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Kurukshetra News: छठ पर्व पर बाजार में बढ़ी रौनक, दुकानों पर उमड़े लोग

Sun, 26 Oct 2025 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Sun, 26 Oct 2025 01:26 AM IST
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The market became lively on the occasion of Chhath festival, people thronged the shops.
कुरुक्षेत्र। छठ पर्व के पहले दिन शनिवार सुबह स्नान व पूजा अर्चना के लिए ब्रह्मसरोवर तटों पर पहु
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। नहाय खाए से शुरू हुए महोत्सव के चलते जहां ब्रह्मसरोवर पर जहां दिन भर मेले जैसा माहौल बना रहा वहीं बाजारों में भी रौनक दिखाई दी। श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की। इस दौरान बाजार में उमड़ खरीदारों को देखकर दुकानदारों को अच्छे कारोबार की उम्मीद जगी है
त्योहार नहीं, आस्था, शुद्वि का पर्व : सुधा
ब्रह्मसरोवर में स्नान करने कैथल से पति साहिल के साथ पहुंची सुधा ने बताया कि वे मूल रूप से बिहार से हैं लेकिन कईं साल से यहीं पर ही पर्व मना रहे हैं। छठ पूजा केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह लोक आस्था, शुद्धि, और प्रकृति के प्रति समर्पण का एक महापर्व है। यह भारतीय संस्कृति की अनूठी पहचान है, जो सादगी, पवित्रता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देती है।
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छठ पर्व का केंद्र बिंदू सूर्य देव : सुमन
ब्रह्मसरोवर तट पर पहुंची सुमन का कहना था कि छठ पर्व का केंद्र बिंदू सूर्य देव हैं, जिन्हें प्रत्यक्ष देवता माना जाता है। सूर्य ऊर्जा, स्वास्थ्य और जीवन शक्ति के प्रतीक हैं। इस पूजा के माध्यम से व्रती सूर्य देव के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जिनकी कृपा से ही पृथ्वी पर जीवन संभव है। इसके साथ ही, छठी मैया की पूजा भी की जाती है, जिन्हें ब्रह्मा जी की मानस पुत्री या प्रकृति का छठा अंश माना जाता है। मान्यता है कि छठी मैया संतान की रक्षा करती हैं और उन्हें दीर्घायु प्रदान करती हैं। यही कारण है कि यह व्रत संतान प्राप्ति और उनकी मंगल कामना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
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छठ पर्व तिथि वार अनुष्ठान
- पहला दिन 25 अक्टूबर, नहाय-खाय- सूर्योदय 06:28 बजे व 05:42 बजे सांयकाल
- दूसरा दिन 26 अक्तूबर, लोहंडा और खरना- सूर्योदय 06:29 बजे व 05:41बजे सांयकाल
- तीसरा दिन 27 अक्टूबर, सूर्य षष्ठी-संध्या अर्घ्य. सूर्योदय 06:30 बजे व 05:40 बजे शाम
- चौथा दिन 28 अक्टूबर, सप्तमी उषा अर्घ्य और पारण सूर्योदय 06:30 बजे व 05:39 बजे शाम
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