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Kurukshetra News: मेस कर्मचारियों के हक में आया हाईकोर्ट का फैसला
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के होस्टल मेस कर्मचारियों की पक्का करने के लिए लंबे समय से चल रहे कानूनी मामले में अब उन्हें न्याय मिला है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को लेबर कोर्ट अंबाला के वर्ष 2017 के फैसले को सही ठहराते हुए मेस कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया है।
यह मामला वर्ष 2003 की पॉलिसी के तहत मेस कर्मचारियों को नियमित करने को लेकर था। लेबर कोर्ट अंबाला ने 31 मार्च 2017 को निर्णय दिया था कि इन कर्मचारियों को पॉलिसी के अनुसार पक्का किया जाए। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन इस फैसले से असंतुष्ट था और उसने इसके खिलाफ हाईकोर्ट चंडीगढ़ में अपील की थी। अब हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय की अपील को खारिज कर दिया है, जिससे मेस कर्मचारियों को राहत मिली है। कोर्ट ने कहा कि लेबर कोर्ट का फैसला सही था और उसे लागू किया जाना चाहिए।
होस्टल मेस वर्कर यूनियन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रधान सुभाष पारचा ने इस फैसले पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि हाइकोर्ट का फैसला न्याय की जीत है और कर्मचारियों के संघर्ष का फल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब विश्वविद्यालय प्रशासन कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए उचित कार्रवाई करेगा। कर्मचारियों को अब उम्मीद है कि उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा मिलेगा और भविष्य में वे सामाजिक व आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे। उन्होंने बताया कि कुवि के पुरुष और महिला के 25 छात्रावास में 300 से अधिक मेस कर्मी कार्यरत हैं।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के होस्टल मेस कर्मचारियों की पक्का करने के लिए लंबे समय से चल रहे कानूनी मामले में अब उन्हें न्याय मिला है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को लेबर कोर्ट अंबाला के वर्ष 2017 के फैसले को सही ठहराते हुए मेस कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया है।
यह मामला वर्ष 2003 की पॉलिसी के तहत मेस कर्मचारियों को नियमित करने को लेकर था। लेबर कोर्ट अंबाला ने 31 मार्च 2017 को निर्णय दिया था कि इन कर्मचारियों को पॉलिसी के अनुसार पक्का किया जाए। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन इस फैसले से असंतुष्ट था और उसने इसके खिलाफ हाईकोर्ट चंडीगढ़ में अपील की थी। अब हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय की अपील को खारिज कर दिया है, जिससे मेस कर्मचारियों को राहत मिली है। कोर्ट ने कहा कि लेबर कोर्ट का फैसला सही था और उसे लागू किया जाना चाहिए।
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होस्टल मेस वर्कर यूनियन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रधान सुभाष पारचा ने इस फैसले पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि हाइकोर्ट का फैसला न्याय की जीत है और कर्मचारियों के संघर्ष का फल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब विश्वविद्यालय प्रशासन कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए उचित कार्रवाई करेगा। कर्मचारियों को अब उम्मीद है कि उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा मिलेगा और भविष्य में वे सामाजिक व आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे। उन्होंने बताया कि कुवि के पुरुष और महिला के 25 छात्रावास में 300 से अधिक मेस कर्मी कार्यरत हैं।
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