालक सीट से उठाते हुए बस से नीचे उतारा। छात्र के सूचित किए जाने के बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची और चालक को लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल पहुंचाया।
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डॉ. एसएस अरोड़ा ने स्वर्ण सिंह का उपचार किया और कुछ समय बाद चालक की तबीयत में सुधार हुआ। डॉ. एसएस अरोड़ा ने बताया कि चालक को दौरा पड़ा है, लेकिन उसके मुंह से खून क्योें आया, अभी यह बताना मुश्किल है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता लग पाएगा।
दूसरी और बस कंडक्टर रामनिवास ने बताया कि जब उसकी नजर स्वर्ण सिंह पर नजर पड़ी तो वह कांप रहा था। कंडक्टर के अनुसार यदि चालक समझदारी से बस एक तरफ नहीं लगाता तो फिर बड़ा हादसा हो सकता था।
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हुआ यूं कि शनिवार को हरियाणा रोडवेज में चालक स्वर्ण सिंह बस नंबर एचआर-65-3582 लेकर पिपली से लेकर थर्ड गेट की ओर चला।
रास्ते में सवारियां छोड़ते हुए वह जैसे ही कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी सेकंड गेट के निकट पहुंचा तो अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और मुंह से खून निकलने लगा, लेकिन इससे पहले कि कोई हादसा होता, चालक ने समझदारी से काम लेते हुए बस को रोक लिया।
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इसके बाद चालक बेहोश हो गया। इसके बाद कंडक्टर ने एक छात्र जयबीर (एमएससी कर रहा) की मद्द से स्वर्ण सिंह को चालक सीट से उठाते हुए बस से नीचे उतारा। छात्र के सूचित किए जाने के बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची और चालक को लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल पहुंचाया।
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डॉ. एसएस अरोड़ा ने स्वर्ण सिंह का उपचार किया और कुछ समय बाद चालक की तबीयत में सुधार हुआ। डॉ. एसएस अरोड़ा ने बताया कि चालक को दौरा पड़ा है, लेकिन उसके मुंह से खून क्योें आया, अभी यह बताना मुश्किल है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता लग पाएगा।
दूसरी और बस कंडक्टर रामनिवास ने बताया कि जब उसकी नजर स्वर्ण सिंह पर नजर पड़ी तो वह कांप रहा था। कंडक्टर के अनुसार यदि चालक समझदारी से बस एक तरफ नहीं लगाता तो फिर बड़ा हादसा हो सकता था।