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Kurukshetra News: विवि ने छात्रों को दिया विशेष मर्सी चांस परीक्षा का अवसर
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कुरुक्षेत्र। कुवि का श्रीकृष्ण द्वार।
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने स्नातक (यूजी), स्नातकोत्तर (पीजी), प्रोफेशनल, डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्सों के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए विशेष मर्सी चांस परीक्षा (स्पेशल मर्सी चांस) की अनुमति दी है। यह निर्णय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ की अध्यक्षता में गठित समिति की अनुशंसा पर लिया गया है।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि यह विशेष मर्सी चांस उन विद्यार्थियों को प्रदान किया जा रहा है जिन्होंने अपने निर्धारित सभी अवसरों (री अपियर, कम्पार्टमेंट या इम्प्रूवमेंट) का उपयोग कर लिया था और अब तक अपनी डिग्री पूर्ण नहीं कर पाए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे विद्यार्थियों के हित में एक अंतिम अवसर के रूप में उपलब्ध कराया है।
डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि 1990-91 से 2004-2005 तक के सत्रों में नामांकित विद्यार्थियों को 30,000 रुपये के अतिरिक्त शुल्क के साथ सामान्य परीक्षा शुल्क देना होगा। 2005-2006 से 2014-2015 सत्र के विद्यार्थियों को 25,000 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा। वहीं 2015-2016 सत्र में नामांकित विद्यार्थियों के लिए 20,000 रुपये अतिरिक्त शुल्क निर्धारित किया गया है। इन सभी शुल्कों के अतिरिक्त सामान्य परीक्षा शुल्क भी लागू होगा।
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उन्होंने बताया कि सभी विद्यार्थी अपने आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से भर सकेंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की ऑनलाइन परीक्षा पोर्टल पर जाकर अपने अंतिम अध्ययन किए गए कॉलेज, विभाग या संस्थान के माध्यम से आवेदन करना होगा। प्रारंभिक शुल्क जमा करने के बाद कॉलेज की ओर से छात्रों की पात्रता जांची जाएगी। पात्र पाए गए विद्यार्थियों के लिए शेष शुल्क की जानकारी उनके छात्र लॉगिन और कॉलेज लॉगिन में प्रदर्शित की जाएगी। यह शेष शुल्क संबंधित कॉलेज/विभाग की ओर से विश्वविद्यालय को ऑनलाइन माध्यम से ही जमा करवाया जाएगा। जब विश्वविद्यालय को संपूर्ण शुल्क प्राप्त हो जाएगा, तब पात्र छात्रों को एडमिट कार्ड-कम-रोल नंबर जारी किए जाएंगे।
वर्तमान सिलेबस के अनुसार होगी परीक्षा
डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि सुधार (इम्प्रूवमेंट) परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को वर्तमान पाठ्यक्रम (करंट सिलेबस) के अनुसार परीक्षा देनी होगी। यदि किसी विषय का नाम या संरचना बदल गई है, तो परीक्षा पुराने सिलेबस के अनुसार आयोजित की जाएगी। प्रोफेशनल कोर्सों के लिए यह प्रावधान विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार (अकादमिक) की ओर से 11 नवंबर 2021 को जारी अधिसूचना के अनुसार लागू होगा। विशेष मर्सी चांस की परीक्षाएं विषम सेमेस्टर/वार्षिक परीक्षाएं (री अपीयर/अतिरिक्त/ कम्पार्टमेंट/ इम्प्रूवमेंट) दिसंबर 2025/जनवरी 2026 में होंगी। वहीं सम सेमेस्टर/वार्षिक परीक्षाएं मई/जून 2026 में आयोजित की जाएंगी।
कुछ विद्यार्थी होंगे अपात्र
अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि बीए (वन सिटिंग) पाठ्यक्रम के विद्यार्थी इस विशेष मर्सी चांस के अंतर्गत नहीं आएंगे। इसके अतिरिक्त जिन पुराने पाठ्यक्रमों का सिलेबस वर्तमान में उपलब्ध नहीं है, उन विषयों के विद्यार्थी भी इस अवसर का लाभ नहीं उठा सकेंगे। इस संबंध में विस्तृत तिथियां, ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया और शुल्क भुगतान का शेड्यूल शीघ्र ही विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। यह विशेष मर्सी चांस सैकड़ों पुराने विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक कॅरिअर को पुनः शुरू करने का अवसर प्रदान करेगी।
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परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि यह विशेष मर्सी चांस उन विद्यार्थियों को प्रदान किया जा रहा है जिन्होंने अपने निर्धारित सभी अवसरों (री अपियर, कम्पार्टमेंट या इम्प्रूवमेंट) का उपयोग कर लिया था और अब तक अपनी डिग्री पूर्ण नहीं कर पाए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे विद्यार्थियों के हित में एक अंतिम अवसर के रूप में उपलब्ध कराया है।
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डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि 1990-91 से 2004-2005 तक के सत्रों में नामांकित विद्यार्थियों को 30,000 रुपये के अतिरिक्त शुल्क के साथ सामान्य परीक्षा शुल्क देना होगा। 2005-2006 से 2014-2015 सत्र के विद्यार्थियों को 25,000 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा। वहीं 2015-2016 सत्र में नामांकित विद्यार्थियों के लिए 20,000 रुपये अतिरिक्त शुल्क निर्धारित किया गया है। इन सभी शुल्कों के अतिरिक्त सामान्य परीक्षा शुल्क भी लागू होगा।
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उन्होंने बताया कि सभी विद्यार्थी अपने आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से भर सकेंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की ऑनलाइन परीक्षा पोर्टल पर जाकर अपने अंतिम अध्ययन किए गए कॉलेज, विभाग या संस्थान के माध्यम से आवेदन करना होगा। प्रारंभिक शुल्क जमा करने के बाद कॉलेज की ओर से छात्रों की पात्रता जांची जाएगी। पात्र पाए गए विद्यार्थियों के लिए शेष शुल्क की जानकारी उनके छात्र लॉगिन और कॉलेज लॉगिन में प्रदर्शित की जाएगी। यह शेष शुल्क संबंधित कॉलेज/विभाग की ओर से विश्वविद्यालय को ऑनलाइन माध्यम से ही जमा करवाया जाएगा। जब विश्वविद्यालय को संपूर्ण शुल्क प्राप्त हो जाएगा, तब पात्र छात्रों को एडमिट कार्ड-कम-रोल नंबर जारी किए जाएंगे।
वर्तमान सिलेबस के अनुसार होगी परीक्षा
डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि सुधार (इम्प्रूवमेंट) परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को वर्तमान पाठ्यक्रम (करंट सिलेबस) के अनुसार परीक्षा देनी होगी। यदि किसी विषय का नाम या संरचना बदल गई है, तो परीक्षा पुराने सिलेबस के अनुसार आयोजित की जाएगी। प्रोफेशनल कोर्सों के लिए यह प्रावधान विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार (अकादमिक) की ओर से 11 नवंबर 2021 को जारी अधिसूचना के अनुसार लागू होगा। विशेष मर्सी चांस की परीक्षाएं विषम सेमेस्टर/वार्षिक परीक्षाएं (री अपीयर/अतिरिक्त/ कम्पार्टमेंट/ इम्प्रूवमेंट) दिसंबर 2025/जनवरी 2026 में होंगी। वहीं सम सेमेस्टर/वार्षिक परीक्षाएं मई/जून 2026 में आयोजित की जाएंगी।
कुछ विद्यार्थी होंगे अपात्र
अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि बीए (वन सिटिंग) पाठ्यक्रम के विद्यार्थी इस विशेष मर्सी चांस के अंतर्गत नहीं आएंगे। इसके अतिरिक्त जिन पुराने पाठ्यक्रमों का सिलेबस वर्तमान में उपलब्ध नहीं है, उन विषयों के विद्यार्थी भी इस अवसर का लाभ नहीं उठा सकेंगे। इस संबंध में विस्तृत तिथियां, ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया और शुल्क भुगतान का शेड्यूल शीघ्र ही विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। यह विशेष मर्सी चांस सैकड़ों पुराने विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक कॅरिअर को पुनः शुरू करने का अवसर प्रदान करेगी।

कुरुक्षेत्र। कुवि का श्रीकृष्ण द्वार।