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पंचनद स्मारक का निर्माण शुरू होने की जगी उम्मीद
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पंचनद स्मारक का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल का स्वागत करते स्वामी धर्मदेव। संवा
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। नेशनल हाईवे के पास गांव मसाना में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करीब सात साल पहले पंचनद स्माकर का शिलान्यास किया था। इन सात साल में स्मारक का निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हुआ। सात साल बाद शनिवार को मुख्यमंत्री फिर से इस स्मारक स्थल पर पहुंचे। इससे पंचनद स्मारक का निर्माण शुरू होने की उम्मीद जगी है।
यहां पहुंचने पर पंचनद स्मारक ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव और प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक सुभाष सुधा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। पहले उन्होंने स्मारक स्थल का अवलोकन किया और उसके बाद यहां पर स्वामी धर्मदेव महाराज और विधायक सुभाष सुधा के साथ उनकी बंद कमरे में 20 से 25 मिनट वार्ता की। बंद कमरे से बाहर निकलकर मुख्यमंत्री मीडिया से बात किए बगैर सीधा पिपली पैराकीट के लिए रवाना हो गए। बंद कमरे में वार्ता से कयास लगाए जा रहे हैं कि अब इस शहीदी स्मारक का निर्माण जल्द शुरू हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि पंचनद स्मारक ट्रस्ट ने 14 अगस्त 2015 को मसाना में कार्यक्रम आयोजित कर स्मारक का शिलान्यास मुख्यमंत्री के कर कमलों से ही कराया था। इस दौरान कई बड़ी हस्तियों ने भी कार्यक्रम में शिरकत की थी। बीते वर्षों में फिलहाल इस स्मारक स्थल पर पांच कमरों का निर्माण ही हो पाया है। स्मारक के लिए उस समय 25 एकड़ जमीन खरीदी गई थी, जबकि 75 एकड़ के लिए बातचीत चल रही थी। यह कार्य पंजाबी समाज का पंचनद स्मारक ट्रस्ट कर रहा है।
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अवलोकन के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पिपली पैराकीट में शहर के विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से बातचीत भी की। इस मौके पर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर, उपायुक्त मुकुल कुमार, पुलिस अधीक्षक डॉ. अंशु सिंगला, एडीसी अखिल पिलानी, एएसपी कर्ण गोयल, एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक, मुकंद लाल सुधा, साहिल सुधा, सुरेश सैनी कुक्कु, डीपी चौधरी, प्रदीप झांम, धीरज गुलाटी, केडीबी सदस्य सौरभ चौधरी, परमजीत कौर कश्यप, पवन शर्मा, संजीव सेठ व डॉ. सुशील टाया उपस्थित रहे।
बंटवारे का शिकार हुए थे 10 लाख लोग
भारत-पाकिस्तान के विभाजन की नींव 14 अगस्त 1947 को रखी गई थी। तब पाकिस्तान से भारत आते समय करीब 10 लाख लोगों बंटवारे का शिकार हुए थे। बंटवारे के समय मारे गए लोगों को सम्मान देने के लिए इस स्मारक को बनाया जाना है।
स्मारक स्थल पर 14 अगस्त को होगा कार्यक्रम
पंचनद स्मारक ट्रस्ट के प्रदेशाध्यक्ष एवं थानेसर के विधायक सुभाष सुधा ने बताया कि 14 अगस्त को स्मारक स्थल पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सीएम ने कार्यक्रम के बारे में भी जानकारी प्राप्त की है। विधायक ने बताया कि फिलहाल स्मारक के नक्शे व अन्य कागजी कार्रवाई चल रही थी। उसके बाद कोरोना चल पड़ा जिस वजह से काम शुरू नहीं हो सका। जल्द ही इसका निर्माण तेजी से शुरू होगा।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर सकते हैं शिरकत
पंचनद स्मारक पर 14 अगस्त को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने की संभावना है। सूत्रों से पता चला है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल शनिवार को इसी के कारण स्मारक स्थल का अवलोकन करने पहुंचे।
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कुरुक्षेत्र। नेशनल हाईवे के पास गांव मसाना में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करीब सात साल पहले पंचनद स्माकर का शिलान्यास किया था। इन सात साल में स्मारक का निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हुआ। सात साल बाद शनिवार को मुख्यमंत्री फिर से इस स्मारक स्थल पर पहुंचे। इससे पंचनद स्मारक का निर्माण शुरू होने की उम्मीद जगी है।
यहां पहुंचने पर पंचनद स्मारक ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव और प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक सुभाष सुधा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। पहले उन्होंने स्मारक स्थल का अवलोकन किया और उसके बाद यहां पर स्वामी धर्मदेव महाराज और विधायक सुभाष सुधा के साथ उनकी बंद कमरे में 20 से 25 मिनट वार्ता की। बंद कमरे से बाहर निकलकर मुख्यमंत्री मीडिया से बात किए बगैर सीधा पिपली पैराकीट के लिए रवाना हो गए। बंद कमरे में वार्ता से कयास लगाए जा रहे हैं कि अब इस शहीदी स्मारक का निर्माण जल्द शुरू हो सकता है।
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उल्लेखनीय है कि पंचनद स्मारक ट्रस्ट ने 14 अगस्त 2015 को मसाना में कार्यक्रम आयोजित कर स्मारक का शिलान्यास मुख्यमंत्री के कर कमलों से ही कराया था। इस दौरान कई बड़ी हस्तियों ने भी कार्यक्रम में शिरकत की थी। बीते वर्षों में फिलहाल इस स्मारक स्थल पर पांच कमरों का निर्माण ही हो पाया है। स्मारक के लिए उस समय 25 एकड़ जमीन खरीदी गई थी, जबकि 75 एकड़ के लिए बातचीत चल रही थी। यह कार्य पंजाबी समाज का पंचनद स्मारक ट्रस्ट कर रहा है।
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अवलोकन के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पिपली पैराकीट में शहर के विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से बातचीत भी की। इस मौके पर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर, उपायुक्त मुकुल कुमार, पुलिस अधीक्षक डॉ. अंशु सिंगला, एडीसी अखिल पिलानी, एएसपी कर्ण गोयल, एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक, मुकंद लाल सुधा, साहिल सुधा, सुरेश सैनी कुक्कु, डीपी चौधरी, प्रदीप झांम, धीरज गुलाटी, केडीबी सदस्य सौरभ चौधरी, परमजीत कौर कश्यप, पवन शर्मा, संजीव सेठ व डॉ. सुशील टाया उपस्थित रहे।
बंटवारे का शिकार हुए थे 10 लाख लोग
भारत-पाकिस्तान के विभाजन की नींव 14 अगस्त 1947 को रखी गई थी। तब पाकिस्तान से भारत आते समय करीब 10 लाख लोगों बंटवारे का शिकार हुए थे। बंटवारे के समय मारे गए लोगों को सम्मान देने के लिए इस स्मारक को बनाया जाना है।
स्मारक स्थल पर 14 अगस्त को होगा कार्यक्रम
पंचनद स्मारक ट्रस्ट के प्रदेशाध्यक्ष एवं थानेसर के विधायक सुभाष सुधा ने बताया कि 14 अगस्त को स्मारक स्थल पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सीएम ने कार्यक्रम के बारे में भी जानकारी प्राप्त की है। विधायक ने बताया कि फिलहाल स्मारक के नक्शे व अन्य कागजी कार्रवाई चल रही थी। उसके बाद कोरोना चल पड़ा जिस वजह से काम शुरू नहीं हो सका। जल्द ही इसका निर्माण तेजी से शुरू होगा।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर सकते हैं शिरकत
पंचनद स्मारक पर 14 अगस्त को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने की संभावना है। सूत्रों से पता चला है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल शनिवार को इसी के कारण स्मारक स्थल का अवलोकन करने पहुंचे।