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फीस वृद्धि को लेकर भड़के विद्यार्थी

Fri, 11 Sep 2015 12:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कुरुक्षेत्र
ब्यूरो/अमर उजाला कुरुक्षेत्र Updated Fri, 11 Sep 2015 12:41 AM IST
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केयू में वीरवार को डीएएसएफआई और एसएफआई सदस्यों ने वीसी कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा किया।
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प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए स्टेट कार्यकारिणी के आह्वान पर तीन जिलों कुरुक्षेत्र, कैथल और जींद से बड़ी संख्या में विद्यार्थी पहुंचे। इसका नेतृत्व राज्य अध्यक्ष शाहनवाज और राज्य सचिव सुमित ने किया। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा बढ़ाई गई फीस को वापस लेने की मांग की।

इसके साथ ही छात्रहित के अन्य मुद्दों को भी उठाया। प्रदर्शनकारी विद्यार्थी लगभग पांच घंटे तक वीसी कार्यालय के समक्ष डटे रहे। इस दौरान वीसी कार्यालय के गेट को सिक्योरिटी ने बंद रखा। विद्यार्थियों ने एक सुर में प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारे लगाए।  
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इससे पहले प्रदर्शनकारी विद्यार्थी यूनिवर्सिटी कॉलेज परिसर में एकत्रित हुए। विद्यार्थियों का काफिला वीसी ऑफिस के सामने डट गया। छात्र संगठन डीएएसएफआई के जिलाध्यक्ष सुभेंद्र मेहरा ने कहा कि एक तरफ तो सरकार कहती है कि प्रदेश का प्रत्येक बच्चा पढ़े।
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ऐसे में इस महंगाई के दौर में पढ़ने के इच्छुक विद्यार्थियों और उनके परिवार पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। वह पढ़ाई से विमुख होने लगेगा।

डीएएसएफआई और एसएफआई ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि वह बढ़ी हुई फीसें तुरंत प्रभाव से वापस ले। यदि ऐसा नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन को तेज करना पड़ेगा। वीसी की गैर मौजूदगी में डीएसडब्ल्यू प्रो. अनिल वशिष्ठ ने विद्यार्थियों से साथ बातचीत की।

छात्र नेताओं ने केयू प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगें नहीं मानी गईं, तो विद्यार्थी अपने माता-पिता के साथ वीसी कार्यालय के समक्ष धरना देंगे। इस दौरान कुछ विद्यार्थियों की मौके पर पहुंचे थाना केयू प्रभारी के साथ हलकी-फुलकी बहसबाजी भी हो गई।

इस अवसर पर हरियाणा प्रदेश एसएफआई सचिव गौरव शर्मा, शाहनवाज, प्रेजीडेंट मंजीत, वाइस प्रेसीडेंट संसार चौधरी, पवन कुमार, खुशी राम आदि विद्यार्थी मौजूद रहे।  

ये है छात्र संगठन की मुख्य मांग
सामान्य श्रेणी की री-अपीयर की फीस 430 रुपये से बढ़ाकर 750 की गई है, उसे वापस लिया जाए। बीसीए की फीस 500 रुपये से बढ़ाकर 1100 की गई है, नॉन मेडिकल की फीस 750 से बढ़ाकर 1500 रुपये की है। इन सभी बढ़ी हुई फीसों को यूनिवर्सिटी प्रशासन कम करे।


देर शाम को मिले वीसी से, दो घंटे चली मीटिंग  
विद्यार्थियों के रवैये को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन को आखिरकार झुकना पड़ा। वीसी ने एसएफआई के प्रतिनिधिमंडल के संग बैठक के लिए हामी भर दी।

राज्य अध्यक्ष शाहनवाज ने बताया कि री-अपीयर की फीसों के मुद्दे को छोड़कर लगभग सभी मुद्दों पर वीसी के साथ लगभग दो घंटे सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि फीस को वापस कराने के लिए एसएफआई ने वीसी को चार दिन का अल्टीमेटम दिया है।

मांगों को लेकर कुलसचिव से मिली बीपीएसओ
केयू के छात्र संगठन बीपीएसओ के विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। मांगों का ज्ञापन सौंपा। संगठन के अध्यक्ष नितिश भारद्वाज की अगुवाई में विद्यार्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल कुलसचिव डॉ. प्रवीण सैनी से मिला।

भारद्वाज ने बताया कि यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम में देरी संबंधित दिक्कतों का लंबे समय से सामना करना पड़ रहा है, लेकिन केयू प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। इसके अलावा हाल ही में प्रशासन द्वारा रिअपियर की फीस में भी वृद्धि कर दी।


विद्यार्थियों में इसके प्रति रोष है। उनकी मांग है कि फीस में कटौती की जाए और परीक्षा परिणाम जल्दी घोषित किए जाएं। कुलसचिव ने आश्वासन दिया कि जल्द समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। इस अवसर पर बीपीएसओ के अनुराग हुड्डा, अमन, हनीष, तेजबीर, लाडी, जयंत, सिमरन, शिखा, श्वेता, जितेंद्र, प्रीतम, विकास और अंकित सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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