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Kurukshetra News: 18 दिनों तक मनाया जाएगा महोत्सव, आठ दिन के होंगे मुख्य कार्यक्रम, 11 दिसंबर को होगा दीपदान
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कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव इस बार भी कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा ही आयोजित किया जाएगा, जिसके 28 नवंबर से शुरू होने की संभावना है। आठ दिनों के मुख्य कार्यक्रम होंगे जबकि 11 दिसंबर को एकादशी पर दीपदान कर गीता जयंती मनाई जाएगी। महोत्सव को लेकर जहां अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती मेला प्राधिकरण विधानसभा सत्र में मुहर लगने व अधिसूचना जारी होने के बाद एक कदम नहीं बढ़ पाया है तो वहीं अब महोत्सव के आयोजन को लेकर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को इस आयोजन को लेकर पहली बैठक की गई, जिसमें पिछले वर्ष रही खामियों पर समीक्षा की गई तो इस बार आयोजन को लेकर समय रहते तैयारी करने पर भी मंथन किया गया।
केडीबी की बैठक मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. वैशाली शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में तय किया गया कि मुख्य कार्यक्रम आठ दिन के होंगे तो वहीं दीपदान एकादशी पर 11 दिसंबर को होगा। हालांकि महोत्सव की पूरी रूपरेखा पर मुख्यमंत्री द्वारा इसी माह मुहर लगाए जाने की संभावना जताई जा रही है, जिसके बाद तैयारियां और तेज कर दी जाएंगी। फिलहाल महोत्सव के प्रबंधों को लेकर कमेटियों का गठन कर दिया गया है। इन कमेटियों के चेयरमैन को स्कोप ऑफ वर्क तैयार करने के निर्देश दिए हैं। कमेटियों को 31 अगस्त तक टेंडर प्रक्रिया पूरी करनी है।
बैठक में केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने सुझाव दिए कि प्रबंधों को लेकर चार या पांच ऑडिट कमेटी का गठन किया जाए जो रोजाना अपनी रिपोर्ट केडीबी प्रशासन को दे। ब्रह्मसरोवर के अंदर चारों तरफ शरारती तत्वों को रोकने और फड़ी वालों पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने के लिए 40-50 कर्मचारियों की एक एनफोर्समेंट टीम का प्रबंध किसी सिक्योरिटी एजेंसी के माध्यम से किया जाए, पार्किंग स्थलों के अंदर अवैध रूप से लगने वाली दुकानों को रोका जाए और ब्रह्मसरोवर के बाहर सड़कों के किनारे खड़ी रेहड़ियों के अंकुश लगाया जाए। इस दौरान केडीबी सदस्य डाॅ. एमके मोदगिल, अशोक रोशा, डाॅ. ऋषिपाल मथाना, युधिष्ठिर बहल सहित अन्य अधिकारीगण व सदस्य मौजूद रहे।
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नियमित हो ब्रह्मसरोवर के अंदरुनी घाटों पर सफाई : छाबड़ा
कुरुक्षेत्र 48 कोस विकास एवं निगरानी कमेटी के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा ने सुझाव दिया कि ब्रह्मसरोवर के अंदरुनी घाटों पर नियमित रूप से सफाई व्यवस्था की जाए और प्रत्येक घंटे में कचरे का उठान कार्य किया जाना चाहिए तथा कमेटी के अधिकारियों को स्कोप ऑफ वर्क पर विशेष फोकस रखकर काम करना होगा ताकि किसी भी पार्टी को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न आए। एसडीएम नरेंद्र मलिक, डीआईपीआरओ डाॅ. नरेंद्र सिंह, लेखा अधिकारी राजेश गौड, केडीबी सदस्य अशोक रोशा ने भी सुझाव दिए।
अगस्त तक निविदा प्रक्रिया होगी पूरी
सीईओ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को सफल बनाने के लिए सभी अधिकारियों को अपनी-अपनी कमेटी के स्तर पर किए जाने वाले कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करना है, प्रबंधों के लिए स्कोप ऑफ वर्क पर विशेष ध्यान देना होगा और सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्वक करवाना होगा। इस मामले को सभी अधिकारी गंभीरता से लेंगे और अगस्त तक प्रबंधों के लिए सभी प्रकार की निविदा की प्रक्रिया को पूरा करेंगे।
प्राधिकरण बनाने में अभी लग सकता है समय : डॉ. वैशाली
केडीबी सीईओ डॉ. वैशाली शर्मा का कहना है कि अभी प्राधिकरण का पूरी तरह से गठन होने में समय लग सकता है। ऐसे में फिलहाल केडीबी को महोत्सव की तैयारी शुरू करने के निर्देश मिले हैं। समय रहते सभी तैयारी कर ली जाएगी। इस बीच भी प्राधिकरण बन जाता है तो सभी तैयारियां सौंप दी जाएंगी।
सूरजकुंड की तर्ज पर बनाया जाना है प्राधिकरण
सूरजकुंड व प्रयागराज की तर्ज पर प्राधिकरण बनाया जाना है और महोत्सव का पूरा आयोजन प्राधिकरण के जिम्मे दिया जाना है। इसी वर्ष महोत्सव प्राधिकरण द्वारा मनाया जाना था, लेकिन फरवरी में विधानसभा सत्र में इस बिल पर मुहर लगाए जाने व अधिसूचना जारी होने के बाद आज तक यह नहीं बन पाया है। बता दें कि इस बार महोत्सव 28 नवंबर से शुरू होने की संभावना है। पिछले वर्ष सात से 24 दिसंबर तक यह महोत्सव मनाया गया था।
34 साल से केडीबी कर रहा महोत्सव का आयोजन
केडीबी पिछले 34 साल से इस महोत्सव का आयोजन करता रहा है। गीता महोत्सव की शुरुआत साल 1989 में जिलास्तरीय उत्सव के रूप में हुई थी जबकि इससे पहले सामाजिक संस्थाएं अपने स्तर पर यह महोत्सव मनाती रही हैं। 1968 में बने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने गीता महोत्सव को व्यापक स्वरूप 1992 में ही देना शुरू किया और शिल्प व सरस मेला लगाया जाने लगा तो सांस्कृतिक व धार्मिक आयोजन भी बढ़ाए गए। इसके बाद 24 वर्षों तक इसी तर्ज पर मेला चलाया जाता रहा तो वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझाव पर वर्ष 2016 में प्रदेश सरकार ने पहली बार इसे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देना शुरू किया।
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केडीबी की बैठक मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. वैशाली शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में तय किया गया कि मुख्य कार्यक्रम आठ दिन के होंगे तो वहीं दीपदान एकादशी पर 11 दिसंबर को होगा। हालांकि महोत्सव की पूरी रूपरेखा पर मुख्यमंत्री द्वारा इसी माह मुहर लगाए जाने की संभावना जताई जा रही है, जिसके बाद तैयारियां और तेज कर दी जाएंगी। फिलहाल महोत्सव के प्रबंधों को लेकर कमेटियों का गठन कर दिया गया है। इन कमेटियों के चेयरमैन को स्कोप ऑफ वर्क तैयार करने के निर्देश दिए हैं। कमेटियों को 31 अगस्त तक टेंडर प्रक्रिया पूरी करनी है।
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बैठक में केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने सुझाव दिए कि प्रबंधों को लेकर चार या पांच ऑडिट कमेटी का गठन किया जाए जो रोजाना अपनी रिपोर्ट केडीबी प्रशासन को दे। ब्रह्मसरोवर के अंदर चारों तरफ शरारती तत्वों को रोकने और फड़ी वालों पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने के लिए 40-50 कर्मचारियों की एक एनफोर्समेंट टीम का प्रबंध किसी सिक्योरिटी एजेंसी के माध्यम से किया जाए, पार्किंग स्थलों के अंदर अवैध रूप से लगने वाली दुकानों को रोका जाए और ब्रह्मसरोवर के बाहर सड़कों के किनारे खड़ी रेहड़ियों के अंकुश लगाया जाए। इस दौरान केडीबी सदस्य डाॅ. एमके मोदगिल, अशोक रोशा, डाॅ. ऋषिपाल मथाना, युधिष्ठिर बहल सहित अन्य अधिकारीगण व सदस्य मौजूद रहे।
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नियमित हो ब्रह्मसरोवर के अंदरुनी घाटों पर सफाई : छाबड़ा
कुरुक्षेत्र 48 कोस विकास एवं निगरानी कमेटी के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा ने सुझाव दिया कि ब्रह्मसरोवर के अंदरुनी घाटों पर नियमित रूप से सफाई व्यवस्था की जाए और प्रत्येक घंटे में कचरे का उठान कार्य किया जाना चाहिए तथा कमेटी के अधिकारियों को स्कोप ऑफ वर्क पर विशेष फोकस रखकर काम करना होगा ताकि किसी भी पार्टी को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न आए। एसडीएम नरेंद्र मलिक, डीआईपीआरओ डाॅ. नरेंद्र सिंह, लेखा अधिकारी राजेश गौड, केडीबी सदस्य अशोक रोशा ने भी सुझाव दिए।
अगस्त तक निविदा प्रक्रिया होगी पूरी
सीईओ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को सफल बनाने के लिए सभी अधिकारियों को अपनी-अपनी कमेटी के स्तर पर किए जाने वाले कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करना है, प्रबंधों के लिए स्कोप ऑफ वर्क पर विशेष ध्यान देना होगा और सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्वक करवाना होगा। इस मामले को सभी अधिकारी गंभीरता से लेंगे और अगस्त तक प्रबंधों के लिए सभी प्रकार की निविदा की प्रक्रिया को पूरा करेंगे।
प्राधिकरण बनाने में अभी लग सकता है समय : डॉ. वैशाली
केडीबी सीईओ डॉ. वैशाली शर्मा का कहना है कि अभी प्राधिकरण का पूरी तरह से गठन होने में समय लग सकता है। ऐसे में फिलहाल केडीबी को महोत्सव की तैयारी शुरू करने के निर्देश मिले हैं। समय रहते सभी तैयारी कर ली जाएगी। इस बीच भी प्राधिकरण बन जाता है तो सभी तैयारियां सौंप दी जाएंगी।
सूरजकुंड की तर्ज पर बनाया जाना है प्राधिकरण
सूरजकुंड व प्रयागराज की तर्ज पर प्राधिकरण बनाया जाना है और महोत्सव का पूरा आयोजन प्राधिकरण के जिम्मे दिया जाना है। इसी वर्ष महोत्सव प्राधिकरण द्वारा मनाया जाना था, लेकिन फरवरी में विधानसभा सत्र में इस बिल पर मुहर लगाए जाने व अधिसूचना जारी होने के बाद आज तक यह नहीं बन पाया है। बता दें कि इस बार महोत्सव 28 नवंबर से शुरू होने की संभावना है। पिछले वर्ष सात से 24 दिसंबर तक यह महोत्सव मनाया गया था।
34 साल से केडीबी कर रहा महोत्सव का आयोजन
केडीबी पिछले 34 साल से इस महोत्सव का आयोजन करता रहा है। गीता महोत्सव की शुरुआत साल 1989 में जिलास्तरीय उत्सव के रूप में हुई थी जबकि इससे पहले सामाजिक संस्थाएं अपने स्तर पर यह महोत्सव मनाती रही हैं। 1968 में बने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने गीता महोत्सव को व्यापक स्वरूप 1992 में ही देना शुरू किया और शिल्प व सरस मेला लगाया जाने लगा तो सांस्कृतिक व धार्मिक आयोजन भी बढ़ाए गए। इसके बाद 24 वर्षों तक इसी तर्ज पर मेला चलाया जाता रहा तो वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझाव पर वर्ष 2016 में प्रदेश सरकार ने पहली बार इसे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देना शुरू किया।