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विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों को जगाएं शिक्षक
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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के सीनेट हाल में मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग और भारतीय चरित्र निर्माण संस्थान की ओर से वीरवार को एक कार्यशाला का आयोजन कियागया। कार्यशाला का विषय अपराध मुक्त समाज में शिक्षकों की भूमिका रहा। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे भारतीय चरित्र निर्माण संस्था के संस्थापक अध्यक्ष राम कृष्ण गोस्वामी ने कहा कि शिक्षक नई पीढ़ी को सही दिशा देकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। आधुनिक समय में नैतिक मूल्यों का पतन हो रहा है। इसलिए जरूरी है कि शिक्षक अपने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों को जगाए। इसके लिए वह गीता में दिए गए ज्ञान को आत्मसात करे।
उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से शिक्षक राष्ट्र निर्माण में अतुलनीय योगदान दे रहे हैं। एक शिक्षक आदर्शों पर चलते हुए विद्यार्थियों को ज्ञान, विनम्रता, व्यवहार कुशलता एवं योग्यता प्रदान करने की शक्ति रखता है। प्रो. विकास चौधरी ने कहा कि श्रीमद्भगवद गीता में दी गई शिक्षाओं पर चलते हुए विद्यार्थी एक स्वच्छ चरित्र का निर्माण कर सकता है। एक गुरु अपने विद्यार्थी के भविष्य का संवार सकता है। कुवि से सेवानिवृत्त प्रो. सीडीएस कौशल ने कहा कि हमें गीता की शिक्षाओं को पढ़कर अपने जीवन में उतारना होगा। पांच हजार साल पहले गीता में दिया गया ज्ञान जितना प्रभावी था वह आज की पीढ़ी के लिए भी उतना ही प्रभावी है। इसमें विश्व को सही राह दिखाने की शक्ति है। एक शिक्षक समाज के शिल्पकार की भूमिका निभा सकता है।
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उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से शिक्षक राष्ट्र निर्माण में अतुलनीय योगदान दे रहे हैं। एक शिक्षक आदर्शों पर चलते हुए विद्यार्थियों को ज्ञान, विनम्रता, व्यवहार कुशलता एवं योग्यता प्रदान करने की शक्ति रखता है। प्रो. विकास चौधरी ने कहा कि श्रीमद्भगवद गीता में दी गई शिक्षाओं पर चलते हुए विद्यार्थी एक स्वच्छ चरित्र का निर्माण कर सकता है। एक गुरु अपने विद्यार्थी के भविष्य का संवार सकता है। कुवि से सेवानिवृत्त प्रो. सीडीएस कौशल ने कहा कि हमें गीता की शिक्षाओं को पढ़कर अपने जीवन में उतारना होगा। पांच हजार साल पहले गीता में दिया गया ज्ञान जितना प्रभावी था वह आज की पीढ़ी के लिए भी उतना ही प्रभावी है। इसमें विश्व को सही राह दिखाने की शक्ति है। एक शिक्षक समाज के शिल्पकार की भूमिका निभा सकता है।
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