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ठंड हवाओं से ठिठुरे लोग, लहलहाएगी फसल
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 26 Dec 2016 12:00 AM IST
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धर्मनगरी में रविवार को सुबह हल्की बूंदाबांदी से अचानक ठंड बढ़ गई। पूरे दिन शीत लहर चली, जिससे ठंड में और भी इजाफा हो गया। रविवार को अब तक का सबसे कम तापमान न्यूनतम 5 डिग्री तक पहुंच गया। एक तरफ आम लोग जहां इस मौसम के बदलाव से ठिठुरते दिखे तो वहीं किसान अपने गेहूं के लिए इस वरदान मान रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अगले कुछ ही दिनों में ठंड और भी बढ़ने की संभावना है।
पिछले कई दिनों से हल्की शीत लहर चल रही थी, लेकिन रविवार को हल्की बूंदाबांदी से दिनभर मौसम का मिजाज बिगड़ गया और दिनभर बादल छाए रहे। सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। वहीं लोग इससे बचते हुए भी नजर आए। ठंड बढ़ने से गेहूं की उत्पादकता भी बढ़ने के आसार हैं। वहीं ठंड ने सब्जी उत्पादक किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच दी हैं। ठंड से सब्जी की फसल खराब होने की भी आंशका जताई जा रही है, जिससे इन किसानों को भारी नुकसान हो सकता है।
जिला में 1 लाख 22 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल
जिले में इस बार 1 लाख 22 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बीजाई हुई है, जबकि करीब 14 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जी की फसल लगाई गई है। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि इस बार सब्जी की फसल अधिक क्षेत्र में है, इन किसानों को सर्दी के मौसम में इन फसलों का अधिक ध्यान रखना चाहिए और कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेनी चाहिए।
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सब्जी उत्पादक को नुकसान : कृषि विशेषज्ञ
कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. जेएन भाटिया का कहना है कि रविवार को सर्दी के सीजन में सबसे अधिक ठंड रही है और आगे भी ठंड बढ़ने की उम्मीद है। ठंड बढ़ने से गेहूं की फसल में बड़ा फायदा होगा। गेहूं का फुटाव बढ़ेगा तो उत्पादन में भी वृद्घि होगी। वहीं टमाटर, आलू, मटर सहित अन्य सब्जियों में ठंड बढ़ने से नुकसान हो सकता है।
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पिछले कई दिनों से हल्की शीत लहर चल रही थी, लेकिन रविवार को हल्की बूंदाबांदी से दिनभर मौसम का मिजाज बिगड़ गया और दिनभर बादल छाए रहे। सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। वहीं लोग इससे बचते हुए भी नजर आए। ठंड बढ़ने से गेहूं की उत्पादकता भी बढ़ने के आसार हैं। वहीं ठंड ने सब्जी उत्पादक किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच दी हैं। ठंड से सब्जी की फसल खराब होने की भी आंशका जताई जा रही है, जिससे इन किसानों को भारी नुकसान हो सकता है।
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जिला में 1 लाख 22 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल
जिले में इस बार 1 लाख 22 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बीजाई हुई है, जबकि करीब 14 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जी की फसल लगाई गई है। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि इस बार सब्जी की फसल अधिक क्षेत्र में है, इन किसानों को सर्दी के मौसम में इन फसलों का अधिक ध्यान रखना चाहिए और कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेनी चाहिए।
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सब्जी उत्पादक को नुकसान : कृषि विशेषज्ञ
कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. जेएन भाटिया का कहना है कि रविवार को सर्दी के सीजन में सबसे अधिक ठंड रही है और आगे भी ठंड बढ़ने की उम्मीद है। ठंड बढ़ने से गेहूं की फसल में बड़ा फायदा होगा। गेहूं का फुटाव बढ़ेगा तो उत्पादन में भी वृद्घि होगी। वहीं टमाटर, आलू, मटर सहित अन्य सब्जियों में ठंड बढ़ने से नुकसान हो सकता है।