{"_id":"6765cc8e6b233a63a20b9f18","slug":"the-pain-of-winter-bonfires-are-becoming-a-support-kurukshetra-news-c-45-1-knl1024-128770-2024-12-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: सर्दी का सितम, अलाव बन रहे सहारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: सर्दी का सितम, अलाव बन रहे सहारा
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते लोग। संवाद
कुरुक्षेत्र। सर्दी अब पूरे शबाब पर पहुंच चुकी है। सुबह के समय कोहरा और पूरे दिन चलने वाली शीतलहर लोगों की दिक्कतें बढ़ा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेने लगे हैं।
ट्रेनों और बसों के देरी से चलने के कारण लोगों को अपने गंतव्य स्थान तक जाने में भी परेशानी हो रही है। हालांकि तीन दिन बाद कोहरा कम रहा, लेकिन न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रहने से लोगों की कंपकंपी छूटती रही।
शुक्रवार को अल सुबह से ही कोहरा छाया हुआ था इसके साथ ही शीतलहर भी दिन भर चलती रही। दोपहर के समय धूप खिली जिसका लोगों ने घरों की छतों पर बैठकर आनंद लिया तो वहीं पार्क भी गुलजार रहे। इसके बाद शाम होते ही लोग फिर से सर्दी की जकड़ में आ गए।
विज्ञापन
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 22.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस तक रहा। वहीं शनिवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सात डिग्री तक रहने की संभावना है। बढ़ती ठंड में बीमारियां भी बढ़ रही है। अस्पताल में खांसी, जुकाम, बुखार और गला दर्द के मरीजों की कतारें लग रह हैं।
सर्दी के मौसम में डॉक्टर भी लोगों को सावधानी बरतने की हिदायत दे रहे हैं। अस्थमा के मरीजों को इस मौसम में ज्यादा परेशानी होती है। इसके अलावा फसल पर भी प्रभाव पड़ रहा है। कृषि विशेषज्ञ डाॅ. सीबी सिंह ने बताया कि इस मौसम में आलू, भिंडी, टमाटर की फसल को नुकसान होने संभावना रहती है जबकि गेहूं, सरसों और चने की फसल को शीतलहर से लाभ होता है।
विज्ञापन
ट्रेनों और बसों के देरी से चलने के कारण लोगों को अपने गंतव्य स्थान तक जाने में भी परेशानी हो रही है। हालांकि तीन दिन बाद कोहरा कम रहा, लेकिन न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रहने से लोगों की कंपकंपी छूटती रही।
विज्ञापन
शुक्रवार को अल सुबह से ही कोहरा छाया हुआ था इसके साथ ही शीतलहर भी दिन भर चलती रही। दोपहर के समय धूप खिली जिसका लोगों ने घरों की छतों पर बैठकर आनंद लिया तो वहीं पार्क भी गुलजार रहे। इसके बाद शाम होते ही लोग फिर से सर्दी की जकड़ में आ गए।
विज्ञापन
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 22.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस तक रहा। वहीं शनिवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सात डिग्री तक रहने की संभावना है। बढ़ती ठंड में बीमारियां भी बढ़ रही है। अस्पताल में खांसी, जुकाम, बुखार और गला दर्द के मरीजों की कतारें लग रह हैं।
सर्दी के मौसम में डॉक्टर भी लोगों को सावधानी बरतने की हिदायत दे रहे हैं। अस्थमा के मरीजों को इस मौसम में ज्यादा परेशानी होती है। इसके अलावा फसल पर भी प्रभाव पड़ रहा है। कृषि विशेषज्ञ डाॅ. सीबी सिंह ने बताया कि इस मौसम में आलू, भिंडी, टमाटर की फसल को नुकसान होने संभावना रहती है जबकि गेहूं, सरसों और चने की फसल को शीतलहर से लाभ होता है।