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Kurukshetra News: निर्जला एकादशी पर बन रहे तीन शुभ योग, व्रत रखने से प्रसन्न होते हैं भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jun 2024 06:16 AM IST
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Three auspicious yogas are being formed on Nirjala Ekadashi, Lord Vishnu and Mother Lakshmi are pleased by observing fast.
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को पानी वितरित करते सेवानिवृत कर्मचारी। संवा
कुरुक्षेत्र। हिंदू धर्म के अनुसार हर माह में दो एकादशी पड़ती हैं, जिसके चलते साल में 24 एकादशी के व्रत होते हैं। शास्त्रों के अनुसार हर एकादशी के व्रत का अपना एक खास महत्व होता है। वहीं ज्येष्ठ माह में आने वाली एकादशी को निर्जला एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन निर्जला एकादशी का व्रत रखने का विशेष महत्व होता है। शास्त्रों के अनुसार निर्जला एकादशी के दिन पानी का दान करने से विशेष फलदायी होता है। भीषण गर्मी में पड़ने वाली निर्जला एकादशी के दिन लोग मीठे पानी की छबील लगाकर प्यासे लोगों को राहत देने के लिए ठंडा मीठा पानी दान करते हैं, जिससे उन्हें जनकल्याण की सेवा का फल मिलता है।
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बन रहे तीन शुभ योग : डॉ. रामराज कौशिक
ज्योतिषाचार्य पंडित डॉ. रामराज कौशिक ने बताया कि ज्येष्ठ माह के महीने में आने वाली एकादशी का निर्जला एकादशी कहा जाता है, इस दिन निर्जला व्रत रखने का विधान होता है, जिससे विष्णु भगवान प्रसन्न होते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल निर्जला एकादशी पर काफी शुभ योग बन रहे हैं। शिव योग दिनभर रहकर रात नौ बजकर 39 मिनट तक रहेगा। इसके बाद सिद्ध योग लग जाएगा, जबकि दोपहर को तीन बजकर 56 मिनट से लेकर अगले दिन सुबह पांच बजकर 24 मिनट तक त्रिपुष्कर योग रहेगा।
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निर्जला एकादशी व्रत तिथि
पंचांग के अनुसार 17 जून को सुबह चार बजकर 45 मिनट पर ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि शुरू होगी और इसका समापन 18 जून को सुबह छह बजकर 20 मिनट पर होगा। सूर्य के उदय तिथि में होने के चलते निर्जला एकादशी का व्रत 18 जून को रखा जाएगा।
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निर्जला एकादशी का महत्व
निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का पूजन किया जाता है। शास्त्रों में बताया गया है कि निर्जला एकादशी व्रत रखने से व्यक्ति के सभी पाप मिट जाते हैं और मृत्यु के बाद उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। एकादशी का व्रत रखने वाले व्यक्ति को बैकुंठ में स्थान मिलता है। ज्येष्ठ माह में आने वाली निर्जला एकादशी का महत्व सबसे अधिक माना जाता है। शास्त्रों में बताया गया है कि इस दिन साधक निर्जला व्रत रखकर किसी को पानी पीने का घड़ा दान करता है, तो उसे शुभ फल की प्राप्ति होती है, साथ ही इस दिन पौधे लगाना शुभ माना जाता है, इसलिए इस दिन पीपल, बरगद, नीम के पौधे लगाने चाहिए।

कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को पानी वितरित करते सेवानिवृत कर्मचारी। संवा

कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को पानी वितरित करते सेवानिवृत कर्मचारी। संवा

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