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Kurukshetra News: कलाकृति भवन में वसंत उत्सव की धूम, हरियाणा और पंजाब के कलाकारों ने बांधा समा
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कुरुक्षेत्र।कला कीर्ति भवन में आयोजित बसंत उत्सव कार्यक्रम में कत्थक की प्रस्तुति देती कलाकार स
कुरुक्षेत्र। लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की जानी वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां न केवल उनके प्रदेश की सभ्यता व संस्कृति का बखान करती है, बल्कि उस प्रदेश के सामाजिक परिवेश का भी दर्शन कराती हैं। यह कहना है पं. दीन दयाल उपाध्याय अध्ययन केंद्र के उपनिदेशक डाॅ. जितेंद्र का। वे कला कीर्ति भवन में हरियाणा कला परिषद् द्वारा आयोजित आठ दिवसीय वसंत उत्सव के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।
कला कृति भवन में हरियाणा और पंजाब के कलाकारों ने अपने प्रदेश के लोक रंग प्रस्तुत किये। उत्सव का आगाज मुख्यअतिथि डाॅ. जितेंद्र व निदेशक नागेंद्र शर्मा ने किया। कार्यक्रम का संचालन हरियाणा कला परिषद के मीडिया प्रभारी विकास शर्मा द्वारा किया गया। नागेंद्र शर्मा ने आठ दिवसीय वसंत उत्सव की रुपरेखा साझा की। कार्यक्रम में पहली प्रस्तुति कत्थक नृत्य की रही। जिसमें कुरुक्षेत्र से डाॅ. अमरजीत कौर और उनके कलाकारों ने शिवस्तुति रुद्राष्टकम प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोहा। इसके बाद हरियाणा प्रदेश के रोहतक से आए शीशपाल और उनके साथियों द्वारा बम लहरी नृत्य प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया गया। वहीं पंजाब के पटियाला से रवि कुन्नर और उनके कलाकारों ने हीर दी कली गीत सुनाकर पंजाब की खुशबू को लोगों तक पहुंचाया। इसके बाद डाॅ. अमरजीत कौर ने कत्थक के तकनीकी पक्षों को अपने नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। इसके साथ ही हरियाणवी वेशभूषा में हरियाणा के कलाकार घूमर नृत्य के लिए मंच पर पहुंचे तो दर्शकों ने गर्मजोशी के साथ कलाकारों का स्वागत किया। पीले रंग की वेशभूषा में कलाकारों ने वसंत को सार्थक करते हुए अपने नृत्य की प्रस्तुति दी।
वहीं पंजाब का जिंदुआ लोगों को आकर्षित करने में कामयाब रहा। हरियाणवी लोक गायिका पूनम रानी ने भी हरियाणवी संस्कृति की झलक दिखाई। जहां एक ओर हरियाणवी और पंजाबी नृत्यों की धूम रही, वहीं कत्थक नृत्य ने भी भरपूर वाहवाही बटौरी। अंतिम प्रस्तुति पंजाब के भंगड़ा की रही, जिसमें एक से बढ़कर एक करतब दिखाते हुए पंजाब के गबरु जवान अपने नृत्य से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर रहे थे। इसके अतिरिक्त नवीन नाथ बीन वादक और नानकचंद नगाड़ा वादक ने सभागार के बाहर अपने वाद्य यंत्रों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
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कला कीर्ति भवन में आज होगी काव्य संध्या
कला कीर्ति भवन में 11 से 18 फरवरी तक आयोजित वसंत उत्सव में 13 फरवरी को काव्य संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सरदार कुलवंत रफीक, डाॅ. दिनेश दधिचि, डाॅ. कुमार विनोद, डाॅ. देवेंद्र बीबीपुरिया, गायत्री कौशल, बलवान सिंह, सूबे सिंह सुजान तथा प्रकाश कुरुक्षेत्री शाम छह बजे अपना काव्य पाठ करेगें।
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कला कृति भवन में हरियाणा और पंजाब के कलाकारों ने अपने प्रदेश के लोक रंग प्रस्तुत किये। उत्सव का आगाज मुख्यअतिथि डाॅ. जितेंद्र व निदेशक नागेंद्र शर्मा ने किया। कार्यक्रम का संचालन हरियाणा कला परिषद के मीडिया प्रभारी विकास शर्मा द्वारा किया गया। नागेंद्र शर्मा ने आठ दिवसीय वसंत उत्सव की रुपरेखा साझा की। कार्यक्रम में पहली प्रस्तुति कत्थक नृत्य की रही। जिसमें कुरुक्षेत्र से डाॅ. अमरजीत कौर और उनके कलाकारों ने शिवस्तुति रुद्राष्टकम प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोहा। इसके बाद हरियाणा प्रदेश के रोहतक से आए शीशपाल और उनके साथियों द्वारा बम लहरी नृत्य प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया गया। वहीं पंजाब के पटियाला से रवि कुन्नर और उनके कलाकारों ने हीर दी कली गीत सुनाकर पंजाब की खुशबू को लोगों तक पहुंचाया। इसके बाद डाॅ. अमरजीत कौर ने कत्थक के तकनीकी पक्षों को अपने नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। इसके साथ ही हरियाणवी वेशभूषा में हरियाणा के कलाकार घूमर नृत्य के लिए मंच पर पहुंचे तो दर्शकों ने गर्मजोशी के साथ कलाकारों का स्वागत किया। पीले रंग की वेशभूषा में कलाकारों ने वसंत को सार्थक करते हुए अपने नृत्य की प्रस्तुति दी।
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वहीं पंजाब का जिंदुआ लोगों को आकर्षित करने में कामयाब रहा। हरियाणवी लोक गायिका पूनम रानी ने भी हरियाणवी संस्कृति की झलक दिखाई। जहां एक ओर हरियाणवी और पंजाबी नृत्यों की धूम रही, वहीं कत्थक नृत्य ने भी भरपूर वाहवाही बटौरी। अंतिम प्रस्तुति पंजाब के भंगड़ा की रही, जिसमें एक से बढ़कर एक करतब दिखाते हुए पंजाब के गबरु जवान अपने नृत्य से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर रहे थे। इसके अतिरिक्त नवीन नाथ बीन वादक और नानकचंद नगाड़ा वादक ने सभागार के बाहर अपने वाद्य यंत्रों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
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कला कीर्ति भवन में आज होगी काव्य संध्या
कला कीर्ति भवन में 11 से 18 फरवरी तक आयोजित वसंत उत्सव में 13 फरवरी को काव्य संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सरदार कुलवंत रफीक, डाॅ. दिनेश दधिचि, डाॅ. कुमार विनोद, डाॅ. देवेंद्र बीबीपुरिया, गायत्री कौशल, बलवान सिंह, सूबे सिंह सुजान तथा प्रकाश कुरुक्षेत्री शाम छह बजे अपना काव्य पाठ करेगें।

कुरुक्षेत्र।कला कीर्ति भवन में आयोजित बसंत उत्सव कार्यक्रम में कत्थक की प्रस्तुति देती कलाकार स

कुरुक्षेत्र।कला कीर्ति भवन में आयोजित बसंत उत्सव कार्यक्रम में कत्थक की प्रस्तुति देती कलाकार स