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Kurukshetra News: जर्जर होने से लंबे रूट पर घटी बसों की संख्या

Fri, 20 Mar 2026 03:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Fri, 20 Mar 2026 03:10 AM IST
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The number of buses on long routes has decreased due to their dilapidated condition.
कुरुक्षेत्र। बस स्टैंड परिसर में बस का इंतजार करते यात्री। संवाद
मुनीश मुंडे
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कुरुक्षेत्र। परिवहन विभाग की ओर से लंबे रूट की बसों को बंद कर स्थानीय रूटों पर चलाने की व्यवस्था अब विभाग के लिए घाटे का सौदा साबित होती नजर आ रही है। पिछले एक साल में करीब दस लंबे रूटों से हटाई जा चुकी हैं। वहीं मुख्यमंत्री के आदेश पर 14 नए लोकल रूटों पर बसें उतारी गई हैं। इस बदलाव का उद्देश्य स्थानीय यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करना था। वहीं इससे लंबी दूरी के यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जरूरत के मुकाबले बसों की संख्या कम होने और लगातार बसों के कंडम घोषित होने से हालात और भी गंभीर बनते जा रहे हैं।
तीन से चार लाख घटी आमदनी
बसों की कमी के कारण न केवल सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, बल्कि विभाग को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। पहले लंबे रूट पर चलने वाली बसें अधिक राजस्व देती थीं। अब लोकल रूट पर किराया कम होने से आमदनी में कमी आई है। करीब डेढ़ साल पहले रोडवेज की रोजाना आमदन 17 से 18 लाख रुपये थी, जो अब घटकर 13 से 14 लाख रुपये रह गई है। इस तरह विभाग को प्रतिदिन लगभग तीन से चार लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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142 बसें 108 की कमी
विभाग की सबसे बड़ी समस्या बसों की कमी कुरुक्षेत्र डिपो को सुचारु रूप से चलाने के लिए करीब 250 बसों की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में केवल 142 बसें हैं। डिपो में 108 बसों की कमी है । हर महीने पांच से छह बसें कंडम घोषित हो रही हैं। ऐसे में सीमित संसाधनों के साथ रूट संचालन करना विभाग के लिए चुनौती बन गया है।
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यात्रा हुई महंगी, निजी वाहनों से कर रहे सफर
शहर निवासी राजेश कुमार का कहना है कि लंबे रूटों पर बसों की कमी के कारण अब उन्हें अपने निजी वाहन से ही सफर करना पड़ रहा है। इससे उनके खर्च में काफी बढ़ोतरी हो गई है। पहले जहां वे कम किराये में सार्वजनिक परिवहन से आसानी से सफर कर लेते थे, वहीं अब पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के चलते यात्रा महंगी पड़ रही है। उन्होंने प्रशासन से परिवहन व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
यहां चली बसें
लाडवा से जयपुर वाया हिसार रिंग्स
खाटू श्याम वाया नारनौल
बढतोली
बोढला
सुनेहड़ी खालसा
भुस्तला
उमरी
कुरुक्षेत्र से ऊंचा चंदाना
कुरुक्षेत्र से रादौर वाया गढ़ी बीरबल
कुरुक्षेत्र से बराड़ा वाया संगोर
कुरुक्षेत्र से लाडवा वाया मनियारपुर
कुरुक्षेत्र से करनाल वाया अभिमन्युपुर
कुरुक्षेत्र से रादौर वाया खर्काली
बोढला से कुरुक्षेत्र वाया मुकरपुर

ये बंद हुए रूट
मनाली — डेढ़ साल
कोटद्वार — एक साल
लुधियाना — एक साल
देहरादून — सात महीने
ऋषिकेश — आठ महीने
शिमला नाइट — दो साल
खाटू श्याम — दो दिन बसें बंद

डिमांड के हिसाब से चलाई जा रही बसें : शेर सिंह
सरकार जहां-जहां बसें चलाने के निर्देश देती है, वहां बसें चलाई जा रही हैं। साथ ही लंबे रूटों पर भी धीरे-धीरे व्यवस्था सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं।

शेर सिंह, रोडवेज महाप्रबंधक

कुरुक्षेत्र। बस स्टैंड परिसर में बस का इंतजार करते यात्री। संवाद

कुरुक्षेत्र। बस स्टैंड परिसर में बस का इंतजार करते यात्री। संवाद

कुरुक्षेत्र। बस स्टैंड परिसर में बस का इंतजार करते यात्री। संवाद

कुरुक्षेत्र। बस स्टैंड परिसर में बस का इंतजार करते यात्री। संवाद

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