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बारिश से बढ़ी सर्दी, ठिठुरे लोग, कृषि विशेषज्ञ बोले- बारिश टमाटर और आलू की फसल के लिए नुकसानदायक तो गेहूं की फसल के लिए वरदान
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खेत में खडी गेहूं की फसल ।
- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। पिछले दो दिनों ओलावृष्टि के साथ हुई बारिश से सर्दी बढ़ गई है। तापमान गिरने और सर्द हवाओं ने आम जनमानस ठिठुरते हुए नजर आ रहे हैं। शनिवार को पूरे दिन सूर्यदेव ने आसमान में छाए बादलों के बीच लुका-छिपी का खेल खेला, तो वहीं सर्द हवाओं के झोंके लोगों को कड़ाके की सर्दी का अहसास करा रहे थे।
शनिवार को जिले का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
उधर दो दिन हुई बारिश से फसलों पर भी संकट मंडराने लगा है। बेमौसम बारिश होने से हरी सब्जियों की फसलों को नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है वहीं आलू की फसल को इस बारिश से फायदा होने की बात किसानों द्वारा कही जा रही है। अगर अब ओर बारिश होती है तो आलू, टमाटर, मटर सहित अन्य सब्जियों को ओर ज्यादा नुकसान पहुंचेगा। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह ने शाहाबाद, पिहोवा, इस्माईलाबाद, थानेसर क्षेत्र के गांव अढोण, कलाल माजरा, धुराला सहित अन्य गांव के खेतों का निरीक्षण किया। कृषि वैज्ञानिकों की माने तो इस बारिश से किसानों को फायदा कम नुकसान ज्यादा हुआ है। शनिवार को आसमान में छाए बादलों को देख किसानों की सांसे फूली रहीं। किसानों का कहना है कि दो दिन की बारिश के बाद भी मौसम साफ नहीं हुआ। अगर अब और अधिक बारिश हुई तो गेहूं की फसल के लिए भी यह नुकसानदायक बन जाएगी। तोरिए की फसल, सरसों की फसल, आलू की फसल के साथ सब्जियों सहित पशुओं के हरे चारे में भी काफी नुकसान होगा। शनिवार को चली ठंडी हवाओं से बचने के लिए लोग अपने घरों में दुबके रहे। वहीं मौसम विज्ञान के जानकार बताते हैं कि आने वाले दिनों में अभी और सर्दी बढे़गी तथा साथ ही मौसम खराब होने के आसार भी बन रहे हैं।
बीते शुक्रवार को इन क्षेत्र में इतने एमएम हुई बारिश
लाडवा- 6.5 एमएम
बाबैन- 22 एमएम
शाहाबाद- 26 एमएम
थानेसर- 54 एमएम
ईस्मालाबाद- 10 एमएम
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शनिवार को जिले का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
उधर दो दिन हुई बारिश से फसलों पर भी संकट मंडराने लगा है। बेमौसम बारिश होने से हरी सब्जियों की फसलों को नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है वहीं आलू की फसल को इस बारिश से फायदा होने की बात किसानों द्वारा कही जा रही है। अगर अब ओर बारिश होती है तो आलू, टमाटर, मटर सहित अन्य सब्जियों को ओर ज्यादा नुकसान पहुंचेगा। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह ने शाहाबाद, पिहोवा, इस्माईलाबाद, थानेसर क्षेत्र के गांव अढोण, कलाल माजरा, धुराला सहित अन्य गांव के खेतों का निरीक्षण किया। कृषि वैज्ञानिकों की माने तो इस बारिश से किसानों को फायदा कम नुकसान ज्यादा हुआ है। शनिवार को आसमान में छाए बादलों को देख किसानों की सांसे फूली रहीं। किसानों का कहना है कि दो दिन की बारिश के बाद भी मौसम साफ नहीं हुआ। अगर अब और अधिक बारिश हुई तो गेहूं की फसल के लिए भी यह नुकसानदायक बन जाएगी। तोरिए की फसल, सरसों की फसल, आलू की फसल के साथ सब्जियों सहित पशुओं के हरे चारे में भी काफी नुकसान होगा। शनिवार को चली ठंडी हवाओं से बचने के लिए लोग अपने घरों में दुबके रहे। वहीं मौसम विज्ञान के जानकार बताते हैं कि आने वाले दिनों में अभी और सर्दी बढे़गी तथा साथ ही मौसम खराब होने के आसार भी बन रहे हैं।
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बीते शुक्रवार को इन क्षेत्र में इतने एमएम हुई बारिश
लाडवा- 6.5 एमएम
बाबैन- 22 एमएम
शाहाबाद- 26 एमएम
थानेसर- 54 एमएम
ईस्मालाबाद- 10 एमएम

weather- फोटो : Kurukshetra
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