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Kurukshetra News: 92 एकड़ में बनेगा आयुष विश्वविद्यालय का नया परिसर
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कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय का नया परिसर फतुहपुर में 92 एकड़ भूमि पर करीब 1300 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत से विकसित किया जाएगा। तीन चरणों में बनने वाले परिसर के निर्माण कार्य से पहले शुक्रवार को भूमि पूजन और हवन किया गया। पहले चरण में प्रशासनिक भवन, शोध भवन, पुस्तकालय, परीक्षा शाखा, स्नातकोत्तर आयुर्वेद महाविद्यालय के साथ 250 बेड का आयुर्वेद अस्पताल बनाया जाएगा। कार्यक्रम में स्वामी ज्ञानानंद ने भी पहुंचकर विचार रखे और पौधरोपण किया।
स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि भगवद्गीता की उपदेश स्थली कुरुक्षेत्र में देश के पहले श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के नए परिसर का भूमि पूजन होना गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि गीता में आयुर्वेद और आयुर्वेद में गीता का संदेश है। दोनों स्वस्थ जीवन, संयम और संतुलित जीवनशैली का संदेश देते हैं। नए परिसर से आयुष पद्धतियों की शिक्षा, चिकित्सा और अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी। कुलपति वैद्य करतार सिंह धीमान ने बताया कि विश्वविद्यालय की स्थापना 25 सितंबर 2017 को हुई थी। 12 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी थी। अब नए परिसर को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा।
पहले चरण में 250 बेड का आयुर्वेद अस्पताल
कुलपति ने बताया कि पहले चरण का काम दीपक बिल्डर्स एंड इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को आवंटित किया गया है। इसमें तीन मंजिला प्रशासनिक भवन, शोध भवन, पुस्तकालय, परीक्षा शाखा, स्नातकोत्तर आयुर्वेद महाविद्यालय और 250 बेड का आयुर्वेद अस्पताल बनाया जाएगा। दूसरे और तीसरे चरण में आयुर्वेद के साथ योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, होम्योपैथी और सिद्ध चिकित्सा की शिक्षा, शोध और उपचार की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परिसर में खेल परिसर, सामुदायिक भवन सहित अन्य सुविधाएं भी बनाई जाएंगी। वर्तमान परिसर में स्नातक और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के साथ अस्पताल की सेवाएं जारी रहेंगी।
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स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि भगवद्गीता की उपदेश स्थली कुरुक्षेत्र में देश के पहले श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के नए परिसर का भूमि पूजन होना गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि गीता में आयुर्वेद और आयुर्वेद में गीता का संदेश है। दोनों स्वस्थ जीवन, संयम और संतुलित जीवनशैली का संदेश देते हैं। नए परिसर से आयुष पद्धतियों की शिक्षा, चिकित्सा और अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी। कुलपति वैद्य करतार सिंह धीमान ने बताया कि विश्वविद्यालय की स्थापना 25 सितंबर 2017 को हुई थी। 12 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी थी। अब नए परिसर को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा।
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पहले चरण में 250 बेड का आयुर्वेद अस्पताल
कुलपति ने बताया कि पहले चरण का काम दीपक बिल्डर्स एंड इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को आवंटित किया गया है। इसमें तीन मंजिला प्रशासनिक भवन, शोध भवन, पुस्तकालय, परीक्षा शाखा, स्नातकोत्तर आयुर्वेद महाविद्यालय और 250 बेड का आयुर्वेद अस्पताल बनाया जाएगा। दूसरे और तीसरे चरण में आयुर्वेद के साथ योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, होम्योपैथी और सिद्ध चिकित्सा की शिक्षा, शोध और उपचार की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परिसर में खेल परिसर, सामुदायिक भवन सहित अन्य सुविधाएं भी बनाई जाएंगी। वर्तमान परिसर में स्नातक और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के साथ अस्पताल की सेवाएं जारी रहेंगी।
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