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Kurukshetra News: केंद्र सरकार को दिया नौ जून तक का अल्टीमेटम, फिर जंतर-मंतर पर शुरू होगा आंदोलन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Jun 2023 02:04 AM IST
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The ultimatum given to the central government till June 9, then the movement will start at Jantar Mantar
कुरुक्षेत्र। दिल्ली में आंदोलन कर रहे खिलाड़ियों के मामले में केंद्र सरकार नौ जून तक हल निकाले। इसमें यौन शोषण के आरोपी सांसद एवं कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी से कम समझौता मंजूर नहीं होगा। सरकार नौ जून तक यह नहीं कर पाती तो अगले दिन खिलाड़ियों को फिर जंतर-मंतर पर बैठा दिया जाएगा। वहीं से अगला आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा और यह गांव-गांव तक लेकर जाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। यह ऐलान जाट धर्मशाला में जुटी उत्तर भारत की खापों की ओर से किसान नेता राकेश टिकैत ने किया।
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इससे पहले विभिन्न खापों की ओर से धर्मशाला में तीन घंटे तक मंथन किया गया, जिसके बाद एक कमेटी का गठन किया गया। इसमें हरियाणा के साथ-साथ पंजाब, उत्तरप्रदेश, राजस्थान व दिल्ली के खाप प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया। करीब डेढ़ घंटे तक इस कमेटी की बंद कमरे में बैठक चली। इस दौरान दिल्ली में आंदोलनरत पहलवान खिलाड़ियों से भी संपर्क साधा गया। साथ ही यहां खापों की पंचायत और लिए जाने वाले फैसले से अवगत कराया गया। इसके बाद कमेटी के सदस्य फिर पंचायत स्थल पर पहुंचे और मंच से लिए फैसले का ऐलान किया गया।
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टिकैत ने कहा कि सरकार के पास नौ जून तक का समय है और इस दौरान सरकार बातचीत कर हल निकाल सकती है, लेकिन खापों द्वारा लिए निर्णय के अनुसार, उनकी सबसे पहली व बड़ी मांग बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी है। कारण कि खिलाड़ी आज भी भय के माहौल में हैं, जबकि उनके परिवारजन भी हर समय भय में रहते हैं। उन्हें सुरक्षा मुहैया कराए जाने की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि अब सरकार को पहलवानों की मांग माननी ही होगी, क्योंकि खापें मजबूती के साथ खिलाड़ियों के समर्थन में खड़ी हो चुकी हैं। अब 11 जून को शामली में तो 14 से 18 जून को हरिद्वार में खापों की पंचायत होगी, जिसमें भी इस मामले व सरकार के रवैये पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। टिकैत ने कहा कि जो फैसला आज लिया गया है वह गत दिवस मुज्जफरनगर में हुई खाप पंचायत में भी लिया गया था, लेकिन उसका फैसला यहां सुनाया जाना था। इस फैसले पर सभी खापें कल भी सहमत थीं और आज फिर चर्चा की तो सभी ने सहमति जताई। पंचायत के अंतिम फैसले को लेकर बनाई गई कमेटी में राकेश टिकैत के अलावा, सूबे सिंह समैण, साधू राम कौलेखां, जयभगवान, ईश्वर नैन, सुभाष बड़सीकरी, ओमप्रकाश सोलंकी, उत्तरप्रदेश के विधायक अतुल गुजर आदि शामिल रहे।
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पंचायत में कभी बहस तो कभी हुई धक्का-मुक्की
पंचायत में जहां खापों को मजबूत किए जाने पर चर्चा की गई तो वहीं अन्य मामले भी रखे जाने लगे। इस पर कई लोग राजी नहीं हुए तो उन्हें रोकने का प्रयास किया गया। इसे लेकर कई बार बहस की गई तो बाद में कमेटी द्वारा फैसला सुनाए जाने के दौरान मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। हालांकि सूबे सिंह समैण व राकेश टिकैत ने मुश्किल से इसे शांत किया। बाद में सूबे सिंह समैण व टिकैत ने कहा कि पंचायत खराब करने को लेकर सरकार ने कुछ जासूस भेजे हुए हैं, जो जान बूझकर खलल डाल रहे। उधर पंचायत में शामिल कुछ लोगों ने कहा कि जब यहां किसानों के मुद्दे उठाए जाने लगे तो इसी पर बहस बढ़ गई जो हाथापाई तक पहुंच गई।
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