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कुरुक्षेत्र: - एचएसजीपीसी ने गुरुद्वारा छठी पातशाही व हरियाणा सिख मिशन की संभाली कमान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 20 Feb 2023 01:40 AM IST
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Took command of Sikh mission
कुरुक्षेत्र। प्रदेश सरकार की ओर से बनाई गई एडहॉक कमेटी ने रविवार को गुरुद्वारा छठी पातशाही पहुंचकर प्रबंधन की कमान संभाली। इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा चाबी न दिए जाने पर कहीं कटर से ताले काटने पड़े तो कहीं तोड़ने पड़े। इसके बाद नए ताले लगाकर सील लगा दी गई। महंत करमजीत ने गुरुद्वारा प्रबंधन अपने हाथ में लेने के साथ ही सभी कार्यरत कर्मियों को आश्वस्त किया कि उन्हें हटाया नहीं जाएगा बल्कि उनकी और संगत की बेहतरी के लिए कार्य किया जाएगा। पूरी कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार अभिमन्यु की मौजूदगी में की गई। विरोध की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही।
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दोपहर बाद करीब तीन बजे महंत करमजीत सिंह अन्य सदस्यों के साथ गुरुद्वारा पहुंचे, जहां सबसे पहले उन्होंने दरबार साहिब में अरदास की। इसके बाद वहां बैठी संगत के बीच माइक से गुरुद्वारा प्रबंधन की कमान संभालने का एलान किया। इसके बाद महंत ने गुरुद्वारा के मैनेजर अमरीक सिंह से बातचीत की। साथ ही एडहॉक कमेटी के अधीन काम करने को कहा। इस पर मैनेजर ने कुछ समय देने की मांग की। जब मैनेजर की ओर से दरबार साहिब में रखे गोलक की चाबी नहीं सौंपी गई तो कमेटी ने कटर से ताले कटवाकर नए लगाए और उस पर सील लगा दी। इसके बाद कमेटी सिख मिशन गुरुद्वारा पहुंची, जहां एसजीपीसी के सब ऑफिस पर भी ताला लगा मिला, इसे भी कटर से काटा गया। इस दौरान कटर की बैटरी खत्म हुई तो इसे सरिये से भी तोड़ा गया। इसके बाद हरियाणा सिख मिशन के कार्यालय की प्रबंधन ने चाबी सौंप दी, लेकिन कमेटी ने बाद में यहां भी शीशे का गेट होने के बावजूद अपना ताला लगवाया।
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करमजीत बोले- सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आदेश दिए हैं, झींडा को नहीं
प्रबंधन संभालने के दौरान महंत करमजीत सिंह ने मैनेजर कार्यालय में पत्रकारों से भी चर्चा की। उन्होंने जगदीश सिंह झींडा द्वारा विरोध का एलान करने पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को गुरुद्वारों के प्रबंधन के आदेश दिए हैं। ये आदेश झींडा के लिए नहीं बल्कि सरकार द्वारा बनाई गई एडहॉक कमेटी के लिए है। कमेटी ने कानूनी दायरे में रहकर आज प्रबंधन संभाला है। उन्होंने झींडा के साथ ही बलजीत सिंह दादूवाल और दीदार सिंह नलवी से भी सिखों की भलाई के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वे आगे चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं, बल्कि चुनाव कराए जाने तक एडहॉक कमेटी के तौर पर गुरुघरों का सही प्रबंधन करना चाहते हैं।
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उन्होंने एसजीपीसी को भी निशाने पर लिया। कहा कि जब दोनों प्रदेश अलग हुए थे तो उस समय समझौता हुआ था कि हरियाणा के गुरुद्वारों का अलग प्रबंधन हो सकता है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद हरियाणा के सिखों को एसजीपीसी उनका हक नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि अभी तक पांच से छह गुरुद्वारों का प्रबंधन ले लिया गया है और जल्द ही प्रदेश के सभी 52 गुरुद्वारों का प्रबंधन संभाल लिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो कानून का सहारा भी लिया जाएगा।


नहीं हटाएंगे कर्मचारी, खोलेंगे डिस्पेंसरी
महंत करमजीत ने एलान किया है कि गुरुद्वारे से किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा। उनके लिए बेहतर कार्य किया जाएगा। उनके बच्चों को शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उनके लिए कोचिंग की भी व्यवस्था की जाएगी। गुरुद्वारों में डिस्पेंसरी व लैब खोली जाएंगी, जहां न्यूनतम कीमत पर सेवाएं मिल सकेंगी।
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