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वेतन न मिलने पर टिप्पर चालकों ने किया प्रदर्शन
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उपायुक्त निवास के बाहर रोष जताते टिप्पर चालक। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। चार माह से वेतन न मिलने पर नगर परिषद के टिप्पर चालकों व हेल्पर्स ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। वेतन जारी करने की मांग को लेकर टिप्पर चालक सुबह दमकल विभाग के पीछे एकत्रित हुए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अपनी समस्या को वे उपायुक्त निवास पर भी पहुंचे, जहां उन्हें दो दिन में वेतन जारी करने का आश्वासन दिया गया।
टिप्पर चालकों का कहना है कि वेतन जारी करने की मांग को लेकर वे सभी अधिकारियों से मिल चुके हैं। उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला है। चालकों का कहना है कि पिछले चार माह से उनका कोई ठेकेदार नहीं हैं। इसके बाद भी नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि उनका वेतन ठेकेदार की ओर से ही जारी किया जाएगा। जब मुख्यमंत्री ने ठेकेदार प्रथा बंद कर दी है तो नप प्रशासन उन्हें वेतन न देकर लारे क्यों लगा रहा है।
चालकों व हेल्परों का कहना है कि वेतन न मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घर में राशन तक लाने के लिए रुपये उधार लेने पड़ रहे हैं। बच्चों के स्कूल की फीस भी नहीं भर पा रहे हैं। चालकों ने कहा कि वे सोमवार को भी वेतन जारी करने की मांग को लेकर नगर परिषद कार्यालय गए थे, लेकिन वहां से मायूस होकर लौटना पड़ा।
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उल्लेखनीय है कि नगर परिषद के अंतर्गत आने वाले 31 वार्डों से कूड़ा उठाने के लिए 85 टिप्पर चलाए गए हैं, जिन पर 160 से ज्यादा चालक व हेल्पर तैनात हैं। शहर में रोजाना 70 टन कूड़ा निकलता है, जिसका कई दिनों से उठान न होने पर शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लग चुके हैं। इतना ही नहीं घर पर टिप्पर न आने के कारण लोगों ने कूड़ा सड़कों पर फेंना शुरू कर दिया है वहीं कुछ लोगों ने घरों में कूड़े से थैले भरकर रखे हैं।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर ने कहा कि दो दिनों में टिप्पर चालकों का वेतन जारी कर दिया जाएगा। जिस एजेंसी के अंतर्गत टिप्पर चालक आते हैं, उस पर कोई मामला दर्ज हो गया था, जिस वजह से वेतन जारी नहीं हो पाया था। अब दो दिनो में जिला नगर आयुक्त ने ज्वाइन कर लेंगी, जिसके बाद तुरंत वेतन जारी हो जाएगा।
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कुरुक्षेत्र। चार माह से वेतन न मिलने पर नगर परिषद के टिप्पर चालकों व हेल्पर्स ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। वेतन जारी करने की मांग को लेकर टिप्पर चालक सुबह दमकल विभाग के पीछे एकत्रित हुए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अपनी समस्या को वे उपायुक्त निवास पर भी पहुंचे, जहां उन्हें दो दिन में वेतन जारी करने का आश्वासन दिया गया।
टिप्पर चालकों का कहना है कि वेतन जारी करने की मांग को लेकर वे सभी अधिकारियों से मिल चुके हैं। उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला है। चालकों का कहना है कि पिछले चार माह से उनका कोई ठेकेदार नहीं हैं। इसके बाद भी नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि उनका वेतन ठेकेदार की ओर से ही जारी किया जाएगा। जब मुख्यमंत्री ने ठेकेदार प्रथा बंद कर दी है तो नप प्रशासन उन्हें वेतन न देकर लारे क्यों लगा रहा है।
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चालकों व हेल्परों का कहना है कि वेतन न मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घर में राशन तक लाने के लिए रुपये उधार लेने पड़ रहे हैं। बच्चों के स्कूल की फीस भी नहीं भर पा रहे हैं। चालकों ने कहा कि वे सोमवार को भी वेतन जारी करने की मांग को लेकर नगर परिषद कार्यालय गए थे, लेकिन वहां से मायूस होकर लौटना पड़ा।
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उल्लेखनीय है कि नगर परिषद के अंतर्गत आने वाले 31 वार्डों से कूड़ा उठाने के लिए 85 टिप्पर चलाए गए हैं, जिन पर 160 से ज्यादा चालक व हेल्पर तैनात हैं। शहर में रोजाना 70 टन कूड़ा निकलता है, जिसका कई दिनों से उठान न होने पर शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लग चुके हैं। इतना ही नहीं घर पर टिप्पर न आने के कारण लोगों ने कूड़ा सड़कों पर फेंना शुरू कर दिया है वहीं कुछ लोगों ने घरों में कूड़े से थैले भरकर रखे हैं।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर ने कहा कि दो दिनों में टिप्पर चालकों का वेतन जारी कर दिया जाएगा। जिस एजेंसी के अंतर्गत टिप्पर चालक आते हैं, उस पर कोई मामला दर्ज हो गया था, जिस वजह से वेतन जारी नहीं हो पाया था। अब दो दिनो में जिला नगर आयुक्त ने ज्वाइन कर लेंगी, जिसके बाद तुरंत वेतन जारी हो जाएगा।