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Kurukshetra News: अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव पर इस बार निकल जाएंगी शहर में दो शोभायात्राएं
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कुरुक्षेत्र। पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर इस बार 15 नवंबर से मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव कई मायनों में खास होगा। पहली बार इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप दिया जाएगा और यह महापुरुषों को भी समर्पित रहेगा। यह पहला मौका होगा जब महोत्सव के चलते दो शोभायात्राएं निकाली जाएंगी।
पहली शोभायात्रा 23 नवंबर को निकाली जाएगी जिसमें सभी सामाजिक व अन्य संस्थाएं शामिल होंगी। इस शोभायात्रा में महापुरुषों के जीवन दर्शन व उनके संदेश को सारगर्भित करती हुई बेहद आकर्षक झांकियां होंगी। इससे महोत्सव से संस्थाओं का जुड़ाव भी बढ़ेगा। इसके बाद 1 दिसंबर को गीता जयंती के दिन हर वर्ष की तरह शोभायात्रा निकाली जाएगी।
इसमें भी कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के साथ सामाजिक, धार्मिक व अन्य संस्थाएं भी शामिल होंगी। विगत दिवस ही राज्यपाल असीम कुमार घोष व मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ हुई केडीबी पदाधिकारियों की बैठक में भी विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में भी महोत्सव में ज्यादा से ज्यादा संस्थाओं व आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
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स्वामी रामभद्राचार्य करेंगे श्रीमद्भगवद कथा
महोत्सव के दौरान इस बार 26 से 30 नवंबर तक स्वामी रामभद्राचार्य पुरूषोत्तमपुरा बाग में श्रीमद्भगवद कथा करेंगे। यही नहीं 29 नवंबर को संत सम्मेलन व 30 नवंबर को अखिल भारतीय देवस्थानम सम्मेलन भी यहीं पर होगा। 1 दिसंबर को गीता जयंती के दिन केशव पार्क में वैश्विक गीता पाठ होगा जिसमें 18 हजार स्कूली बच्चे शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों मुख्य कार्यक्रमों का शुभारंभ होने की संभावना जताई जा रही है।
आएंगे 25 देशों के राजदूत
महोत्सव में 25 देशों के राजदूत भी पहुंचेंगे। सात देशों की ओर से अपनी-अपनी सभ्यता, संस्कृति एवं कला प्रदर्शित की जाएगी।
महोत्सव की तैयारियां जोरों से शुरू : उपेंद्र
केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि महोत्सव की तैयारियां जोरों से शुरू कर दी गई हैं। राज्यपाल व मुख्यमंत्री तैयारियों पर विस्तार से चर्चा कर चुके हैं। इस बार विदेश मंत्रालय की भी महोत्सव में अहम भूमिका रहने वाली है। सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय कर ली गई है।
सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी सार्थक कदम : रोशा
केडीबी मानद सचिव अशोक रोशा का कहना है कि महोत्सव केडीबी व सरकार ही नहीं सभी मिलकर मनाएं। इसमें सामाजिक व अन्य संस्थाओं की भागीदारी सार्थक कदम हैं। महापुरूषों के लिए निकाली जाने वाली शोभायात्रा का भी बड़ा संदेश जन-जन तक जाएगा।
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पहली शोभायात्रा 23 नवंबर को निकाली जाएगी जिसमें सभी सामाजिक व अन्य संस्थाएं शामिल होंगी। इस शोभायात्रा में महापुरुषों के जीवन दर्शन व उनके संदेश को सारगर्भित करती हुई बेहद आकर्षक झांकियां होंगी। इससे महोत्सव से संस्थाओं का जुड़ाव भी बढ़ेगा। इसके बाद 1 दिसंबर को गीता जयंती के दिन हर वर्ष की तरह शोभायात्रा निकाली जाएगी।
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इसमें भी कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के साथ सामाजिक, धार्मिक व अन्य संस्थाएं भी शामिल होंगी। विगत दिवस ही राज्यपाल असीम कुमार घोष व मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ हुई केडीबी पदाधिकारियों की बैठक में भी विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में भी महोत्सव में ज्यादा से ज्यादा संस्थाओं व आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
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स्वामी रामभद्राचार्य करेंगे श्रीमद्भगवद कथा
महोत्सव के दौरान इस बार 26 से 30 नवंबर तक स्वामी रामभद्राचार्य पुरूषोत्तमपुरा बाग में श्रीमद्भगवद कथा करेंगे। यही नहीं 29 नवंबर को संत सम्मेलन व 30 नवंबर को अखिल भारतीय देवस्थानम सम्मेलन भी यहीं पर होगा। 1 दिसंबर को गीता जयंती के दिन केशव पार्क में वैश्विक गीता पाठ होगा जिसमें 18 हजार स्कूली बच्चे शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों मुख्य कार्यक्रमों का शुभारंभ होने की संभावना जताई जा रही है।
आएंगे 25 देशों के राजदूत
महोत्सव में 25 देशों के राजदूत भी पहुंचेंगे। सात देशों की ओर से अपनी-अपनी सभ्यता, संस्कृति एवं कला प्रदर्शित की जाएगी।
महोत्सव की तैयारियां जोरों से शुरू : उपेंद्र
केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि महोत्सव की तैयारियां जोरों से शुरू कर दी गई हैं। राज्यपाल व मुख्यमंत्री तैयारियों पर विस्तार से चर्चा कर चुके हैं। इस बार विदेश मंत्रालय की भी महोत्सव में अहम भूमिका रहने वाली है। सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय कर ली गई है।
सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी सार्थक कदम : रोशा
केडीबी मानद सचिव अशोक रोशा का कहना है कि महोत्सव केडीबी व सरकार ही नहीं सभी मिलकर मनाएं। इसमें सामाजिक व अन्य संस्थाओं की भागीदारी सार्थक कदम हैं। महापुरूषों के लिए निकाली जाने वाली शोभायात्रा का भी बड़ा संदेश जन-जन तक जाएगा।