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Kurukshetra: विदेश मंत्रालय ने की पीड़ितों से पूछताछ तो छलका दर्द, बताई एजेंटों की करतूत, कदम-कदम पर मिला धोखा

Mon, 10 Feb 2025 06:18 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, कुरुक्षेत्र
अमर उजाला ब्यूरो, कुरुक्षेत्र Published by: Digvijay Singh Updated Mon, 10 Feb 2025 06:18 AM IST
सार

अमेरिका से वापस भेजे गए भारतीयों के मामले में विदेश मंत्रालय भी सक्रिय हो गया है। मंत्रालय की टीम ने कुरुक्षेत्र पहुंचकर मामले की पड़ताल की।

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When the Ministry of External Affairs questioned victims expressed their pain in Kurukshetra
पीड़ितों से पूछताछ करती विदेश मंत्रालय की टीम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमेरिका से वापस भेजे गए भारतीयों के मामले में विदेश मंत्रालय भी सक्रिय हो गया है। मंत्रालय की टीम ने कुरुक्षेत्र पहुंचकर मामले की पड़ताल की। टीम ने करीब तीन घंटे तक परसू राम कॉलोनी के रहने वाले परमजीत व जोगना खेड़ा गांव के विकास के घर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली। साथ ही संबंधित थाना प्रभारी और पुलिस अधीक्षक से भी चर्चा की। अमेरिका से 104 लोगों को डिपोर्ट किया गया था। उनमें कुरुक्षेत्र के 14 लोगों की सूची पुलिस प्रशासन के पास पहुंची थी। इनमें अभी तक दो लोगों ने ही पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई है। जिनमें चनारथल रोड परसू राम कॉलोनी के परमजीत व गांव जोगनाखेड़ा के विकास शामिल हैं। परमजीत के साथ उसकी पत्नी व दो बच्चों को अमेरिका भेजने के नाम पर एक करोड़ 20 लाख रुपये व विकास के साथ 16 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं।

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विदेश मंत्रालय की टीम शनिवार को सबसे पहले परमजीत के पास पहुंची, जहां करीब आधा घंटा तक विस्तार से जानकारी ली उसके द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत की कॉपी भी ले ली। टीम ने परमजीत के साथ उसके परिजनों से भी पूरे मामले पर चर्चा की। इसके बाद टीम थाना केयूके में ही जोगनाखेड़ा के विकास से मिली। टीम ने विकास से जाना कि किस तरह एजेंट ने उन्हें फंसाया और उन्हें रास्ते में क्या-क्या प्रताड़ना झेलनी पड़ी। बाद में टीम ने पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला से भी उनके कार्यालय में चर्चा की। टीम संभवतः प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी इस तरह के मामलों की जांच करने के लिए पीड़ितों से मुलाकात करेगी। इसके बाद एक रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपी जाएगी।
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सपने दिखाने वाले एजेंट ने पहचानने से ही कर दिया इनकार 
विकास कुमार ने विदेश मंत्रालय की टीम को दी शिकायत में बताया कि अमित पंजेटा लोगों को विदेश भेजने का काम करता है। उसने 40 लाख रुपये में अमेरिका भेजने का सौदा तय किया था। 29 जुलाई को उसे चेक गणराज्य भेजा तो अगले दिन स्पेन मैडरिड भेज दिया, जहां होटल में 15-16 दिन रहा। इसके बाद उसे मैक्सिको का भरोसा देकर ब्राजील भेज दिया और फोन पर संपर्क करना बंद कर दिया। जब वह ब्राजील के जंगल में फंसा तो वहां से पाकिस्तानी डोंकर को अलग से रुपये दिए और किसी तरह अमेरिका तक पहुंचा। इस बीच उसके करीब पांच से छह माह लग गए। गत 15 जनवरी को ही वह अमेरिका पहुंचा। विकास ने बताया की करीब 40 लाख खर्च हुए तो करीब छह माह तक प्रताड़ना भी झेली। वहीं वापस लौटने पर एजेंट को कॉल की तो उसने पहचानने से भी इन्कार कर दिया। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी अमित के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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प्रताड़ना भी झेली, 1.2 करोड़ रुपये भी गंवाए
करनाल जिले के हैबतपुर के रहने वाले परमजीत सिंह कुरुक्षेत्र के चनारथल रोड पर रहते हैं। उन्होंने शिकायत में कथित एजेंट सलिंद्र भूरा, जिंदा, रिंकू पर एक करोड़ 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। शिकायत में परमजीत बताते हैं कि उनकी पहचान सलिंद्र से चनारथल रोड पर ही हुई थी। उसने भरोसा दिया था कि उसके साथ-साथ पत्नी व दो बच्चों को प्रति 30 लाख रुपये के अनुसार अमेरिका भेज देंगे। अपना मकान 74 लाख रुपये में बेच दिया और लोन आदि लेकर बाकी की रकम जुटाई। गत 18 दिसंबर को आरोपी ने 40 लाख 50 हजार रुपये लेने के बाद कहा कि 22 दिसंबर को फ्लाइट है और 70 लाख रुपये वह अमेरिका पहुंचाने के बाद ले लेगा।

पहुंचा दिया मैक्सिको 
25 दिसंबर को बताया गया कि टिकट एल सिल्वा डोर का तैयार हो गया है, फ्लाइट आपको पनामा सिटी उतारेगी। किसी कारणवश उपरोक्त एलसिल्वा डोर की फ्लाइट रद्द हो गई। फिर 27 दिसंबर को कोस्तारिका का टिकट व्हाट्सएप किया और कहा कि यह आपको वहां उतार देगी। इसके बाद बहाने बनाए जाने लगे तो किसी तरह 15 दिन बाद वे मैक्सिको पहुंचे और उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया गया। मारपीट की तथा करंट तक लगाया गया। डराकर बाकी रकम भी ले ली।


एक-दूसरे को देख डंकी रूट के फेर में फंसे युवा, बढ़ी संख्या
पानीपत। युवा विदेश में जाकर डॉलर कमाने की चाह में अपनी जमा पूंजी के साथ घर और जमीन तक बेचने को तैयार हैं। डंकी के रास्ते अमेरिका समेत दूसरे देशों में जाने वाले युवाओं की संख्या एक दूसरे को देखकर लगातार बढ़ती जा रही है। इसी के साथ उनके साथ धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ रहे हैं। बात 2024 की करें तो एक साल में पुलिस के पास कबूतरबाजी के 35 मामले पहुंचे। वहीं 2025 में एक महीने में अब तक पांच मामले आ चुके हैं। पुलिस ने पिछले साल के 35 में से 15 मामलों को सुलझाकर 16 आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है।



 
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