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किसान आंदोलन समाप्त करने के लिए सीएम से करेंगे मध्यस्थता करने की मांग : बलजीत सिंह
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कुरुक्षेत्र।ग्रामीणों से मुलाकात करते हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जत्थेदा?
- फोटो : Kurukshetra
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलकर उन्हें किसान आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार और किसानों के बीच मध्यस्थता करने का प्रस्ताव रखेंगे। इससे लंबे समय से संघर्ष कर रहे किसानों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति को समाप्त किया जा सकेगा।
बातचीत का जो दौर समाप्त हुआ था उसे दोबारा शुरू किए जाने की जरूरत है। किसानों के साथ बातचीत करके इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है। जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल गांव बीबीपुर कलां में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को बातचीत का दौर शुरू करके ऐसा रास्ता निकालना चाहिए। इससे किसानों को भी संतुष्ट किया जा सके और इस मसले को जल्द ही समाप्त किया जा सके।
उन्होंने गिरते भूजल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसे रोकने के लिए किसानों को भी आगे आना होगा। किसान पानी की अधिक लागत वाली खेती के रकबे को घटाकर बागवानी जैसे दूसरे विकल्प चुन सकते हैं। उन्होंने खेती में पेस्टीसाइड के हो रहे प्रयोग पर भी चिंता जताते हुए कहा कि जहर युक्त खेती हमारी नस्लों को बर्बाद कर रही है। कैंसर, शुगर और हार्ट अटैक जैसी दर्जनों बीमारियां जहर युक्त खेती की देन हैं।
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किसानों को अधिक पैदावार का मोह त्याग कर आर्गेनिक खेती की तरफ कदम बढ़ाना होगा। जल्द ही वे अपने कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों को जहर मुक्त खेती के प्रति प्रेरित करेंगे। साथ ही हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के बैनर तले वन बचाओ, जल बचाओ अभियान भी जल्द शुरू किया जाएगा। इसके तहत संगत को प्रदेश में करोड़ों पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि अभी पिछले दिनों ऑक्सीजन की जिस कमी से हमें जूझना पड़ा है। इसका जड़ से सफाया किया जा सके।
माहौल खराब करने वालों से दिक्कत
उन्होंने कहा कि हरियाणा में गुरुद्वारों में सेवा और हक के विवाद को लेकर कमेटी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है। उन्हें पूरा यकीन है कि अदालत हरियाणा के सिखों के हकों को देखते हुए कमेटी के हक में फैसला देगी। इसके बाद प्रदेश के सभी गुरुद्वारों की सेवा सुचारू रूप से संचालित की जाएगी। दादूवाल ने कहा कि उनका किसी जाति या धर्म से कोई भेदभाव नहीं है। सिर्फ उन लोगों से उनका मतभेद है, जो दूसरों के धर्म में हस्तक्षेप करके सामाजिक और धार्मिक माहौल को खराब करने का प्रयास करते हैं।
इस मौके पर उनके साथ एसजीपीसी कार्यकारिणी सदस्य जत्थेदार सतपाल सिंह रामगढ़िया, राजबीर सिंह राणा, मंजीत सिद्धू, आनंदपाल तोमर मौजूद रहे।
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बातचीत का जो दौर समाप्त हुआ था उसे दोबारा शुरू किए जाने की जरूरत है। किसानों के साथ बातचीत करके इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है। जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल गांव बीबीपुर कलां में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को बातचीत का दौर शुरू करके ऐसा रास्ता निकालना चाहिए। इससे किसानों को भी संतुष्ट किया जा सके और इस मसले को जल्द ही समाप्त किया जा सके।
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उन्होंने गिरते भूजल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसे रोकने के लिए किसानों को भी आगे आना होगा। किसान पानी की अधिक लागत वाली खेती के रकबे को घटाकर बागवानी जैसे दूसरे विकल्प चुन सकते हैं। उन्होंने खेती में पेस्टीसाइड के हो रहे प्रयोग पर भी चिंता जताते हुए कहा कि जहर युक्त खेती हमारी नस्लों को बर्बाद कर रही है। कैंसर, शुगर और हार्ट अटैक जैसी दर्जनों बीमारियां जहर युक्त खेती की देन हैं।
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किसानों को अधिक पैदावार का मोह त्याग कर आर्गेनिक खेती की तरफ कदम बढ़ाना होगा। जल्द ही वे अपने कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों को जहर मुक्त खेती के प्रति प्रेरित करेंगे। साथ ही हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के बैनर तले वन बचाओ, जल बचाओ अभियान भी जल्द शुरू किया जाएगा। इसके तहत संगत को प्रदेश में करोड़ों पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि अभी पिछले दिनों ऑक्सीजन की जिस कमी से हमें जूझना पड़ा है। इसका जड़ से सफाया किया जा सके।
माहौल खराब करने वालों से दिक्कत
उन्होंने कहा कि हरियाणा में गुरुद्वारों में सेवा और हक के विवाद को लेकर कमेटी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है। उन्हें पूरा यकीन है कि अदालत हरियाणा के सिखों के हकों को देखते हुए कमेटी के हक में फैसला देगी। इसके बाद प्रदेश के सभी गुरुद्वारों की सेवा सुचारू रूप से संचालित की जाएगी। दादूवाल ने कहा कि उनका किसी जाति या धर्म से कोई भेदभाव नहीं है। सिर्फ उन लोगों से उनका मतभेद है, जो दूसरों के धर्म में हस्तक्षेप करके सामाजिक और धार्मिक माहौल को खराब करने का प्रयास करते हैं।
इस मौके पर उनके साथ एसजीपीसी कार्यकारिणी सदस्य जत्थेदार सतपाल सिंह रामगढ़िया, राजबीर सिंह राणा, मंजीत सिद्धू, आनंदपाल तोमर मौजूद रहे।