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धान खरीद शुरू कराने को लेकर बवाल : किसानों और जवानों में टकराव, आंसू गैस और पानी की बौछारें छोड़ी, लाठीचार्ज भी किया
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कुरुक्षेत्र। शाहाबाद। किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस छोड़ते हुए पुलिसकर्मी। संवाद
- फोटो : Samvad
कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। धान खरीद शुरू करने की मांग को लेकर मंगलवार को किसान और पुलिस के जवान आमने-सामने आ गए। पुलिस की पांच लेयर की नाकेबंदी तोड़ बराड़ा रोड से हाईवे जाम करने जा रहे किसानों व पुलिस के बीच जमकर टकराव हुआ। पुख्ता बंदोबस्त के साथ तैनात पुलिस बल ने किसानों को रोकने के लिए पानी की बौछारें और आंसू गैस छोड़ी, जिसके बावजूद हाईवे जाम कर रहे किसानों पर हल्का लाठीचार्ज कर तितर-बितर किया। करीब 15 मिनट हाईवे जाम के बाद किसान लिंक रोड जाम कर बैठ गए। दोपहर से लेकर देर शाम तक तनाव बना रहा।
16 सितंबर की महापंचायत में 20 सितंबर तक खरीद शुरू कराने के प्रशासनिक आश्वासन के बावजूद खरीद शुरू न होने से नाराज किसानों ने मंगलवार को पहले भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी की अध्यक्षता में बराड़ा रोड स्थित शहीद ऊधम सिंह स्मारक हॉल में महापंचायत की। पहले से ही हाईवे जाम के एलान के चलते पंचायत शुरू होने के दौरान ही जिला उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, शाहाबाद एसडीएम शंभू राठी अन्य अधिकारियों के साथ पहुंचे और बंद कमरे में भाकियू के अध्यक्ष गुरनाम चढूनी, प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना व अन्य किसान नेताओं के साथ करीब डेढ़ घंटा तक बातचीत की।
उपायुक्त ने सरकार की ओर से 26 सितंबर तक का समय मांगा और इसके बाद धान की सरकारी खरीद शुरू कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद गुरनाम चढ़ूनी दोबारा महापंचायत में पहुंचे लेकिन लौटने के बजाय उन्होंने किसानों से चर्चा करते हुए जीटी रोड जाम करने का एलान कर दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में किसान बैरिकेडिंग तोड़ते हुए हाईवे की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछारें छोड़ीं और आंसू गैस के गोले दागे।
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पुलिस को चकमा देकर हाईवे पर पहुंच गए चढूनी
पुलिस को चकमा देकर कुछ किसान चढ़ूनी को स्मारक के पिछले रास्ते से बाहर निकालकर नेशनल हाईवे पर ले गए। किसानों ने हाईवे पर वाहनों को रोककर जाम लगा दिया। कुछ ही देर बाद पुलिस ने हाईवे पर बैठे किसानों को हटाने के लिए कार्रवाई की और आंसू गैस के गोले दागे इसके बाद पुलिस जवानों ने हाईवे पर पहुंचकर करीब 10 मिनट तक लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज के बाद किसान हाईवे से उतरकर अंबाला-दिल्ली नेशनल हाईवे लिंक रोड पर बैठ गए।
चढूनी बोले- अभी जारी रहेगा आंदोलन
चढ़ूनी ने कहा कि आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। जब तक धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं होती, किसानों का संघर्ष जारी रहेगा। अब आगे की रणनीति तय की जाएगी। हर वर्ष, पहले किसानों पर पुलिस कार्रवाई होती है और उसके बाद धान की खरीद शुरू होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी सिस्टम में कुछ अधिकारी उच्च पदों पर हैं, जब तक व्यवस्था में रहेंगे तब तक धांधली खत्म नहीं होगी। उन्होंने कहा कि हर वर्ष मंडियों में धान की भीड़ लगने के बाद जल्दबाजी में खरीद शुरू की जाती है और इसी जल्दबाजी में कई बड़े-बड़े घपले होते हैं। ऐसा पिछले कई वर्षों से लगातार हो रहा है।
दर्जनों किसानों के साथ दो पुलिसकर्मी भी चोटिल
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना के मुताबिक टकराव के चलते सत्यवान गोहाना, अंकित अंबाला सहित दर्जनों किसानों को हल्की चोट आई है। हालांकि उन्हें अस्पताल तक नहीं ले जाना पड़ा। यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम चढूनी की भी पगड़ी पानी की बौछारों की वजह से उतर गई, जिसे दोबारा बांधना पड़ा। उन्हें भी पानी की बौछारों से कुछ गुम चोट आई है। पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन के मुताबिक इस दौरान सीआईए टू के एएसआई विजय कुमार व अन्य कर्मियों को चोट आई है।
एसपी बोले- कानून हाथ में नहीं लेने देंगे
एसपी चंद्रमोहन ने स्पष्ट कहा कि कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। हाईवे देश-प्रदेश की लाइफ लाइन है और इसे बंद नहीं होने दिया जा सकता। पुलिस ने पानी की बौछारें छोड़कर किसानों को रोकने का प्रयास किया था। उन्होंने किसानों को बातचीत से मामला सुलझाने की भी अपील की।
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16 सितंबर की महापंचायत में 20 सितंबर तक खरीद शुरू कराने के प्रशासनिक आश्वासन के बावजूद खरीद शुरू न होने से नाराज किसानों ने मंगलवार को पहले भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी की अध्यक्षता में बराड़ा रोड स्थित शहीद ऊधम सिंह स्मारक हॉल में महापंचायत की। पहले से ही हाईवे जाम के एलान के चलते पंचायत शुरू होने के दौरान ही जिला उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, शाहाबाद एसडीएम शंभू राठी अन्य अधिकारियों के साथ पहुंचे और बंद कमरे में भाकियू के अध्यक्ष गुरनाम चढूनी, प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना व अन्य किसान नेताओं के साथ करीब डेढ़ घंटा तक बातचीत की।
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उपायुक्त ने सरकार की ओर से 26 सितंबर तक का समय मांगा और इसके बाद धान की सरकारी खरीद शुरू कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद गुरनाम चढ़ूनी दोबारा महापंचायत में पहुंचे लेकिन लौटने के बजाय उन्होंने किसानों से चर्चा करते हुए जीटी रोड जाम करने का एलान कर दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में किसान बैरिकेडिंग तोड़ते हुए हाईवे की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछारें छोड़ीं और आंसू गैस के गोले दागे।
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पुलिस को चकमा देकर हाईवे पर पहुंच गए चढूनी
पुलिस को चकमा देकर कुछ किसान चढ़ूनी को स्मारक के पिछले रास्ते से बाहर निकालकर नेशनल हाईवे पर ले गए। किसानों ने हाईवे पर वाहनों को रोककर जाम लगा दिया। कुछ ही देर बाद पुलिस ने हाईवे पर बैठे किसानों को हटाने के लिए कार्रवाई की और आंसू गैस के गोले दागे इसके बाद पुलिस जवानों ने हाईवे पर पहुंचकर करीब 10 मिनट तक लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज के बाद किसान हाईवे से उतरकर अंबाला-दिल्ली नेशनल हाईवे लिंक रोड पर बैठ गए।
चढूनी बोले- अभी जारी रहेगा आंदोलन
चढ़ूनी ने कहा कि आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। जब तक धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं होती, किसानों का संघर्ष जारी रहेगा। अब आगे की रणनीति तय की जाएगी। हर वर्ष, पहले किसानों पर पुलिस कार्रवाई होती है और उसके बाद धान की खरीद शुरू होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी सिस्टम में कुछ अधिकारी उच्च पदों पर हैं, जब तक व्यवस्था में रहेंगे तब तक धांधली खत्म नहीं होगी। उन्होंने कहा कि हर वर्ष मंडियों में धान की भीड़ लगने के बाद जल्दबाजी में खरीद शुरू की जाती है और इसी जल्दबाजी में कई बड़े-बड़े घपले होते हैं। ऐसा पिछले कई वर्षों से लगातार हो रहा है।
दर्जनों किसानों के साथ दो पुलिसकर्मी भी चोटिल
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना के मुताबिक टकराव के चलते सत्यवान गोहाना, अंकित अंबाला सहित दर्जनों किसानों को हल्की चोट आई है। हालांकि उन्हें अस्पताल तक नहीं ले जाना पड़ा। यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम चढूनी की भी पगड़ी पानी की बौछारों की वजह से उतर गई, जिसे दोबारा बांधना पड़ा। उन्हें भी पानी की बौछारों से कुछ गुम चोट आई है। पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन के मुताबिक इस दौरान सीआईए टू के एएसआई विजय कुमार व अन्य कर्मियों को चोट आई है।
एसपी बोले- कानून हाथ में नहीं लेने देंगे
एसपी चंद्रमोहन ने स्पष्ट कहा कि कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। हाईवे देश-प्रदेश की लाइफ लाइन है और इसे बंद नहीं होने दिया जा सकता। पुलिस ने पानी की बौछारें छोड़कर किसानों को रोकने का प्रयास किया था। उन्होंने किसानों को बातचीत से मामला सुलझाने की भी अपील की।

कुरुक्षेत्र। शाहाबाद। किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस छोड़ते हुए पुलिसकर्मी। संवाद- फोटो : Samvad

कुरुक्षेत्र। शाहाबाद। किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस छोड़ते हुए पुलिसकर्मी। संवाद- फोटो : Samvad

कुरुक्षेत्र। शाहाबाद। किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस छोड़ते हुए पुलिसकर्मी। संवाद- फोटो : Samvad

कुरुक्षेत्र। शाहाबाद। किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस छोड़ते हुए पुलिसकर्मी। संवाद- फोटो : Samvad

कुरुक्षेत्र। शाहाबाद। किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस छोड़ते हुए पुलिसकर्मी। संवाद- फोटो : Samvad

कुरुक्षेत्र। शाहाबाद। किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस छोड़ते हुए पुलिसकर्मी। संवाद- फोटो : Samvad