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हरियाणा पवेलियन में होंगे अनूठी हरियाणवी संस्कृति के दर्शन
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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में बने हरियाणा पवेलियन में प्रदेश की प्राचीन संस्कृति के दर्शन होंगे। इसे पर्यटकों के लिए 9 दिसंबर से खोल दिया जाएगा। इस पवेलियन में पर्यटक हरियाणवी व्यंजनों का स्वाद भी चख सकेंगे। इसकी तैयारियां शुरु कर दी गई है। सोमवार को सीएम के प्रचार ओएसडी गजेंद्र फोगाट ने ब्रह्मसरोवर पुरुषोत्तमपुरा बाग में तैयारियों का जायजा लिया। इससे पहले ओएसडी गजेंद्र फोगाट, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, पवेलियन के संयोजक शंकर ने कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में विचार विमर्श किया।
ओएसडी ने कहा कि हरियाणवी संस्कृति की झलक देखने के लिए मिलेगी। पवेलियन में पहली बार हरियाणवी पहलवानों का जलवा देखने को मिलेगा। इस पवेलियन में अखाड़ा जमाया जाएगा, जिसमें प्रदेश के जाने-माने पहलवान दंगल करेंगे। इस दंगल से युवा पीढ़ी को परंपरागत खेलों को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा पवेलियन के माध्यम से पर्यटकों में हरियाणवी संस्कृति के प्रति जागरूकता पैदा करना है। इस महोत्सव में हरियाणा पवेलियन अपने नए आयाम स्थापित करेगा। यहां पर हरियाणवी खानपान के साथ हरियाणवी कलाकारों की बेहतरीन प्रस्तुति पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी। इसके अतिरिक्त हरियाणा की पगड़ी का इतिहास, हरियाणा का प्राचीन इतिहास के माध्यम से तथा हरियाणा के लुप्त होते शिल्प को हरियाणवी पवेलियन का हिस्सा बनाकर उसे जीवित करने का प्रयास किया जाएगा।
बाक्स
सांस्कृतिक धरोहर होगी आकर्षण का केंद्र
ओएसडी ने कहा कि हरियाणा की सांस्कृतिक धरोहर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी। इस वर्ष सभी हस्त शिल्पकार हरियाणवी लोक परिधानों में अपनी संस्कृति के रंग बिखेरेंगे। पर्यटकों के लिए हरियाणवी महिला एवं पुरुष परिधान भी उपलब्ध होंगे। हर रोज पर्यटकों के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। लोक कलाकार, सपेरे, सारंगी वादक, हरियाणवी लोकगीत गाती महिलाएं, बंचारी नृत्य का भी पर्यटक लुत्फ उठा सकेंगे।
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ओएसडी ने कहा कि हरियाणवी संस्कृति की झलक देखने के लिए मिलेगी। पवेलियन में पहली बार हरियाणवी पहलवानों का जलवा देखने को मिलेगा। इस पवेलियन में अखाड़ा जमाया जाएगा, जिसमें प्रदेश के जाने-माने पहलवान दंगल करेंगे। इस दंगल से युवा पीढ़ी को परंपरागत खेलों को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा पवेलियन के माध्यम से पर्यटकों में हरियाणवी संस्कृति के प्रति जागरूकता पैदा करना है। इस महोत्सव में हरियाणा पवेलियन अपने नए आयाम स्थापित करेगा। यहां पर हरियाणवी खानपान के साथ हरियाणवी कलाकारों की बेहतरीन प्रस्तुति पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी। इसके अतिरिक्त हरियाणा की पगड़ी का इतिहास, हरियाणा का प्राचीन इतिहास के माध्यम से तथा हरियाणा के लुप्त होते शिल्प को हरियाणवी पवेलियन का हिस्सा बनाकर उसे जीवित करने का प्रयास किया जाएगा।
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सांस्कृतिक धरोहर होगी आकर्षण का केंद्र
ओएसडी ने कहा कि हरियाणा की सांस्कृतिक धरोहर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी। इस वर्ष सभी हस्त शिल्पकार हरियाणवी लोक परिधानों में अपनी संस्कृति के रंग बिखेरेंगे। पर्यटकों के लिए हरियाणवी महिला एवं पुरुष परिधान भी उपलब्ध होंगे। हर रोज पर्यटकों के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। लोक कलाकार, सपेरे, सारंगी वादक, हरियाणवी लोकगीत गाती महिलाएं, बंचारी नृत्य का भी पर्यटक लुत्फ उठा सकेंगे।
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