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सरस्वती नदी के जल को रिचार्ज करके डार्क जोन की समस्या का किया जा सकता है समाधान
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सरस्वती सरोवर का शुभारंभ करते विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच ने शनिवार को गांव बिहोली में सरस्वती चैनल के किनारे बनाए नौ एकड़ में बने सरस्वती सरोवर का शुभारंभ किया। इस सरोवर में एक सीजन में आठ लाख क्यूसेक पानी रिचार्ज किया जा सकेगा।
उपाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेशानुसार प्राचीन सरस्वती नदी के जल को रिचार्ज करके डार्क जोन की समस्या को दूर किया जा रहा है। डार्क जोन की समस्या को दूर करने के लिए कई गांवों में सरस्वती सरोवरों का निमार्ण कार्य किया जा रहा है। इन सरस्वती सरोवरों में बरसात के पानी को एकत्रित करके इससे भूजल को रिर्चाज करके डार्क जोन की समस्या का समाधान किया जाएगा।
उपाध्यक्ष ने कहा कि बरसातं के सीजन में सरस्वती नदी में आने वाला पानी ओवरफ्लो होकर निकल जाता था, जिसके कारण इस क्षेत्र को उस पानी का फायदा नहीं मिल पाता था। इस समस्या का समाधान करने के लिए सरकार के प्रयासों से गांवों में सरस्वती चैनल के किनारे पर सरस्वती सरोवरों का निर्माण किया जा रहा है। इन सरोवरों के निर्माण से डार्क जोन की समस्या का समाधान किया जा सकेगा। सरस्वती चैनल में सीजन के 4 से 5 महीने ही पानी आता है, इस पानी को रिचार्जिंग के रूप में इस्तेमाल करने के लिए ही सरस्वती सरोवरों का निर्माण किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि इस सरस्वती सरोवर के माध्यम से एक सीजन में लगभग 8 लाख क्यूसेक पानी रिचार्ज होगा। करीब नौ एकड़ में बनाया गया यह सरोवर 650 फीट लंबा व 420 फीट चौड़ा है और इसकी गहराई करीब 15 फीट है। उन्होंने कहा कि सरस्वती सरोवर बनाने की इस मुहिम को एक जन आंदोलन के रूप में चलाया जा रहा है ताकि जिले की डार्क जोन की समस्या को जल्द से जल्द दूर किया जा सके और भूजल के स्तर में भी सुधार लाया जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे सरस्वती सरोवरों का निर्माण गांव रामपुरा, मरचेहड़ी सहित अन्य गांवों में भी किया जा रहा है।
गांव बिहोली के पूर्व सरपंच प्रीतम सिंह ने पहले धान के सीजन में पानी का लेवल 20 से 30 फीट तक नीचे चला जाता था, लेकिन सरस्वती नदी में पानी आने से इस समस्या से काफी हद तक निजात मिल गई है। इस मौके पर एक्सईन मनीष बब्बर, एसडीओ सोमनाथ, गांव ईशरगढ़ के पूर्व सरपंच गुरुदत्त शर्मा, बोर्ड के सदस्य सत प्रकाश सैनी, प्रदीप कुंद्रा, ईश्वर कौशिक, मंडल अध्यक्ष देशराज, हरमेश सैनी, राजेश चौहान, बलबीर नैन व विवेक शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।
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उपाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेशानुसार प्राचीन सरस्वती नदी के जल को रिचार्ज करके डार्क जोन की समस्या को दूर किया जा रहा है। डार्क जोन की समस्या को दूर करने के लिए कई गांवों में सरस्वती सरोवरों का निमार्ण कार्य किया जा रहा है। इन सरस्वती सरोवरों में बरसात के पानी को एकत्रित करके इससे भूजल को रिर्चाज करके डार्क जोन की समस्या का समाधान किया जाएगा।
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उपाध्यक्ष ने कहा कि बरसातं के सीजन में सरस्वती नदी में आने वाला पानी ओवरफ्लो होकर निकल जाता था, जिसके कारण इस क्षेत्र को उस पानी का फायदा नहीं मिल पाता था। इस समस्या का समाधान करने के लिए सरकार के प्रयासों से गांवों में सरस्वती चैनल के किनारे पर सरस्वती सरोवरों का निर्माण किया जा रहा है। इन सरोवरों के निर्माण से डार्क जोन की समस्या का समाधान किया जा सकेगा। सरस्वती चैनल में सीजन के 4 से 5 महीने ही पानी आता है, इस पानी को रिचार्जिंग के रूप में इस्तेमाल करने के लिए ही सरस्वती सरोवरों का निर्माण किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि इस सरस्वती सरोवर के माध्यम से एक सीजन में लगभग 8 लाख क्यूसेक पानी रिचार्ज होगा। करीब नौ एकड़ में बनाया गया यह सरोवर 650 फीट लंबा व 420 फीट चौड़ा है और इसकी गहराई करीब 15 फीट है। उन्होंने कहा कि सरस्वती सरोवर बनाने की इस मुहिम को एक जन आंदोलन के रूप में चलाया जा रहा है ताकि जिले की डार्क जोन की समस्या को जल्द से जल्द दूर किया जा सके और भूजल के स्तर में भी सुधार लाया जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे सरस्वती सरोवरों का निर्माण गांव रामपुरा, मरचेहड़ी सहित अन्य गांवों में भी किया जा रहा है।
गांव बिहोली के पूर्व सरपंच प्रीतम सिंह ने पहले धान के सीजन में पानी का लेवल 20 से 30 फीट तक नीचे चला जाता था, लेकिन सरस्वती नदी में पानी आने से इस समस्या से काफी हद तक निजात मिल गई है। इस मौके पर एक्सईन मनीष बब्बर, एसडीओ सोमनाथ, गांव ईशरगढ़ के पूर्व सरपंच गुरुदत्त शर्मा, बोर्ड के सदस्य सत प्रकाश सैनी, प्रदीप कुंद्रा, ईश्वर कौशिक, मंडल अध्यक्ष देशराज, हरमेश सैनी, राजेश चौहान, बलबीर नैन व विवेक शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।