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टिपर चलाकों को पिछले छह माह से नहीं मिला मानदेय, कूड़ा-कचरा उठाने से किया मना
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नगर पालिका में कार्यरत 15 टिपर चालकों ने छह माह से वेतन नहीं मिलने पर वीरवार को नप कार्यालय के सामने रोष जताया। इस दौरान उन्होंने नप अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नाराज टिपर चालकों ने कस्बे में कूड़ा उठाने से भी मना कर दिया है। चालक सुबह नगर पालिका पहुंचे और यहां टिपरों को खड़ा कर दिया।
चालक पवन कुमार, राजेश, अंकुश, पवन, शेर सिंह, राज सिंह, धर्मजीत, रजत, संदीप, सिमरन, रवि, मनीष, कुलदीप, जसविंदर व राजन ने बताया कि उन्हें पिछले छह माह से उन्हें मानदेय नहीं मिला। सभी टिपर चालकों को 7 सितंबर को अगस्त माह की सैलरी मिली थी। सितंबर के बाद अब तक उन्हें मानदेय नहीं मिला। यही नहीं, वर्ष 2019 का भी दो माह का वेतन अटका हुआ है। बिना वेतन के घर चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की स्कूलों की फीस न भर पाने के कारण स्कूल संचालक बच्चों का दाखिला रद्द करने की धमकियां दे रहे हैं। दूध, सब्जी आदि के लिए आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा है। नपा प्रधान साक्षी खुराना से लेकर नपा सचिव तक वेतन दिलाने की गुहार लगा चुके हैं। आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। टिपर चालकों ने उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ से गुहार लगाई है कि उनका बकाया छह माह का मानदेय जारी करवाया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक उनका बकाया वेतन नहीं मिलता तब तक कोई भी चालक टिपर को नपा परिसर से लेकर काम पर नहीं जाएगा। नपा प्रधान साक्षी खुराना ने कहा कि नपा अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा कस्बा वासियों का डंपर चालकों को भुगतना पड़ रहा है। अधिकारियों की लापरवाही की वजह से चालकों का वेतन संशन नहीं हो पाया, जिससे चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जब इस बारे नपा सचिव हरि ओम कंबोज से उनके नंबर 94166-67001 पर वीरवार शाम 4 बजकर 32 मिनट पर तीन से चार बार कॉल की, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
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चालक पवन कुमार, राजेश, अंकुश, पवन, शेर सिंह, राज सिंह, धर्मजीत, रजत, संदीप, सिमरन, रवि, मनीष, कुलदीप, जसविंदर व राजन ने बताया कि उन्हें पिछले छह माह से उन्हें मानदेय नहीं मिला। सभी टिपर चालकों को 7 सितंबर को अगस्त माह की सैलरी मिली थी। सितंबर के बाद अब तक उन्हें मानदेय नहीं मिला। यही नहीं, वर्ष 2019 का भी दो माह का वेतन अटका हुआ है। बिना वेतन के घर चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की स्कूलों की फीस न भर पाने के कारण स्कूल संचालक बच्चों का दाखिला रद्द करने की धमकियां दे रहे हैं। दूध, सब्जी आदि के लिए आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा है। नपा प्रधान साक्षी खुराना से लेकर नपा सचिव तक वेतन दिलाने की गुहार लगा चुके हैं। आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। टिपर चालकों ने उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ से गुहार लगाई है कि उनका बकाया छह माह का मानदेय जारी करवाया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक उनका बकाया वेतन नहीं मिलता तब तक कोई भी चालक टिपर को नपा परिसर से लेकर काम पर नहीं जाएगा। नपा प्रधान साक्षी खुराना ने कहा कि नपा अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा कस्बा वासियों का डंपर चालकों को भुगतना पड़ रहा है। अधिकारियों की लापरवाही की वजह से चालकों का वेतन संशन नहीं हो पाया, जिससे चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जब इस बारे नपा सचिव हरि ओम कंबोज से उनके नंबर 94166-67001 पर वीरवार शाम 4 बजकर 32 मिनट पर तीन से चार बार कॉल की, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
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