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Kurukshetra News: विवि के गोयल पुरस्कारों की घोषणा, देश के चार वैज्ञानिक होंगे सम्मानित
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कुरुक्षेत्र। प्रो. अनिरुद्ध पंडित।
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को चार वैज्ञानिकों को उनके शोध के लिए वर्ष 2023-24 के गोयल पुरस्कार देने की घोषणा की। इन वैज्ञानिकों में अनुप्रयुक्त विज्ञान के क्षेत्र में मुंबई से प्रो. अनिरुद्ध पंडित, रसायन विज्ञान के क्षेत्र में चेन्नई से पद्म श्री प्रो. थलप्पिल प्रदीप, जीव विज्ञान क्षेत्र में दिल्ली से प्रो. परमजीत खुराना और भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में बैंगलोर से प्रो. श्रीराम रामास्वामी का चयन किया गया है।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि विवि वर्ष 1992 से निरंतर देश के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों को सम्मानित कर रहा है और यह गौरव प्राप्त करने वाला देश का एकमात्र विश्वविद्यालय है। चयनित प्रत्येक वैज्ञानिक को सम्मान स्वरूप दो लाख रुपये नकद, एक स्वर्ण पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
आयोजन समिति के सह-अध्यक्ष प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि प्रो. थलप्पिल प्रदीप ने नैनो-टेक्नोलॉजी के माध्यम से पेयजल को शुद्ध करने की सस्ती तकनीक विकसित की है। प्रो. परमजीत खुराना गेहूं की पैदावार बढ़ाने के लिए आधुनिक जेनोमिक्स पर कार्य कर रही हैं। प्रो. अनिरुद्ध पंडित के बहुउद्देशीय रिएक्टर डिजाइन और प्रो. श्रीराम रामास्वामी के कंडेंस्ड मैटर फिजिक्स में योगदान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मस्तक ऊंचा किया है।
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पुरस्कार समिति की संयोजक प्रो. अनीता भटनागर ने जानकारी दी कि अब तक 120 से अधिक दिग्गज वैज्ञानिक इस सम्मान से नवाजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि इन मुख्य पुरस्कारों के साथ-साथ 45 वर्ष से कम आयु के होनहार युवा वैज्ञानिकों के लिए राजीव गोयल पुरस्कार की चयन प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।
1990 से दिया जा रहा पुरस्कार, मार्च माह में होगा भव्य समारोह : पूनिया
लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि गोयल पुरस्कारों की गौरवशाली परंपरा की नींव 1990 में अमेरिका निवासी प्रवासी भारतीय स्व. रामएस गोयल ने रखी थी। विज्ञान के इस महाकुंभ का भव्य पुरस्कार वितरण समारोह इसी वर्ष मार्च माह में विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा जिसमें देशभर के दिग्गज वैज्ञानिकों के जुटने की उम्मीद है।
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कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि विवि वर्ष 1992 से निरंतर देश के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों को सम्मानित कर रहा है और यह गौरव प्राप्त करने वाला देश का एकमात्र विश्वविद्यालय है। चयनित प्रत्येक वैज्ञानिक को सम्मान स्वरूप दो लाख रुपये नकद, एक स्वर्ण पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
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आयोजन समिति के सह-अध्यक्ष प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि प्रो. थलप्पिल प्रदीप ने नैनो-टेक्नोलॉजी के माध्यम से पेयजल को शुद्ध करने की सस्ती तकनीक विकसित की है। प्रो. परमजीत खुराना गेहूं की पैदावार बढ़ाने के लिए आधुनिक जेनोमिक्स पर कार्य कर रही हैं। प्रो. अनिरुद्ध पंडित के बहुउद्देशीय रिएक्टर डिजाइन और प्रो. श्रीराम रामास्वामी के कंडेंस्ड मैटर फिजिक्स में योगदान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मस्तक ऊंचा किया है।
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पुरस्कार समिति की संयोजक प्रो. अनीता भटनागर ने जानकारी दी कि अब तक 120 से अधिक दिग्गज वैज्ञानिक इस सम्मान से नवाजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि इन मुख्य पुरस्कारों के साथ-साथ 45 वर्ष से कम आयु के होनहार युवा वैज्ञानिकों के लिए राजीव गोयल पुरस्कार की चयन प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।
1990 से दिया जा रहा पुरस्कार, मार्च माह में होगा भव्य समारोह : पूनिया
लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि गोयल पुरस्कारों की गौरवशाली परंपरा की नींव 1990 में अमेरिका निवासी प्रवासी भारतीय स्व. रामएस गोयल ने रखी थी। विज्ञान के इस महाकुंभ का भव्य पुरस्कार वितरण समारोह इसी वर्ष मार्च माह में विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा जिसमें देशभर के दिग्गज वैज्ञानिकों के जुटने की उम्मीद है।

कुरुक्षेत्र। प्रो. अनिरुद्ध पंडित।

कुरुक्षेत्र। प्रो. अनिरुद्ध पंडित।

कुरुक्षेत्र। प्रो. अनिरुद्ध पंडित।