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Kurukshetra News: गुरुकुल कुरुक्षेत्र से नेपाल तक पहुंचेगा प्राकृतिक खेती का मॉडल
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कुरुक्षेत्र। गुरुकुल में पहुंचे नेपाली किसानों को सम्मानित करते हुए गुरुकुल प्रबंधन के लोग। स्व
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। गुरुकुल कुरुक्षेत्र में तैयार प्राकृतिक खेती का मॉडल अब नेपाल के किसानों तक पहुंचेगा। भारत और नेपाल सरकार के संयुक्त प्रयासों से नेपाल के कृषि विशेषज्ञों और 50 प्रगतिशील किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुकुल में प्रशिक्षण लिया। प्रतिनिधिमंडल ने पांच दिन तक प्राकृतिक कृषि फार्म में रहकर तकनीकों, प्रक्रियाओं और प्रयोगों को समझा।
गुरुकुल पहुंचने पर प्रधान राजकुमार गर्ग और व्यवस्थापक रामनिवास आर्य ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इसमें कृषि अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद यादव, सपना खापुंग, झराना उपाध्याय और हेमलाल बुसाई सहित प्रगतिशील किसान शामिल थे। प्रशिक्षण के दौरान किसानों ने विशेषज्ञों से प्राकृतिक खेती के वैज्ञानिक और व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी कराया।
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प्रशिक्षण और मॉडल अपनाने में रुचि
पांच दिवसीय प्रशिक्षण में पद्मश्री डॉ. हरिओम, डॉ. बलजीत सहारण, डॉ. शुवेन्दु और डॉ. गगनदीप सिंह ने प्राकृतिक खेती की विधियों की जानकारी दी। डॉ. हरिओम ने रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों को कम करने और स्वच्छ जल, उपजाऊ भूमि व सुरक्षित खाद्य व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर दिया। डॉ. बलजीत सहारण ने देसी गाय की उपयोगिता और इसके आधार पर तैयार घटकों के निर्माण की व्यावहारिक जानकारी दी। नेपाली किसानों ने गुरुकुल के प्राकृतिक कृषि फार्म का भ्रमण कर तकनीकों को देखा। उन्होंने गुरुकुल के मॉडल की सराहना करते हुए इसे नेपाल में अपनाने में रुचि दिखाई और समापन पर प्रमाण-पत्र प्राप्त किए।
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कुरुक्षेत्र। गुरुकुल कुरुक्षेत्र में तैयार प्राकृतिक खेती का मॉडल अब नेपाल के किसानों तक पहुंचेगा। भारत और नेपाल सरकार के संयुक्त प्रयासों से नेपाल के कृषि विशेषज्ञों और 50 प्रगतिशील किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुकुल में प्रशिक्षण लिया। प्रतिनिधिमंडल ने पांच दिन तक प्राकृतिक कृषि फार्म में रहकर तकनीकों, प्रक्रियाओं और प्रयोगों को समझा।
गुरुकुल पहुंचने पर प्रधान राजकुमार गर्ग और व्यवस्थापक रामनिवास आर्य ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इसमें कृषि अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद यादव, सपना खापुंग, झराना उपाध्याय और हेमलाल बुसाई सहित प्रगतिशील किसान शामिल थे। प्रशिक्षण के दौरान किसानों ने विशेषज्ञों से प्राकृतिक खेती के वैज्ञानिक और व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी कराया।
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प्रशिक्षण और मॉडल अपनाने में रुचि
पांच दिवसीय प्रशिक्षण में पद्मश्री डॉ. हरिओम, डॉ. बलजीत सहारण, डॉ. शुवेन्दु और डॉ. गगनदीप सिंह ने प्राकृतिक खेती की विधियों की जानकारी दी। डॉ. हरिओम ने रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों को कम करने और स्वच्छ जल, उपजाऊ भूमि व सुरक्षित खाद्य व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर दिया। डॉ. बलजीत सहारण ने देसी गाय की उपयोगिता और इसके आधार पर तैयार घटकों के निर्माण की व्यावहारिक जानकारी दी। नेपाली किसानों ने गुरुकुल के प्राकृतिक कृषि फार्म का भ्रमण कर तकनीकों को देखा। उन्होंने गुरुकुल के मॉडल की सराहना करते हुए इसे नेपाल में अपनाने में रुचि दिखाई और समापन पर प्रमाण-पत्र प्राप्त किए।
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