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Kurukshetra News: चार घंटे चली बैठक, 40 मिनट में नहीं बन पाई सर्वसम्मति, खूब हुआ हंगामा
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कुरुक्षेत्र। प्रदेश के गुरुघरों व अन्य सिख संस्थानों की कमान संभालने के लिए चुनाव के चार माह चार दिन बाद आखिरकार पहली कार्यकारिणी परवान चढ़ ही गई। जिसमें करीब 24 साल पहले प्रदेश के लिए अलग कमेटी के लिए संघर्ष का बिगुल बजाने वाले व पहली एडहॉक कमेटी के प्रधान रहे जगदीश सिंह झींडा के सिर प्रधानी का ताज सजा है। उनके नेतृत्व में वरिष्ठ उपप्रधान, उपप्रधान, महासचिव, संयुक्त सचिव व छह सदस्यों का चयन किया गया है। इससे पहले चार घंटे तक बैठक हुई, जिसमें खूब हंगामा भी हुआ तो विपक्ष उखड़ भी गया लेकिन 30 सदस्यों के अपने पूर्ण बहुमत के दावे के साथ झींडा ने न केवल कमान बल्कि गुरुग्रंथ साहिब के समक्ष अरदास कर कुर्सी भी संभाल ली है।
जगदीश सिंह झींडा प्रधान बनेंगे, यह संकेत उसी समय लगने लगे थे जब करीब साढ़े 11 बजे वे सदस्यों के दलबल के साथ पहुंचे थे। पहले उन्होंने गुरुग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका तो फिर बैठक में शामिल हुए। पहले करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में चर्चा की गई तो सभी सदस्यों को 40 मिनट के लिए सर्वसम्मति बनाने का समय दिया गया लेकिन सर्वसम्मति नहीं बन पाई।
इस पर प्रधानी के लिए झींडा का नाम उनके पक्ष के सदस्य की ओर रखा गया तो 18 विरोध में रहे। विरोध पक्ष की ओर से प्रकाश सिंह साहुवाल का नाम रखा और चुनाव के लिए अड़े रहे। करीब 20 मिनट तक खूब हंगामा रहा तो बाद में प्रोटेम चेयरमैन ने आयोग के चेयरमैन से पूरे हालात पर चर्चा की। इसके बाद हाथ खड़े करवाए गए तो झींडा के समर्थन में 30 आए, जिसके बाद उनके प्रधान होने का ऐलान कर दिया गया।
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झींडा का नाम घोषित होते ही बाहर निकल गए कैमपुरा, नलवी व साहुवाल
बैठक में जगदीश सिंह झींडा के प्रधान होने का ऐलान किया तो बलदेव सिंह कैमपुरा, दीदार सिंह नलवी व प्रकाश सिंह साहुवाल ने खूब विरोध किया, जिसके साथ ही वे बैठक को छोड़कर बाहर निकल आए। यहां उन्होंने पत्रकारों के समक्ष स्पष्ट किया कि यह चुनाव नहीं बल्कि दबाव में लिया गया फैसला है, जो मान्य नहीं कर सकते। इसे हाई कोर्ट में चैलेंज किया जाएगा, जिसमें प्रोटेम चेयरमैन को भी शामिल किया जाएगा।
19 जनवरी को हुए थे चुनाव
गत 19 जनवरी को एचएसजीएमसी चुनाव हुए थे, जिसमें 40 सीटों में से 22 पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। झींडा के पंथक दल को 9, बलदेव सिंह कैमपुरा के हरियाणा सिख पंथक दल (एचएसपीडी) को छह और दीदार सिंह नलवी की सिख समाज संस्था को तीन सीटें मिलीं थी। पूर्व तदर्थ एचएसजीएमसी प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल को कलांवाली सीट (वार्ड 35) पर 1,771 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था।
झलकियां
- जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल सबसे पहले बैठक में पहुंचे।
- साढ़े 11 बजे जगदीश सिंह झींडा पहुंचे।
- बैठक के बीच करीब 20 मिनट झींडा व दादूवाल के बीच होती रही गुफ्तगू।
- खुफिया एजेंसी से लेकर संगत व हर किसी की टिकी रही निगाहें।
- सुरक्षा के रहे कड़े प्रबंध।
- चुनाव के लिए भी बॉक्स से लेकर की गई थी अन्य सभी तैयारी।
- सभी सदस्यों के मोबाइल बाहर जमा कराए गए।
- पर्ची देकर व रजिस्टर में एंट्री के साथ ही दिया गया प्रवेश
- बंद कमरे में हुई बैठक तीन बजे तक चली।
- प्रधान बनने के बाद झींडा व दादूवाल ने टेका माथा, सिरोपा भेंट कर सभी पदाधिकारी व सदस्यों का किया स्वागत।
- प्रधान बनते ही झींडा पदाधिकारियों के साथ कमेटी मुख्यालय पहुंचे।
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जगदीश सिंह झींडा प्रधान बनेंगे, यह संकेत उसी समय लगने लगे थे जब करीब साढ़े 11 बजे वे सदस्यों के दलबल के साथ पहुंचे थे। पहले उन्होंने गुरुग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका तो फिर बैठक में शामिल हुए। पहले करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में चर्चा की गई तो सभी सदस्यों को 40 मिनट के लिए सर्वसम्मति बनाने का समय दिया गया लेकिन सर्वसम्मति नहीं बन पाई।
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इस पर प्रधानी के लिए झींडा का नाम उनके पक्ष के सदस्य की ओर रखा गया तो 18 विरोध में रहे। विरोध पक्ष की ओर से प्रकाश सिंह साहुवाल का नाम रखा और चुनाव के लिए अड़े रहे। करीब 20 मिनट तक खूब हंगामा रहा तो बाद में प्रोटेम चेयरमैन ने आयोग के चेयरमैन से पूरे हालात पर चर्चा की। इसके बाद हाथ खड़े करवाए गए तो झींडा के समर्थन में 30 आए, जिसके बाद उनके प्रधान होने का ऐलान कर दिया गया।
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झींडा का नाम घोषित होते ही बाहर निकल गए कैमपुरा, नलवी व साहुवाल
बैठक में जगदीश सिंह झींडा के प्रधान होने का ऐलान किया तो बलदेव सिंह कैमपुरा, दीदार सिंह नलवी व प्रकाश सिंह साहुवाल ने खूब विरोध किया, जिसके साथ ही वे बैठक को छोड़कर बाहर निकल आए। यहां उन्होंने पत्रकारों के समक्ष स्पष्ट किया कि यह चुनाव नहीं बल्कि दबाव में लिया गया फैसला है, जो मान्य नहीं कर सकते। इसे हाई कोर्ट में चैलेंज किया जाएगा, जिसमें प्रोटेम चेयरमैन को भी शामिल किया जाएगा।
19 जनवरी को हुए थे चुनाव
गत 19 जनवरी को एचएसजीएमसी चुनाव हुए थे, जिसमें 40 सीटों में से 22 पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। झींडा के पंथक दल को 9, बलदेव सिंह कैमपुरा के हरियाणा सिख पंथक दल (एचएसपीडी) को छह और दीदार सिंह नलवी की सिख समाज संस्था को तीन सीटें मिलीं थी। पूर्व तदर्थ एचएसजीएमसी प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल को कलांवाली सीट (वार्ड 35) पर 1,771 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था।
झलकियां
- जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल सबसे पहले बैठक में पहुंचे।
- साढ़े 11 बजे जगदीश सिंह झींडा पहुंचे।
- बैठक के बीच करीब 20 मिनट झींडा व दादूवाल के बीच होती रही गुफ्तगू।
- खुफिया एजेंसी से लेकर संगत व हर किसी की टिकी रही निगाहें।
- सुरक्षा के रहे कड़े प्रबंध।
- चुनाव के लिए भी बॉक्स से लेकर की गई थी अन्य सभी तैयारी।
- सभी सदस्यों के मोबाइल बाहर जमा कराए गए।
- पर्ची देकर व रजिस्टर में एंट्री के साथ ही दिया गया प्रवेश
- बंद कमरे में हुई बैठक तीन बजे तक चली।
- प्रधान बनने के बाद झींडा व दादूवाल ने टेका माथा, सिरोपा भेंट कर सभी पदाधिकारी व सदस्यों का किया स्वागत।
- प्रधान बनते ही झींडा पदाधिकारियों के साथ कमेटी मुख्यालय पहुंचे।