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लड़की को डॉक्टर के साथ अकेले छोड़ा, सब नर्सों की मिलीभगत : रेनू भाटिया
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कुरुक्षेत्र। लोकनायक जयप्रकाश नागरिक अस्पताल में नाबालिग से यौन शोषण के आरोपी डॉ. शैलेंद्र शैली मामले में रविवार देर को राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया का गुस्सा अस्पताल प्रशासन पर फूट पड़ा।
अस्पताल पहुंची रेनू भाटिया ने सीएमओ, पीएमओ और स्टाफ नर्सों को जमकर फटकार लगाते हुए सवाल किया कि आखिर एक युवा लड़की को डॉक्टर के साथ अकेला कैसे छोड़ दिया गया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे सिस्टम व स्टाफ नर्सों की मिलीभगत लगती हैं।
करीब एक घंटे तक अस्पताल में मौजूद रहीं रेनू भाटिया ने स्टाफ नर्सों से पूछा कि जब वार्ड में तीन कर्मचारियों की ड्यूटी थी तो घटना के समय कोई भी मौके पर क्यों नहीं था। उन्होंने कहा कि क्या कोई अपनी बेटी को इस तरह किसी डॉक्टर के पास अकेला छोड़ सकता है। यदि यह आपकी बेटी होती तो क्या तब भी यही रवैया रहता। रेनू भाटिया ने पीएमओ और सीएमओ को भी फटकार लगाई तो खूब जवाब-तलब किया लेकिन न अधिकारी और न ही स्टाफ नर्स कोई जवाब दे पाए। हर कोई आयोग की अध्यक्ष के कार्रवाई को देख खामोश रह गया। चेयरपर्सन ने इस बात पर भी गंभीर सवाल उठाए कि आरोपी डॉक्टर बच्ची को 100 रुपये क्यों दे रहा था। उन्होंने कहा कि कोई डॉक्टर किसी मरीज को 100 रुपये क्यों देगा। आखिर वह बच्ची से उसके परिवारजनों के बारे में क्यों पूछ रहा था। यह सामान्य व्यवहार नहीं है।
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अस्पताल पहुंची रेनू भाटिया ने सीएमओ, पीएमओ और स्टाफ नर्सों को जमकर फटकार लगाते हुए सवाल किया कि आखिर एक युवा लड़की को डॉक्टर के साथ अकेला कैसे छोड़ दिया गया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे सिस्टम व स्टाफ नर्सों की मिलीभगत लगती हैं।
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करीब एक घंटे तक अस्पताल में मौजूद रहीं रेनू भाटिया ने स्टाफ नर्सों से पूछा कि जब वार्ड में तीन कर्मचारियों की ड्यूटी थी तो घटना के समय कोई भी मौके पर क्यों नहीं था। उन्होंने कहा कि क्या कोई अपनी बेटी को इस तरह किसी डॉक्टर के पास अकेला छोड़ सकता है। यदि यह आपकी बेटी होती तो क्या तब भी यही रवैया रहता। रेनू भाटिया ने पीएमओ और सीएमओ को भी फटकार लगाई तो खूब जवाब-तलब किया लेकिन न अधिकारी और न ही स्टाफ नर्स कोई जवाब दे पाए। हर कोई आयोग की अध्यक्ष के कार्रवाई को देख खामोश रह गया। चेयरपर्सन ने इस बात पर भी गंभीर सवाल उठाए कि आरोपी डॉक्टर बच्ची को 100 रुपये क्यों दे रहा था। उन्होंने कहा कि कोई डॉक्टर किसी मरीज को 100 रुपये क्यों देगा। आखिर वह बच्ची से उसके परिवारजनों के बारे में क्यों पूछ रहा था। यह सामान्य व्यवहार नहीं है।
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