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Kurukshetra News: सांग महोत्सव में सुनाया सावित्री-सत्यवान का प्रसंग
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कुरुक्षेत्र। मुख्य अतिथि कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र पाल को स्मृति चिह्न देते सरपंच संजय लालर व अन्य।
संवाद न्यूज एजेंसी
लाडवा। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के सहयोग से इंदिरा गांधी नेशनल कॉलेज में चार दिवसीय रत्नावली युवा सांग महोत्सव का आयोजन किया गया। इसके तीसरे दिन यूटीडी की टीम ने गांव बुढा में अपनी प्रतिभा के रंग बिखेरे। टीम ने सावित्री सत्यवान के प्रसंग पर सांग प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। गांववासियों ने इस महोत्सव का खूब आनंद लिया।
मुख्यातिथि कुवि कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र पाल ने कहा कि सांग हरियाणा का एक लोकप्रिय लोक नृत्य व नाटकीय शैली है। पूर्व समय में दस या ग्यारह व्यक्तियों का समूह सांग द्वारा जनसमुदाय का मनोरंजन करता था। प्रदेश के सांगियों से प्रेरित होकर अन्य क्षेत्रों में भी सांग प्रस्तुत किए जाने लगे हैं।
प्राचार्य महोदय कुशल पाल ने भी विद्यार्थियों को अपनी पुरातन संस्कृति से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल बीएआर जनता कॉलेज कौल और दयाल सिंह पब्लिक स्कूल करनाल से शिक्षिका कविता सिंह, डॉ. सुरेंद्र कुमार, विनित, गुरनाम सिंह, रणबीर सिंह, जंगशेर सिंह लालर, विक्रम सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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लाडवा। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के सहयोग से इंदिरा गांधी नेशनल कॉलेज में चार दिवसीय रत्नावली युवा सांग महोत्सव का आयोजन किया गया। इसके तीसरे दिन यूटीडी की टीम ने गांव बुढा में अपनी प्रतिभा के रंग बिखेरे। टीम ने सावित्री सत्यवान के प्रसंग पर सांग प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। गांववासियों ने इस महोत्सव का खूब आनंद लिया।
मुख्यातिथि कुवि कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र पाल ने कहा कि सांग हरियाणा का एक लोकप्रिय लोक नृत्य व नाटकीय शैली है। पूर्व समय में दस या ग्यारह व्यक्तियों का समूह सांग द्वारा जनसमुदाय का मनोरंजन करता था। प्रदेश के सांगियों से प्रेरित होकर अन्य क्षेत्रों में भी सांग प्रस्तुत किए जाने लगे हैं।
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प्राचार्य महोदय कुशल पाल ने भी विद्यार्थियों को अपनी पुरातन संस्कृति से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल बीएआर जनता कॉलेज कौल और दयाल सिंह पब्लिक स्कूल करनाल से शिक्षिका कविता सिंह, डॉ. सुरेंद्र कुमार, विनित, गुरनाम सिंह, रणबीर सिंह, जंगशेर सिंह लालर, विक्रम सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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