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Kurukshetra News: सीआरपीएफ के सेवानिवृत्त कर्मी सहित दो लोगों से लाखों ठगे
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कुरुक्षेत्र/पिहोवा। साइबर ठगों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल से सेवानिवृत्त कर्मी सहित दो लोगों के मोबाइल में एप इंस्टॉल करवाकर 10.82 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। ठग ने सेवानिवृत्त कर्मी को सिम बंद होने की बात कहकर अपना शिकार बनाया।
थाना साइबर में दर्ज शिकायत में जसबीर सिंह निवासी अमीन ने बताया कि वह सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त है। उसकी थानेसर के बैंक में 15 लाख रुपये की एफडी है। एक मार्च को उसके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई, जिसमें उस व्यक्ति ने खुद को सिम कंपनी का कर्मी बताकर उसे उसकी सिम बंद होने की बात कही। उसने सिम बंद न होने की मांग की तो उसने उसके नंबर पर लिंक भेजकर एनी डेस्क एप्लीकेशन डाउनलोड करवा दी। जैसे ही उसके कहने पर उसने कोड बताया, उसके खाते से राशि कटने का मैसेज आया। वह तुरंत बैंक पहुंचा, जहां बैंककर्मी ने उसे बताया कि उसकी एफडी पर किसी ने साढ़े 13 लाख रुपये का लोन लिया है। उसके खाते से 4.48 लाख, 45 हजार, एक हजार और 4.98 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन हुई है।
उधर, संजय गर्ग निवासी नंद कॉलोनी पिहोवा ने बताया कि वह सुनार का काम करता है। उसने अंबाला के रहने वाले एक दोस्त को 22,210 रुपये का भुगतान करना था। उसने अपने नंबर से अपने दोस्त को गूगल-पे किया ताे भुगतान प्रक्रिया रद्द हो गई। तब उसने गूगल-पे का कस्टमर केयर का नंबर सर्च कर कॉल किया तो उसकी बातचीत धीरज शर्मा से हुई, जिसने उसके मोबाइल में एविल डेस्क एप्लीकेशन डाउनलोड करवाया और आधार कार्ड का नंबर भी लिया। कुछ देर बाद उसके खाते से 90,501 रुपये कट गए। दोनों शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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थाना साइबर में दर्ज शिकायत में जसबीर सिंह निवासी अमीन ने बताया कि वह सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त है। उसकी थानेसर के बैंक में 15 लाख रुपये की एफडी है। एक मार्च को उसके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई, जिसमें उस व्यक्ति ने खुद को सिम कंपनी का कर्मी बताकर उसे उसकी सिम बंद होने की बात कही। उसने सिम बंद न होने की मांग की तो उसने उसके नंबर पर लिंक भेजकर एनी डेस्क एप्लीकेशन डाउनलोड करवा दी। जैसे ही उसके कहने पर उसने कोड बताया, उसके खाते से राशि कटने का मैसेज आया। वह तुरंत बैंक पहुंचा, जहां बैंककर्मी ने उसे बताया कि उसकी एफडी पर किसी ने साढ़े 13 लाख रुपये का लोन लिया है। उसके खाते से 4.48 लाख, 45 हजार, एक हजार और 4.98 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन हुई है।
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उधर, संजय गर्ग निवासी नंद कॉलोनी पिहोवा ने बताया कि वह सुनार का काम करता है। उसने अंबाला के रहने वाले एक दोस्त को 22,210 रुपये का भुगतान करना था। उसने अपने नंबर से अपने दोस्त को गूगल-पे किया ताे भुगतान प्रक्रिया रद्द हो गई। तब उसने गूगल-पे का कस्टमर केयर का नंबर सर्च कर कॉल किया तो उसकी बातचीत धीरज शर्मा से हुई, जिसने उसके मोबाइल में एविल डेस्क एप्लीकेशन डाउनलोड करवाया और आधार कार्ड का नंबर भी लिया। कुछ देर बाद उसके खाते से 90,501 रुपये कट गए। दोनों शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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