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Kurukshetra News: केंद्रीय गृह मंत्री प्रदर्शनी का करेंगे उद्घाटन
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कुरुक्षेत्र। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 अक्तूबर को धर्मनगरी पहुंचेंगे। वे कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में लागू नए आपराधिक कानूनों पर आधारित एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इसके लिए प्रशासन की तरफ से सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। कार्यक्रम के लिए प्रशासन की तरफ से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इन तैयारियों को पूरा करने के लिए आईजी अंबाला रेंज पंकज नैन की अध्यक्षता में 14 सदस्यीय कमेटी भी बनाई गई है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने शुक्रवार देर शाम लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक में दिशा-निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने प्रदर्शनी एवं उद्घाटन समारोह की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण प्रदर्शनी चार से पांच दिनों तक चले ताकि अधिवक्ता, छात्र, अभिभावक और आम नागरिक इसमें शामिल होकर आपराधिक न्याय प्रणाली में हुए बदलावों को समझ सकें।
उन्होंने कहा कि नए कानूनों पर व्याख्यान और पैनल चर्चा का आयोजन किया जाए जिसमें कानूनी विशेषज्ञों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो। प्रदर्शनी में वास्तविक जीवन के उदाहरणों को भी प्रदर्शित किया जाना चाहिए जहां इन कानूनों के लागू होने के बाद जघन्य अपराधों का अतिशीघ्र समाधान किया गया हो। इससे लोगों को इन सुधारों के सकारात्मक प्रभाव को देखने में मदद मिलेगी। इस प्रदर्शनी का प्राथमिक उद्देश्य भारतीय न्याय संहिता, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 के माध्यम से भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में किए गए महत्वपूर्ण सुधारों के बारे में नागरिकों को जागरूक और शिक्षित करना है। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रम की सफलता के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आईजी अंबाला रेंज की अध्यक्षता में 14 सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया गया है।
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उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने शुक्रवार देर शाम लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक में दिशा-निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने प्रदर्शनी एवं उद्घाटन समारोह की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण प्रदर्शनी चार से पांच दिनों तक चले ताकि अधिवक्ता, छात्र, अभिभावक और आम नागरिक इसमें शामिल होकर आपराधिक न्याय प्रणाली में हुए बदलावों को समझ सकें।
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उन्होंने कहा कि नए कानूनों पर व्याख्यान और पैनल चर्चा का आयोजन किया जाए जिसमें कानूनी विशेषज्ञों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो। प्रदर्शनी में वास्तविक जीवन के उदाहरणों को भी प्रदर्शित किया जाना चाहिए जहां इन कानूनों के लागू होने के बाद जघन्य अपराधों का अतिशीघ्र समाधान किया गया हो। इससे लोगों को इन सुधारों के सकारात्मक प्रभाव को देखने में मदद मिलेगी। इस प्रदर्शनी का प्राथमिक उद्देश्य भारतीय न्याय संहिता, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 के माध्यम से भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में किए गए महत्वपूर्ण सुधारों के बारे में नागरिकों को जागरूक और शिक्षित करना है। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रम की सफलता के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आईजी अंबाला रेंज की अध्यक्षता में 14 सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया गया है।
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