फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   The ranking of the city improved in the cleanliness survey, but not the situation

स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग तो सुधरी, लेकिन हालात नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 24 Nov 2021 01:57 AM IST
विज्ञापन
The ranking of the city improved in the cleanliness survey, but not the situation
कुरुक्षेत्र। सेक्टर- 17 में लगा गंदगी का ढेर। - फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में भले ही शहर की रैंकिंग सुधरी है, लेकिन हालात अभी भी खराब ही हैं। शहर में जगह-जगह 40 से ज्यादा मिनी डंपिंग जोन बने हुए हैं, जहां दिन रात लगे गंदगी के ढेरों में पशु विचरण करते रहते हैं। इतना ही नहीं कई बार तो इस कूड़े को उठाने की बजाए यहीं पर इसे आग के हवाले कर दिया जाता है।
विज्ञापन

इसके साथ ही बदहाल सार्वजनिक शौचालय की तस्वीरें भी अधिकारियों के दावों की पोल खोलती हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार शहर को ऑल इंडिया लेवल पर 203 वीं रैंक प्राप्त हुई है, जबकि पिछली बार ये 259 थी। अधिकारी बेशक इस सुधरी हुई रैंक से संतुष्ट हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि ये रैंकिंग सिर्फ संतोषजनक है। ग्राउंड लेवल पर अभी भी काफी काम करने की जरूरत है। शहर में इस समय पारस सिनेमा रोड, निरंकारी भवन के सामने, सेक्टर-17, पुरानी सब्जी मंडी के पीछे, झांसा रोड, सेक्टर-13 स्थित हनुमान मंदिर के पीछे, सेक्टर-7 में कोर्ट वाली सड़क, अमीन रोड पर गैस एजेंसी के पास, निर्माणाधीन ज्ञान मंदिर के पीछे व अन्य कई स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
विज्ञापन

60 हजार इकाइयों से जनरेट होता है 70 टन कूड़ा
बता दें कि नगर परिषद के अंतर्गत आने वाली 60 हजार इकाइयों से रोजाना 70 टन कूड़ा जनरेट होता है। हाईवे स्थित नप का मुख्य डंपिंग जोन पिछले कई माह से भरा पड़ा है, जिस कारण वहां और कूड़ा गिराने में काफी परेशानी आ रही है। कई बार तो डंपिंग जोन पर जगह न मिलने के कारण शहर से कूड़ा का उठान ही नहीं हो पाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कूड़े कचरे में लगाई जाती है आग: शशि जैन
कल्याण नगर वासी शशि जैन ने बताया कि नगर परिषद के कुछ सफाई कर्मचारी सफाई करने की बजाय फोन पर ज्यादा है व्यस्त रहते हैं। आग न लगाने के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए कूड़े कचरे को आग लगाकर धुआं ही धुआं कर देते हैं। इस मामले में अधिकारियों को संज्ञान लेना चाहिए। इतना ही नहीं सफाई कर्मचारी कई कई दिनों में आते हैं और सफाई के नाम पर खानापूर्ति कर चले जाते हैं।

रैंक सुधारने के लिए प्रयासरत: ईओ बलबीर
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर रोहिला ने बताया कि इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की रैंक में सुधार है। उनका प्रयास रहेगा कि 2022 में इसमें और सुधार किया जाए। इस समय 290 सफाई कर्मी शहर को साफ बनाने के लिए काम कर रहे हैं व करीब 80 कर्मचारी ठेके पर काम कर रहे हैं। समय पर टिप्पर भेजे जा रहे हैं व रोजाना सफाई की जा रही है। अगर कहीं पर कोई समस्या आती है तो तुरंत शिकायत मिलने पर समाधान किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed