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Kurukshetra News: मीरी पीरी विवाद में प्राथमिकी दर्ज करने से गहराया रोष, 7 को पहुंचेंगे एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंद्र सिंह धामी
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शाहाबाद। बैठक को संबोधित करते एसजीपीसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क।
शाहाबाद। मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च चैरिटेबल ट्रस्ट में 20 मार्च को हुए घटनाक्रम व दर्ज किए गए मामले के विरोध में रोष गहरा गया है। अब 7 अप्रैल को एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंद्र सिंह धामी पहुंचेंगे। इस दौरान एसपी कार्यालय का घेराव या अन्य आंदोलन चलाने का बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
घटनाक्रम के बाद एसजीपीसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क, कार्यकारी समूह के वाइस चेयरमैन बलदेव सिंह कायमपुरी सहित मीरी-पीरी ट्रस्ट के करीब 20 समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद से ही सिख समुदाय में भारी रोष दिखाई देने लगा है। इसके अंतर्गत बुधवार को मीरी-पीरी संस्थान में बैठक की गई। इसकी अध्यक्षता रघुजीत सिंह विर्क और बलदेव सिंह कैमपुर ने की। उन्होंने कहा कि 7 अप्रैल को एसजीपीसी के चेयरमैन हरिजंद्र सिंह धामी संस्थान में पहुंचेंगे और मीरी-पीरी ट्रस्ट के बाहर बड़ी तादाद में जुटने वाली सिख संगत से रूबरू होंगे।
इस दौरान प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन से बलजीत सिंह दादूवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की जाएगी। चेतावनी दी गई कि यदि गैर-कानूनी कब्जे की कोशिश करने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो सिख संगत की ओर से एसपी कार्यालय का घेराव और व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी। बलदेव सिंह कैमपुर ने आरोप लगाया कि मीरी-पीरी संस्थान में हंगामा करने और मरीजों को परेशान करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने दबाव में आकर ट्रस्ट समर्थकों पर ही प्राथमिकी दर्ज की, जो बेहद निंदनीय है। वहीं एसजीपीसी समर्थक हरकेश मोहड़ी ने कहा कि पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बलजीत सिंह दादूवाल को संरक्षण दे रही है। इसके गंभीर परिणाम सरकार को भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी मीरी-पीरी ट्रस्ट को चलाना चाहती है लेकिन दादूवाल जैसे लोग सरकार के दरबार में जाकर इस ट्रस्ट को बंद करने पर उतारू हैं। जगदेव सिंह गाबा ने संगत से अपील की कि वे 7 अप्रैल को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर न्याय की आवाज बुलंद करें। इस दौरान मोहन जीत सिंह, हरभजन सिंह मसाना, सुखजिंदर सिंह मसाना, जगदेव सिंह गाबा, हरकेश मोहड़ी, सुखविंदर सिंह, मनजीत सिंह खालसा, सुखवंत सिंह और हरबंस सिंह मौजूद रहे।
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घटनाक्रम के बाद एसजीपीसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क, कार्यकारी समूह के वाइस चेयरमैन बलदेव सिंह कायमपुरी सहित मीरी-पीरी ट्रस्ट के करीब 20 समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद से ही सिख समुदाय में भारी रोष दिखाई देने लगा है। इसके अंतर्गत बुधवार को मीरी-पीरी संस्थान में बैठक की गई। इसकी अध्यक्षता रघुजीत सिंह विर्क और बलदेव सिंह कैमपुर ने की। उन्होंने कहा कि 7 अप्रैल को एसजीपीसी के चेयरमैन हरिजंद्र सिंह धामी संस्थान में पहुंचेंगे और मीरी-पीरी ट्रस्ट के बाहर बड़ी तादाद में जुटने वाली सिख संगत से रूबरू होंगे।
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इस दौरान प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन से बलजीत सिंह दादूवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की जाएगी। चेतावनी दी गई कि यदि गैर-कानूनी कब्जे की कोशिश करने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो सिख संगत की ओर से एसपी कार्यालय का घेराव और व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी। बलदेव सिंह कैमपुर ने आरोप लगाया कि मीरी-पीरी संस्थान में हंगामा करने और मरीजों को परेशान करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने दबाव में आकर ट्रस्ट समर्थकों पर ही प्राथमिकी दर्ज की, जो बेहद निंदनीय है। वहीं एसजीपीसी समर्थक हरकेश मोहड़ी ने कहा कि पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बलजीत सिंह दादूवाल को संरक्षण दे रही है। इसके गंभीर परिणाम सरकार को भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी मीरी-पीरी ट्रस्ट को चलाना चाहती है लेकिन दादूवाल जैसे लोग सरकार के दरबार में जाकर इस ट्रस्ट को बंद करने पर उतारू हैं। जगदेव सिंह गाबा ने संगत से अपील की कि वे 7 अप्रैल को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर न्याय की आवाज बुलंद करें। इस दौरान मोहन जीत सिंह, हरभजन सिंह मसाना, सुखजिंदर सिंह मसाना, जगदेव सिंह गाबा, हरकेश मोहड़ी, सुखविंदर सिंह, मनजीत सिंह खालसा, सुखवंत सिंह और हरबंस सिंह मौजूद रहे।