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Kurukshetra News: मानसून की पहली बारिश में छलनी हो गईं शहर की सड़कें, हिचकोले खा रहे राहगीर
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कुरुक्षेत्र। रोटरी चौक पर खस्ताहाल सड़क। संवाद
कुरुक्षेत्र। शहर में मानसून सीजन की छह दिन पहले हुई पहली ही बारिश के बाद सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की पोल खुल चुकी है। कई प्रमुख व अन्य सड़कें जगह-जगह से टूट गई हैं, जिन पर राहगीर हिचकोले खाने को मजबूर हैं।
कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर सफर करने वाले लोग हिचकोले खाते हुए निकलने को मजबूर हैं, वहीं दुर्घटना की आशंका भी लगातार बनी हुई है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि सेक्टर दो चौक से जिंदल चौक तक जिस सड़क का निर्माण महज छह माह पहले किया गया था, वे भी धंस चुकी हैं, जिसकी बुधवार को मरम्मत की जाती रही। करीब दो साल पहले बने सर्किट हाउस चौक से श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय चौक जाने वाली सड़क की हालत भी खस्ता है।
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इस सड़क का निर्माण जुलाई 2024 में ही किया गया था। कई अन्य सड़कों में भी गड्ढे पड़ चुके हैं, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
गनीमत है कि पिछले कई दिनों से बारिश नहीं हो रही है जबकि राहगीरों को खस्ताहाल सड़कों से बारिश के बीच से गुजरना आसान नहीं होगा। बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पडेगी। कई स्थानों पर वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने या रास्ता बदलने के कारण हादसे का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति देखने को मिलती है लेकिन समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया जाता। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। शहरवासियों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई जा रही सड़कें यदि पहली ही बारिश नहीं झेल पा रहीं, तो निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीरता से समीक्षा करते हुए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
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कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर सफर करने वाले लोग हिचकोले खाते हुए निकलने को मजबूर हैं, वहीं दुर्घटना की आशंका भी लगातार बनी हुई है।
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सबसे हैरानी की बात यह है कि सेक्टर दो चौक से जिंदल चौक तक जिस सड़क का निर्माण महज छह माह पहले किया गया था, वे भी धंस चुकी हैं, जिसकी बुधवार को मरम्मत की जाती रही। करीब दो साल पहले बने सर्किट हाउस चौक से श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय चौक जाने वाली सड़क की हालत भी खस्ता है।
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इस सड़क का निर्माण जुलाई 2024 में ही किया गया था। कई अन्य सड़कों में भी गड्ढे पड़ चुके हैं, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
गनीमत है कि पिछले कई दिनों से बारिश नहीं हो रही है जबकि राहगीरों को खस्ताहाल सड़कों से बारिश के बीच से गुजरना आसान नहीं होगा। बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पडेगी। कई स्थानों पर वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने या रास्ता बदलने के कारण हादसे का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति देखने को मिलती है लेकिन समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया जाता। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। शहरवासियों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई जा रही सड़कें यदि पहली ही बारिश नहीं झेल पा रहीं, तो निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीरता से समीक्षा करते हुए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

कुरुक्षेत्र। रोटरी चौक पर खस्ताहाल सड़क। संवाद

कुरुक्षेत्र। रोटरी चौक पर खस्ताहाल सड़क। संवाद