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कीटनाशक का प्रयोग मधुमक्खी पालक के लिए नुकसानदायक : डॉ सत्येंद्र

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 23 Dec 2024 01:33 AM IST
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Use of pesticides is harmful for beekeepers: Dr. Satyendra
कुरुक्षेत्र। एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र रामनगर में गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें डाॅ. सत्येंद्र यादव ने कहा कि परागण की प्रक्रिया उन फलों, सब्जियों या अनाजों को उगाने में प्रमुख भूमिका निभाती है। जो हम खाते हैं, मधुमक्खियां पराग को एक पौधे से दूसरे पौधे तक ले जाने में मदद करती हैं। जब मधुमक्खी किसी फूल पर बैठती है तो परागकण उसके पैरों और पंखों पर चिपक जाते हैं और जब वह उड़कर दूसरे पौधे पर बैठती है तो ये परागकण उस पौधे में जाकर खाद बनाते हैं। इससे फल और बीज पैदा होते हैं।
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उन्होंने बताया कि किसानों को फसलों पर ज्यादा कीटनाशक दवाओं का प्रयोग नहीं करना चाहिए यदि करना भी है तो सुबह के समय या फिर शाम के समय स्प्रे कर सकते हैं। क्योंकि स्प्रे मधुमक्खियों के लिए नुकसानदायक है। प्रदेश के कई जिले जैसे रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ में किसान कीटनाशक दवाओं का प्रयोग बहुत कम करते हैं, जिस कारण वो मधुमक्खियों के परागण में कारगर साबित हो रहे हैं। इस मौके पर डाॅ. नेहा, डाॅ. चांद, मुकेश, राजेश सैनी, राजसिंह सहित अन्य सदस्य रहे। संवाद
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