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महिलाओं को अधिकार देने में न की जाए देरी, जल्द लागू हो कानून : डॉ. दहिया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Apr 2026 02:17 AM IST
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There should be no delay in giving rights to women, the law should be implemented soon: Dr. Dahiya
कुरुक्षेत्र।  सर्वजातीय सर्वखाप महिला महापंचायत की अध्यक्ष डॉ संतोष दहिया अन्य महिलाओं से चर्चा
कुरुक्षेत्र। सर्वजातीय सर्वखाप महिला महापंचायत की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष दहिया ने कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार देने में देरी न की जाए और जल्द से जल्द इस कानून को लागू किया जाए। साथ ही सीटों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है बल्कि मौजूदा सीटों में ही महिलाओं को उनका हिस्सा दिया जाए, ताकि जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
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उन्होंने कहा कि महिलाएं नासमझ नहीं हैं और उन्हें कमजोर समझने की भी भूल नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 19 सितंबर 2023 को संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में पूर्ण बहुमत से पारित किया गया था और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून भी बन चुका है और इसकी अधिसूचना भी जारी हो चुकी है।
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उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिस विषय को महिला आरक्षण बिल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, वह वास्तव में परिसीमन से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने बताया कि महिला आरक्षण कानून में पहले से यह शर्त जोड़ी गई है कि इसका क्रियान्वयन जातीय जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संभव होगा। चूंकि ये दोनों प्रक्रियाएं अभी तक पूरी नहीं हुई हैं, इसलिए महिलाओं को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन शर्तों को स्पष्ट रूप से जनता के सामने नहीं रख रही है और इस मुद्दे का दोष विपक्ष पर डालने का प्रयास कर रही है, जबकि देश की जनता पूरी स्थिति को समझती है।
डॉ. दहिया ने महिला आरक्षण के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1976 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इसका प्रस्ताव रखा था। इसके बाद 1987-89 में राजीव गांधी, 1996 में एचडी देवगौड़ा, अटल बिहारी वाजपेयी और 2008-10 में मनमोहन सिंह ने भी इस दिशा में प्रयास किए लेकिन यह पूर्ण रूप से लागू नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह कानून बन चुका है लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है।

इस अवसर पर रूबी हड्डा, एडवोकेट निशा अंतिल, एडवोकेट वीना, कुसुम चौधरी, पिंकी रानी, सुमन देवी, शर्मीला देवी, इशिका, सविता देवी, महिमा सिंह, बबली, परवीन कुमारी, दिनेश कुमारी सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं।
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