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कुरुक्षेत्र: तीन दिन तक बिछाया जाल, दो घंटे ऑपरेशन चलाकर पकड़े मगरमच्छ
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Trap laid for three days, crocodile caught after running operation for two hours
- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पांच लोगों की टीम ने सरस्वती नदी से दो मगरमच्छों को पकड़ लिया है। इससे नदी के समीप रहने वाले एक परिवार और आसपास के अन्य लोगों ने भी राहत की सांस ली। मगरमच्छों को पकड़ने के लिए तीन दिन तक नदी में जाल बिछाया गया। सोमवार को दो घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद मगरमच्छों को पकड़ा जा सका। इन्हें भौर सैयदा प्रजनन केंद्र में छोड़ दिया है।
सरस्वती नदी के समीप स्थित एक डेरे पर रहने वाला चुहड़ सिंह का परिवार वीरवार को उस समय दहशत में आ गया था जब नदी में मगरमच्छ दिखाई दिया। उन्होंने इसकी सूचना गोताखोर प्रगट सिंह को दे दी। उन्होंने सिंद्र, नरेंद्र, गुरविंद्र व गुलाब के साथ पहले दिन से ही नदी से मगरमच्छ पकड़ने का प्रयास शुरू कर दिया। इसके लिए जाल बिछाया गया तो दिन-रात निगरानी की जाने लगी। इस बीच कई बार उन्हें जाल में फंसाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। सोमवार सुबह फिर दोनों मगरमच्छों की हरकत दिखाई दी तो फिर सतर्कता के साथ ऑपरेशन चलाया गया। दो घंटे में वह मगरमच्छों को पकड़ने में कामयाब रहे।
बेहद खंखार हैं दोनों मगरमच्छ : प्रगट
गोताखोर प्रगट सिंह ने बताया कि एक मगरमच्छ 12 फुट लंबा तो तीन क्विंटल वजनी है तो दूसरा सात फुट लंबा व सवा क्विंटल वजनी है। कड़ी मशक्कत कर इन्हें नहर से निकाला गया। इसी दौरान वाइल्ड लाइफ अधिकारियों को सूचना दी तो राजपाल, बलराम व बलराज की टीम पहुंची और दोनों मगरमच्छ उनके हवाले कर दिया। इन्हें बाद में भौर सैयदा स्थित मगरमच्छ प्रजनन केंद्र में छोड़ दिया गया। प्रगट सिंह ने बताया कि अब तक वे ऐसे 16 मगर मच्छ पकड़ चुके हैं। दो मगरमच्छ रोहतक से पकड़े थे तो 14 कुरुक्षेत्र से ही पकड़े गए।
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सरस्वती नदी के समीप स्थित एक डेरे पर रहने वाला चुहड़ सिंह का परिवार वीरवार को उस समय दहशत में आ गया था जब नदी में मगरमच्छ दिखाई दिया। उन्होंने इसकी सूचना गोताखोर प्रगट सिंह को दे दी। उन्होंने सिंद्र, नरेंद्र, गुरविंद्र व गुलाब के साथ पहले दिन से ही नदी से मगरमच्छ पकड़ने का प्रयास शुरू कर दिया। इसके लिए जाल बिछाया गया तो दिन-रात निगरानी की जाने लगी। इस बीच कई बार उन्हें जाल में फंसाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। सोमवार सुबह फिर दोनों मगरमच्छों की हरकत दिखाई दी तो फिर सतर्कता के साथ ऑपरेशन चलाया गया। दो घंटे में वह मगरमच्छों को पकड़ने में कामयाब रहे।
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बेहद खंखार हैं दोनों मगरमच्छ : प्रगट
गोताखोर प्रगट सिंह ने बताया कि एक मगरमच्छ 12 फुट लंबा तो तीन क्विंटल वजनी है तो दूसरा सात फुट लंबा व सवा क्विंटल वजनी है। कड़ी मशक्कत कर इन्हें नहर से निकाला गया। इसी दौरान वाइल्ड लाइफ अधिकारियों को सूचना दी तो राजपाल, बलराम व बलराज की टीम पहुंची और दोनों मगरमच्छ उनके हवाले कर दिया। इन्हें बाद में भौर सैयदा स्थित मगरमच्छ प्रजनन केंद्र में छोड़ दिया गया। प्रगट सिंह ने बताया कि अब तक वे ऐसे 16 मगर मच्छ पकड़ चुके हैं। दो मगरमच्छ रोहतक से पकड़े थे तो 14 कुरुक्षेत्र से ही पकड़े गए।
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