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थायराइड साइलेंट किलर
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डॉ. मुदिता ढीगड़ा।
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। थायराइड एक ऐसी बीमारी है अगर हमने इसको नजरअंदाज किया या लापरवाही से लिया तो यह बहुत खतरनाक साबित होती है। आज के समय में अधिकतर लोग गलत खानपान और दिनचर्या के कारण थायराइड के शिकार हो रहे हैं, जिसमें पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या ज्यादा है। इसे ‘साइलेंट किलर’ के नाम से भी जाना जाता है।
डॉ. मुदिता ढींगड़ा ने बताया कि थायराइड की समस्या आजकल काफी आम बात हो गई है। बहुत से लोगों को इसके इलाज की जरूरत है। यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है। अगर कम उम्र में ही हर वक्त थकान रहे, कम खाने के बावजूद तेजी से वजन बढ़ रहा है, कम उम्र में ही बुढ़ापे के लक्षण दिखने लगें तो समझ लीजिए सेहत ठीक नहीं है।
बाल गिरने लगना, स्किन ड्राई, हमेशा चिड़चिड़े रहना जैसे संकेत दिख रहें तो आप साइलेंट किलर थायराइड के शिकार हो सकते हैं। देश में हर 10वां व्यक्ति बीमारी से जूझ रहा है। 35 साल की उम्र से थायराइड की जांच शुरू करा देनी चाहिए और प्रत्येक पांच साल बाद नियमित जांच करानी चाहिए। ताकि इस गंभीर बीमारी से बचाव किया जा सके।
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थायरायड के लक्षण
वजन कम होना, घबराहट, थकान, सांस फूलना, कम नींद आना, अधिक प्यास लगना
हाइपोथायरायडिज्म
वजन बढ़ना, थकान, अवसाद, मानसिक तनाव, बालों का झड़ना, त्वचा का रूखा और पतला होना
थायरॉयड क्या है
इस बीमारी के होने की मुख्य वजह शरीर में आयोडीन की कमी है। इससे गले की ग्रंथि बढ़ने लगती है, जो तितली के आकर की होती है। इसके लिए खराब दिनचर्या, गलत खानपान और हार्मोन में असंतुलन भी जिम्मेवार हैं। अगर हार्मोन में असंतुलन होने लगता है तो शरीर का वजन या तो बढ़ने लगता है या फिर घटने लगता है।
ऐसे किया जा सकता है बचाव
तला हुआ भोजन कम खाएं, अधिक चीनी खाने से बचें, कॉफी में एपिनेफ्रीन और नोरएपिनेफ्रीन थायराइड को बढ़ावा देते हैं। इसलिए इससे दूरी बनाना ही बेहतर है। रोजाना व्यायाम करें।
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कुरुक्षेत्र। थायराइड एक ऐसी बीमारी है अगर हमने इसको नजरअंदाज किया या लापरवाही से लिया तो यह बहुत खतरनाक साबित होती है। आज के समय में अधिकतर लोग गलत खानपान और दिनचर्या के कारण थायराइड के शिकार हो रहे हैं, जिसमें पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या ज्यादा है। इसे ‘साइलेंट किलर’ के नाम से भी जाना जाता है।
डॉ. मुदिता ढींगड़ा ने बताया कि थायराइड की समस्या आजकल काफी आम बात हो गई है। बहुत से लोगों को इसके इलाज की जरूरत है। यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है। अगर कम उम्र में ही हर वक्त थकान रहे, कम खाने के बावजूद तेजी से वजन बढ़ रहा है, कम उम्र में ही बुढ़ापे के लक्षण दिखने लगें तो समझ लीजिए सेहत ठीक नहीं है।
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बाल गिरने लगना, स्किन ड्राई, हमेशा चिड़चिड़े रहना जैसे संकेत दिख रहें तो आप साइलेंट किलर थायराइड के शिकार हो सकते हैं। देश में हर 10वां व्यक्ति बीमारी से जूझ रहा है। 35 साल की उम्र से थायराइड की जांच शुरू करा देनी चाहिए और प्रत्येक पांच साल बाद नियमित जांच करानी चाहिए। ताकि इस गंभीर बीमारी से बचाव किया जा सके।
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थायरायड के लक्षण
वजन कम होना, घबराहट, थकान, सांस फूलना, कम नींद आना, अधिक प्यास लगना
हाइपोथायरायडिज्म
वजन बढ़ना, थकान, अवसाद, मानसिक तनाव, बालों का झड़ना, त्वचा का रूखा और पतला होना
थायरॉयड क्या है
इस बीमारी के होने की मुख्य वजह शरीर में आयोडीन की कमी है। इससे गले की ग्रंथि बढ़ने लगती है, जो तितली के आकर की होती है। इसके लिए खराब दिनचर्या, गलत खानपान और हार्मोन में असंतुलन भी जिम्मेवार हैं। अगर हार्मोन में असंतुलन होने लगता है तो शरीर का वजन या तो बढ़ने लगता है या फिर घटने लगता है।
ऐसे किया जा सकता है बचाव
तला हुआ भोजन कम खाएं, अधिक चीनी खाने से बचें, कॉफी में एपिनेफ्रीन और नोरएपिनेफ्रीन थायराइड को बढ़ावा देते हैं। इसलिए इससे दूरी बनाना ही बेहतर है। रोजाना व्यायाम करें।